ज्ञानेश को बचाने के चक्कर में फंसे शाह, दीपके का अल्टीमेटम, ‘इस बार तेरा इस्तीफा होगा!’
ज्ञानेश को लेकर सियासी घमासान तेज… अभिजीत दीपके ने शाह को अल्टीमेटम देते हुए इस्तीफे की चेतावनी दी है... ज्ञानेश को लेकर शाह...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमाया हुआ है.. दिल्ली से लेकर मुंबई तक जबरदस्त प्रदर्शन हो रहे हैं.. वहीं दिल्ली में जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया.. जबकि मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी की अगुवाई में शिवाजी पार्क में बड़ी संख्या में लोग जुटे.. प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की रही.. आपको बता दें कि यह पूरा विवाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली.. और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सामने आया है.. CJP का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई गंभीर सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए..
इसी प्रदर्शन के दौरान CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके का एक वीडियो भी चर्चा में है.. वीडियो में दीपके केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए.. पुलिस कार्रवाई को लेकर चेतावनी देते नजर आते हैं.. उनके बयान के मुताबिक अगर दोबारा प्रदर्शनकारियों, खासकर युवाओं पर लाठीचार्ज जैसी कार्रवाई की गई.. तो सरकार से जवाब मांगा जाएगा.. और इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी.. अभिजीत दीपके ने अपने संबोधन में पिछले जंतर-मंतर आंदोलन का भी जिक्र किया.. और उन्होंने कहा कि उस आंदोलन के दौरान 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया था.. और अब ऐसी कार्रवाई दोबारा नहीं होनी चाहिए.. उनका यह बयान CJP के मौजूदा आंदोलन को पिछले आंदोलन से जोड़ते हुए सामने आया है..
अभिजीत दीपके ने अपने संबोधन में कहा कि पिछली बार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन हुआ था.. उस आंदोलन के दौरान 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई का उन्होंने हवाला दिया.. और कहा कि अगर इस बार भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ वैसी कार्रवाई दोहराई गई.. तो जिम्मेदारी तय करने की मांग की जाएगी.. दीपके के बयान में गृह मंत्री अमित शाह का नाम भी सामने आया.. उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों पर लाठी चलाने के आदेश दोबारा नहीं दिए जाने चाहिए.. साथ ही उन्होंने इस्तीफे की मांग को लेकर अपनी बात रखी..
दरअसल, CJP का मौजूदा आंदोलन उसके पहले हुए NEET पेपर लीक विवाद से भी जुड़ा हुआ है.. संगठन ने पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था.. उस समय CJP की ओर से पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया था.. आंदोलन के दौरान 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शनकारियों.. और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी और पुलिस कार्रवाई की खबरें सामने आईं.. CJP अब उसी घटनाक्रम को याद करते हुए मौजूदा आंदोलन में सरकार.. और पुलिस को चेतावनी दे रही है..
CJP के मुताबिक पिछला आंदोलन लंबे समय तक चला था.. और उसकी प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी.. संगठन का दावा है कि आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया.. और इसके बाद CJP ने अपना आंदोलन रोक दिया था.. वहीं मौजूदा आंदोलन में संगठन ने एक बार फिर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया है.. लेकिन इस बार मुद्दा शिक्षा मंत्रालय नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हैं.. CJP की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है.. आपको बता दें कि संगठन ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े सवालों को भी अपने आंदोलन का हिस्सा बनाया है..



