BJP के 41 पार्षदों पर गंभीर आरोप, 22 नोटिस के बाद भी 12 को टिकट
BJP के 41 पार्षदों के चुनावी खर्च को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं... आरोप है कि सभी पार्षदों ने चुनाव में महज ₹1.33 लाख खर्च किए...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात की राजनीति में चुनावी पारदर्शिता को लेकर आम आदमी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.. AAP के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने BJP के 41 पार्षदों पर चुनाव खर्च से जुड़े नियमों में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं.. इसुदान गढ़वी का दावा है कि इन 41 BJP पार्षदों ने चुनाव के दौरान अपने खर्च को लेकर ऐसे हलफनामे जमा किए.. जिनमें सभी ने लगभग एक समान रकम यानी 1 लाख 33 हजार रुपये का चुनावी खर्च दिखाया.. जिसको लेकर AAP का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर एक जैसी रकम दिखाया जाना कई सवाल खड़े करता है.. पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता.. और नियमों के समान रूप से पालन को लेकर BJP से जवाब मांगा है..
AAP प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी के मुताबिक.. 41 BJP पार्षदों के चुनावी खर्च से जुड़े हलफनामों में एक जैसी रकम दर्ज होना सामान्य बात नहीं मानी जा सकती.. उनका आरोप है कि सभी पार्षदों ने अपने चुनावी खर्च को 1.33 लाख रुपये के आसपास दिखाया.. जबकि चुनाव प्रचार के दौरान होने वाले अलग-अलग खर्च को देखते हुए इस आंकड़े पर सवाल उठना स्वाभाविक है.. AAP का कहना है कि चुनावी खर्च का हिसाब-किताब नियमों के मुताबिक.. और वास्तविक खर्च के आधार पर होना चाहिए.. अगर किसी उम्मीदवार के खर्च में विसंगति पाई जाती है.. तो संबंधित चुनावी अधिकारियों को उसकी जांच करनी चाहिए.. इसी आधार पर AAP ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है..
इसुदान गढ़वी ने आरोप लगाया कि इस मामले में संबंधित BJP पार्षदों को कई बार नोटिस भी जारी किए गए.. AAP के अनुसार कुल 22 बार नोटिस दिए जाने के बावजूद कथित तौर पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया.. वहीं अब सवाल यह है कि अगर चुनावी खर्च को लेकर इतने गंभीर सवाल उठे थे.. और संबंधित पार्षदों को बार-बार नोटिस भेजे गए थे.. तो आगे क्या कार्रवाई की गई.. AAP का आरोप है कि जवाब नहीं मिलने के बावजूद मामले में कड़ी कार्रवाई करने के बजाय राजनीतिक स्तर पर उन्हें फिर से मौका दिया गया..
आपको बता दें कि AAP का सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर किसी उम्मीदवार से चुनावी खर्च का हिसाब मांगा गया.. और उसने समय पर जवाब नहीं दिया.. तो नियमों के मुताबिक उसके खिलाफ क्या कदम उठाया गया.. इसुदान गढ़वी का आरोप है कि 22 नोटिस के बावजूद जवाब नहीं देने वाले 41 BJP पार्षदों में से 12 को दोबारा टिकट दे दिया गया.. AAP ने इसी फैसले को लेकर BJP पर निशाना साधा है.. पार्टी का कहना है कि चुनावी नियम केवल विपक्षी दलों या सामान्य उम्मीदवारों के लिए नहीं होने चाहिए.. बल्कि सत्ता पक्ष से जुड़े उम्मीदवारों पर भी समान रूप से लागू होने चाहिए.. अगर किसी उम्मीदवार के खिलाफ चुनावी खर्च को लेकर शिकायत या नोटिस लंबित है.. तो उसकी स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है..



