CEO ऑफिस के बाहर कांग्रेस-AAP का प्रदर्शन, कश्मीरी गेट पर बढ़ाई गई सुरक्षा

विपक्षी दलों की ओर से यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाए जा रहे सवालों और कथित “वोट चोरी” के आरोपों के विरोध में किया जा रहा है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और वाम दलों समेत विपक्षी दलों ने बुधवार को कश्मीरी गेट स्थित दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई।

विपक्षी दलों की ओर से यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाए जा रहे सवालों और कथित “वोट चोरी” के आरोपों के विरोध में किया जा रहा है। विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।

कश्मीरी गेट में भारी सुरक्षा व्यवस्था

प्रदर्शन को देखते हुए कश्मीरी गेट और CEO कार्यालय के आसपास पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई। पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग की और प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की। चुनाव आयोग के कार्यालय और आसपास के महत्वपूर्ण मार्गों पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। इससे पहले मंगलवार को भी विपक्षी सांसदों के मार्च के दौरान दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। प्रदर्शनकारियों को निर्धारित क्षेत्र से आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड लगाए। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।

कांग्रेस और AAP साथ-साथ मैदान में

इस प्रदर्शन में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ वाम दलों तथा अन्य विपक्षी समूहों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है।AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने पहले ही घोषणा की थी कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता बुधवार को दोपहर 1 बजे कश्मीरी गेट स्थित CEO कार्यालय के बाहर विपक्ष के प्रदर्शन में शामिल होंगे। विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर उनकी चिंताओं का समाधान किया जाना चाहिए और चुनाव आयोग को इस संबंध में पारदर्शिता बरतनी चाहिए।

SIR को लेकर क्या है विवाद?

SIR यानी Special Intensive Revision के तहत मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण किया जा रहा है। विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि इससे मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष ने इस मुद्दे को “वोट चोरी” के आरोप से जोड़ते हुए चुनाव आयोग के सामने अपनी आपत्तियां रखने की कोशिश की है। हालांकि, ये विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप हैं और चुनाव आयोग का रुख अलग रहा है। ऐसे में विवाद का मुख्य केंद्र मतदाता सूची की प्रक्रिया, उसके सत्यापन और उसमें पारदर्शिता से जुड़े सवाल हैं।

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के प्रदर्शन का एक प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा भी है। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची और SIR से जुड़े सवालों पर जवाब देना चाहिए। प्रदर्शनकारी इसी मुद्दे को लेकर CEO कार्यालय तक मार्च कर रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से विपक्ष के आरोपों को स्वीकार नहीं किया गया है। इसलिए इस पूरे विवाद में दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग संदर्भ में देखना जरूरी है।

एक दिन पहले भी हुआ था प्रदर्शन

दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का सिलसिला पिछले कई दिनों से जारी है। मंगलवार को भी INDIA ब्लॉक के कई नेताओं और सांसदों ने चुनाव आयोग की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मार्च को रोकने के बाद कई नेताओं को हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

दिल्ली के कश्मीरी गेट स्थित CEO कार्यालय के बाहर कांग्रेस, AAP और अन्य विपक्षी दलों के प्रदर्शन के चलते राजधानी में सियासी हलचल बढ़ गई है। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था की है और बैरिकेडिंग की गई है।

विपक्षी दल SIR और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को लेकर चुनाव आयोग पर दबाव बना रहे हैं और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं, इन आरोपों पर अंतिम स्थिति संबंधित तथ्यों, चुनाव आयोग के जवाब और आगे की कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी। फिलहाल कश्मीरी गेट और CEO कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और प्रदर्शन के कारण इलाके में यातायात भी प्रभावित हो सकता है।

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