कूड़े से बदबू, धुएं से परेशानी और नदी किनारे डंपिंग… गोला में क्यों भड़के लोग?
गोरखपुर के गोला में सरयू तट पर कूड़ा डंपिंग के विरोध में लोगों ने प्रदर्शन किया। नगर पंचायत ने कूड़ा हटाने का आश्वासन दिया, लेकिन नदी किनारे कूड़ा दबाने के आरोप से नाराजगी बढ़ी।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गोरखपुर के गोला में सरयू नदी का किनारा इन दिनों कूड़े के ढेर और उससे उठती दुर्गंध को लेकर चर्चा में है। मंगलवार को वार्ड 18 और 5 के लोगों ने बिसरा मार्ग के पास नदी तट पर कूड़ा डाले जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। नगर पंचायत ने कूड़ा हटाने का आश्वासन दिया, लेकिन इसके बाद स्थानीय लोगों ने हटाए गए कूड़े को नदी किनारे गड्ढे में दबाने का आरोप लगाया।
10 दिनों से नदी किनारे डाला जा रहा था कूड़ा
स्थानीय लोगों के मुताबिक बिसरा मार्ग के किनारे ठोकर के पास करीब 10 दिनों से नगर का कूड़ा वाहनों से लाकर डंप किया जा रहा था। कूड़े से दुर्गंध फैलने के साथ उसमें आग लगाए जाने पर धुआं भी आसपास के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा था। लोगों का कहना है कि धुएं से बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत होती है, जबकि कूड़ा सड़क तक पहुंचने से आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।
कूड़ा हटाने का आश्वासन, फिर दबाने का आरोप
प्रदर्शन की सूचना पर 112 पुलिस पहुंची। नगर पंचायत कर्मचारी और ठेकेदार विनोद वर्मा ने लोगों से बातचीत कर कूड़ा हटाने का आश्वासन दिया। इसके बाद जेसीबी से सड़क पर पड़ा कूड़ा हटाया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसी कूड़े को नदी तट पर गड्ढा खोदकर दबा दिया गया, जिससे नाराजगी और बढ़ गई।
डीएम की हिदायत के बाद भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले बरदेसिया घाट पर कूड़ा डाला जा रहा था और विरोध के बाद स्थान बदलकर बिसरा मार्ग कर दिया गया। अगिलगहवा में तैयार हो रहा कूड़ा निस्तारण केंद्र अभी पूरी तरह संचालित नहीं है। वहीं, शनिवार को तहसील दिवस में डीएम दीपक मीणा ने नदी तट पर कूड़ा न डालने और एनजीटी नियमों का पालन करने की हिदायत दी थी। ईओ गोला वैभव चौधरी के मुताबिक बारिश के कारण निस्तारण केंद्र में दिक्कत है, मौसम ठीक होते ही वहां व्यवस्था फिर शुरू होगी।
रिपोर्ट – अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर
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