10 अक्टूबर को दिल्ली में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार पर बढ़ेगा दबाव?

चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर रिकॉर्ड में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: चुनाव आयोग की काली करतूत सामने आने के बाद जनता में भारी आक्रोश का माहौल है। ऐसे में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मोदी प्रेम को जनता ने पूरी तरह से भांप लिया है और लोग उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। लगातार सवाल उठ रहे हैं की कैसे कोई इतने बड़े पद पर बैठे रहकर सरकार की गुलामी कर सकता है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के आने के बाद से विपक्ष और जनता सड़कों पर है।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर रिकॉर्ड में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ फैसले दोनों चुनाव आयुक्तों की जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए। इसके बाद विपक्ष CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर देशभर में प्रदर्शन कर रहा है।

विपक्ष का आरोप है कि SIR के दौरान वोटर लिस्ट में बदलाव और नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 की प्रक्रिया में चुनाव आयोग ने पारदर्शिता नहीं बरती। विपक्ष ने आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों और सुप्रीम कोर्ट में फॉर्म-6 को लेकर हुई सुनवाई का हवाला दिया। कांग्रेस का आरोप है कि CEC ज्ञानेश कुमार ने भाजपा का साथ दिया और वोट चोरी कराई।

वहीं इसके बाद से लगातार इस्तीफे की मांग की जा रही है लेकिन ज्ञानेश के सर पर मानों मोदी-शाह का ऐसा साया है कि उनके इस्तीफे तक बात पहुँच ही नहीं पा रही है। ज्ञानेश के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार विपक्ष आंदोलन कर रहा है। पुलिस से झड़प हो रही है। पुलिस बाकायदा विपक्ष से ऐसे पेश आ रही है मानो विपक्ष न होकर कोई देश विरोधी लोग हों। लगातार बर्बरता की जा रही है।

इस बीच राहुल और प्रियंका गांधी के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस से मारपीट मामले में FIR दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, तीन FIR दर्ज हुई हैं, इनमें दोनों नेताओं का नाम है। इससे पहले, 6 सितंबर को मार्च के दौरान आकाशवाणी बिल्डिंग में घुसने के मामले में FIR दर्ज हुई थी।

राहुल गांधी ने कहा था, ‘मैं FIR से डरता नहीं हूं। मेरे खिलाफ 45 FIR हो चुकी हैं। मैं चाहता हूं 100 FIR हों।’ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के गृह जिले आगरा में घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। लगातार चल रहे विरोध प्रदर्शनों के चलते यह निर्णय लिया गया है। ज्ञानेश कुमार को पहले से ही जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है।

SIR और चीफ इलेक्शन कमिश्नर के खिलाफ इंडिया ब्लॉक का प्रदर्शन आज तीसरे दिन भी जारी रहेगा। कांग्रेस ने आज अपने सभी सांसदों और मुख्यमंत्रियों को दिल्ली बुलाया है। कांग्रेस के साथ टीएमसी, लेफ्ट पार्टियों के साथ-साथ दूसरे दल भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं।

इस बीच ममता बनर्जी भी आज दिल्ली पहुंच रही हैं। आज कांग्रेस राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने और 6-7 अक्टूबर को प्रोटेस्ट के दौरान कथित बदसलूकी के खिलाफ ब्लैक डे मना रही है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस ने हाथापाई और बदसलूकी की।

कांग्रेस ने सर्कुलर जारी करके सांसदों को दिल्ली में उपस्थित रहने को कहा है। कांग्रेस आज भी बड़ा विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, इसकी जगह और वक्त अभी तय नहीं हैं। बीते बुधवार को कांग्रेस के नेता पहले कनॉट प्लेस में जमा हुए। उसके बाद अचानक जंतर-मंतर का कॉल दे दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें रोका।

वहीं, दूसरी तरफ बेंगलुरू में आज सीजेपी फ्रीडम पार्क में प्रोटेस्ट करेगी। ये प्रोटेस्ट SIR और महिलाओं पर हो रही हिंसा के खिलाफ है। सीजेपी SIR को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। इसके बाद अभिजीत दिपके के नेतृत्व में ‘चप्पल प्रदर्शन’ किया जाएगा। रिपोर्टों के मुताबिक दिपके स्थानीय लोगों से भी बातचीत करेंगे और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने से जुड़े उनके अनुभव सुनेंगे।

