गुजरात सरकार ने दो IAS अधिकारियों को किया जबरन रिटायर, जानिए कौन हैं राजेश और गौरव दहिया
गुजरात सरकार ने 'ऑपरेशन गंगाजल' के तहत भ्रष्टाचार और कदाचार के आरोपों में दो IAS अधिकारियों के. राजेश और गौरव दहिया को जबरन रिटायर कर दिया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: गुजरात सरकार ने ‘ऑपरेशन गंगाजल’ के तहत भ्रष्टाचार और कदाचार के आरोपों में दो IAS अधिकारियों के. राजेश और गौरव दहिया को जबरन रिटायर कर दिया है.
गुजरात सरकार ने ऑपरेशन गंगाजल के तहत दो IAS अधिकारियों पर कार्रवाई की है. उसने उन्हें जबरन रिटायर कर दिया है. अधिकारियों का नाम के.
राजेश और गौरव दहिया है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है. दरअसल, ये ऑपरेशन गंगाजल उन अधिकारियों के खिलाफ चलाया गया जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, जिनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है या जिन्होंने गंभीर कदाचार किया है.
2011 बैच के अधिकारी राजेश पहले से सस्पेंड चल रहे है. उनके खिलाफ रिश्वतखोरी, जमीन के अवैध आवंटन और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की जांच चल रही है. इन्हीं में कार्रवाई को देखते हुए रिटायर किया गया.
राजेश को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने साल 2022 में भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया था. ये मामला अप्रैल 2018 से जून 2021 के बीच सुरेंद्रनगर कलेक्टर के तौर पर उनके कार्यकाल से जुड़ा था.
राजेश पर हथियारों के लाइसेंस जारी करने और सरकारी जमीन के आवंटन के सिलसिले में रिश्वत लेने का आरोप था. बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ के तहत गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (मुकदमे की शिकायत) दायर की.
गौरव दहिया को क्यों किया गया जबरन रिटायर
2010 बैच के अधिकारी गौरव दहिया गांधीनगर में अतिरिक्त विकास आयुक्त के तौर पर काम कर रहे थे. उन्हें भी कदाचार के आरोपों की जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई के बाद रिटायर किया गया है.
सूबे की सरकार के एक अधिकारी का कहना है कि दहिया के खिलाफ एक्शन उनकी सर्विस के दौरान अनुशासनात्मक कार्यवाही, विवादों और कदाचार की जांच के बाद लिया गया है. इनमें नेशनल हेल्थ मिशन में उनके कार्यकाल से जुड़े मामले भी शामिल हैं.
गौरव दहिया ने अपने ऊपर लग आरोपों को खारिज किया और दावा किया कि उन्हें हनी-ट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल किया गया. बाद में दिल्ली पुलिस ने महिला की शिकायत के मामले में उन्हें क्लीन चिट दे दी.
हालांकि, उस समय गुजरात सरकार ने कहा था कि उनके खिलाफ अन्य शिकायतों की अलग-अलग विभागीय जांच अभी भी चल रही है. नवंबर 2019 में दहिया के खिलाफ वित्तीय लेन-देन की अलग से जांच के आदेश दिए गए थे. उनके वित्तीय लेन-देन से जुड़े आरोपों की जांच के लिए रिटायर्ड IAS अधिकारी वी.एस. गढवी को नियुक्त किया गया. आरोपों में महिला के लिए दिल्ली में एक फ्लैट खरीदना भी शामिल था.
गुजरात सरकार ने जुलाई 2023 में दहिया का सस्पेंशन रद्द कर दिया. इसके चार साल बाद उन्हें गांधीनगर में एडिशनल डेवलपमेंट कमिश्नर के पद पर नियुक्त किया गया. अब सरकार ने जबरन रिटायर कर दिया. अभी उनकी सर्विस 2044 तक थी यानी 18 साल बाकी थे. उनका रिटायरमेंट 42 साल में हो गया.
कौन हैं के. राजेश?
जबरन रिटायर किए गए के राजेश का जन्म 23 मार्च 1986 को हुआ. उन्होंने पांडिचेरी यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में B.Tech किया. UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद वे 2011 में IAS में शामिल हुए. सुरेंद्रनगर के कलेक्टर बनने से पहले उन्होंने जूनागढ़ और सूरत में असिस्टेंट कलेक्टर और सूरत में डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट ऑफिसर के तौर पर काम किया.
कौन हैं गौरव दहिया?
गौरव दहिया का जन्म 3 जून 1984 को हुआ. उन्होंने 2007 में दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से MBBS की पढ़ाई पूरी की और UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद 2010 में IAS में शामिल हुए. उन्होंने स्वास्थ्य और पर्यावरण विभागों में और नेशनल हेल्थ मिशन के मिशन डायरेक्टर के तौर पर काम किया. उन्होंने बनासकांठा और पाटन में जिला विकास अधिकारी के तौर पर भी काम किया.



