विधायक के घर फायर ब्रिगेड से धुलाई, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल
दाहोद में विधायक बच्चू खाबड़ के निजी आवास की सफाई में सरकारी फायर ब्रिगेड के इस्तेमाल का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात के दाहोद जिले के देवगढ़ बारिया नगरपालिका की सरकारी फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है.. दरअसल, फायर ब्रिगेड की इस गाड़ी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.. वीडियो सामने आने के बाद सवाल इसलिए उठ रहे हैं.. क्योंकि इसमें सरकारी फायर ब्रिगेड की गाड़ी से एक विधायक के निजी आवास की साफ-सफाई और धुलाई होती दिखाई दे रही है.. यह विधायक हैं बच्चूभाई खाबड़.. जो देवगढ़ बारिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं.. और राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं.. वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं.. सबसे बड़ा सवाल यही है कि आपात स्थिति में इस्तेमाल होने वाली सरकारी फायर ब्रिगेड की गाड़ी का उपयोग निजी आवास की सफाई के लिए कैसे किया गया..
दाहोद जिले के देवगढ़ बारिया नगरपालिका की फायर ब्रिगेड का यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आया.. मामला चर्चा में आ गया.. वीडियो में कथित तौर पर देखा जा सकता है कि.. धानपुर तहसील के पीपेरो गांव में विधायक बच्चूभाई खाबड़ के निजी आवास पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची हुई है.. इस गाड़ी से पानी की तेज धार के जरिए मकान और आसपास के हिस्से की सफाई की जा रही है.. आमतौर पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग लगने, दुर्घटना, बाढ़ या अन्य आपात परिस्थितियों में लोगों की मदद के लिए इस्तेमाल की जाती हैं.. ऐसे में सरकारी फायर टेंडर का इस्तेमाल किसी जनप्रतिनिधि के निजी आवास की सफाई के लिए किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद सवाल खड़े होना स्वाभाविक है.. सोशल मीडिया पर लोग इस पूरे मामले को लेकर नगरपालिका प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं..
वीडियो में दिखाई दे रही इस कार्रवाई को लेकर अब कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं.. आखिर किसके निर्देश पर नगरपालिका की फायर ब्रिगेड को विधायक के निजी आवास पर भेजा गया.. क्या किसी अधिकारी से इसकी अनुमति ली गई थी.. क्या सरकारी फायर टेंडर का इस्तेमाल निजी काम के लिए करने की कोई निर्धारित प्रक्रिया है.. और अगर निजी इस्तेमाल की अनुमति थी.. तो क्या इसके लिए नगरपालिका के नियमों के मुताबिक शुल्क लिया गया.. ये ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब अब नगरपालिका प्रशासन की जांच के बाद ही साफ हो पाएंगे.. मामला सामने आने के बाद नगरपालिका प्रशासन भी हरकत में आया है..
अधिकारियों की ओर से पूरे प्रकरण की जांच किए जाने की बात कही जा रही है.. इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल.. और जनप्रतिनिधियों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर बहस छेड़ दी है..
नगरपालिका से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में विधायक बच्चूभाई खाबड़ के बेटे बलवंत खाबड़ के नाम पर 2,700 रुपये की रसीद काटकर शुल्क वसूला गया है.. यानी फायर ब्रिगेड के इस्तेमाल के लिए नगरपालिका की ओर से कथित तौर पर 2,700 रुपये की फीस ली गई.. वहीं अब यही रसीद भी इस पूरे मामले में चर्चा का एक अहम हिस्सा बन गई है.. सवाल यह है कि अगर सरकारी फायर ब्रिगेड का निजी इस्तेमाल नियमों के तहत किया जा सकता है.. तो इसकी प्रक्रिया क्या है और क्या सभी आम नागरिकों को भी ऐसी सुविधा उपलब्ध है.. वहीं, अगर इस तरह का इस्तेमाल नियमों के तहत नहीं आता.. तो सिर्फ शुल्क जमा कर देने से क्या सरकारी वाहन के निजी इस्तेमाल को उचित माना जा सकता है..