अभिनेता और एक्टिविस्ट प्रकाश राज ने भी सोशल मीडिया के जरिए लोगों से बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में SIR से प्रभावित होने का दावा करने वाले लोगों के साथ युवा संगठन और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। प्रकाश राज ने बाद में ध्रुव राठी के कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी भी साझा की। उन्होंने राठी को इस प्रदर्शन का ‘स्पेशल गेस्ट’ बताया। ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि लोकतंत्र से जुड़े मुद्दे को लेकर लोगों को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में जुटना चाहिए। उन्होंने दिल्ली में रहने वाले लोगों से भी 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की।

बेंगलुरु के बाद CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन का ऐलान किया है। अभिजीत दिपके ने कहा है कि इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जाएगी। CJP ने इससे पहले 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में भी प्रदर्शन किया था।

उस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे और CEC के इस्तीफे के साथ SIR को लेकर कई मांगें उठाई गई थीं। अब संगठन बेंगलुरु के बाद दिल्ली में आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। CJP की तरफ से 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण होने वाले प्रदर्शन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

सीजेपी के 10 अक्टूबर से प्रस्तावित ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन से पहले दिल्ली में बड़े पैमाने पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की तैयारी की गई है। रिपोर्ट है कि गृह मंत्रालय ने 8 से 12 अक्टूबर के बीच दिल्ली पुलिस को 221 CAPF कंपनियां उपलब्ध कराई हैं। इन कंपनियों में करीब 23 हजार जवान शामिल हैं।

इसके अलावा रिपोर्ट है कि 15 हजार दिल्ली के पुलिसकर्मी भी तैनात होंगे। इसके लिए जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से सीआरपीएफ कंपनियाँ बुलाई गई हैं। रिपोर्ट है कि छत्तीसगढ़ से जिन कंपनियों को दिल्ली लाया जा रहा है, उनमें ऐसी कंपनियां भी शामिल हैं जो नक्सल विरोधी अभियानों के लिए तैनात हैं। छात्र संगठन AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष और जेएनयू की पीएचडी स्कॉलर नेहा बोरा ने इसको लेकर एक पोस्ट साझा किया है।

केंद्रीय बलों के अलावा दिल्ली पुलिस की भी बड़े पैमाने पर तैनाती होगी। सूत्रों के मुताबिक, कम से कम 15 हजार दिल्ली पुलिसकर्मी जमीन पर तैनात किए जाएंगे। इस तरह 10 अक्टूबर से शुरू होने वाले प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में केंद्रीय बल और स्थानीय पुलिस दोनों की बड़ी मौजूदगी रहने की संभावना है।

माना जा रहा है कि अतिरिक्त बल इसलिए उपलब्ध कराए गए हैं ताकि दिल्ली में जारी प्रदर्शनों के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस के आकलन के मुताबिक अतिरिक्त बलों की जरूरत महसूस हुई और इसके बाद 8 से 12 अक्टूबर तक तैनाती को मंजूरी दी गई। यह पहली बार नहीं है जब सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में बड़ी संख्या में केंद्रीय बल तैनात किए जा रहे हैं।

जुलाई में हुए सीजेपी प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में 150 CAPF कंपनियां तैनात की गई थीं। उस समय पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से भी केंद्रीय बलों को एयरलिफ्ट करके दिल्ली लाया गया था। इसके अलावा जुलाई के प्रदर्शन को देखते हुए 111 कंपनियां दिल्ली पुलिस को उपलब्ध कराई गई थीं।

SIR को लेकर विपक्षी दल भी चुनाव आयोग पर सवाल उठाते रहे हैं। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों को पूर्ण आयोग द्वारा सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही है। ऐसे में अब सीजेपी ने 10 अक्टूबर से दिल्ली में एक नए आंदोलन का ऐलान किया है, जिसे ‘जंतर-मंतर 2.0’ नाम दिया गया है।

इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा है। खैर देखना ये होगा कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा कब देते हैं। और ज्ञानेश के इस्तीफे के बाद और किन-किन लोगों का इस्तीफा होगा। कुलमिलाकर ज्ञानेश कुमार को लेकर हुए खुलासे के बाद से बीजेपी और चुनाव आयोग सवालों के घेरे में है।

Related Articles

Back to top button