गरबा-डांडिया में मुस्लिमों की एंट्री पर बरेली में विवाद, साध्वी प्राची ने जताया विरोध

नवरात्र से पहले गरबा और डांडिया आयोजनों में मुस्लिम युवकों की एंट्री को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर अब साध्वी प्राची ने भी मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक की मांग का समर्थन किया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: नवरात्र से पहले गरबा और डांडिया आयोजनों में मुस्लिम युवकों की एंट्री को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर अब साध्वी प्राची ने भी मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक की मांग का समर्थन किया है।

शनिवार को बरेली के सर्किट हाउस पहुंचीं साध्वी प्राची ने आरोप लगाया कि कुछ मुस्लिम युवक हिंदू धार्मिक आयोजनों में अपनी पहचान छिपाकर पहुंचते हैं और वहां हिंदू लड़कियों को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं। हालांकि, उन्होंने अपने इन आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।

साध्वी प्राची ने कहा कि गरबा और डांडिया केवल मनोरंजन के कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि हिंदू धार्मिक आस्था और संस्कृति से जुड़े आयोजन हैं। ऐसे में आयोजकों को कार्यक्रमों में प्रवेश को लेकर सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद की ओर से मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक की मांग का समर्थन करते हुए आयोजनों में पहचान की जांच किए जाने की बात कही।

गरबा-डांडिया आयोजनों को लेकर बढ़ा विवाद

नवरात्र के दौरान देश के कई हिस्सों में गरबा और डांडिया कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में युवक-युवतियां शामिल होते हैं। इसी बीच कुछ हिंदू संगठनों की ओर से मुस्लिम युवकों की एंट्री को लेकर आपत्ति जताई जा रही है।

इसी विवाद के बीच बरेली में साध्वी प्राची ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने धार्मिक आयोजनों की प्रकृति का हवाला देते हुए आयोजकों से प्रवेश व्यवस्था को लेकर सावधानी बरतने की अपील की।उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मुस्लिम युवक कथित तौर पर पहचान छिपाकर ऐसे आयोजनों में पहुंचते हैं। साध्वी प्राची का दावा है कि उनका उद्देश्य हिंदू लड़कियों को तलाशना और उनसे संपर्क करना होता है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में उन्होंने किसी विशेष घटना, व्यक्ति या आधिकारिक रिपोर्ट का उल्लेख नहीं किया।

‘गरबा और डांडिया हिंदू आस्था से जुड़े आयोजन’

साध्वी प्राची ने कहा कि गरबा और डांडिया हिंदू धार्मिक परंपरा का हिस्सा हैं। उनके मुताबिक, इन आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों की पहचान और प्रवेश व्यवस्था को लेकर आयोजकों को पहले से स्पष्ट नियम बनाने चाहिए।उन्होंने बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद की ओर से मुस्लिम युवकों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग का समर्थन किया। उनका कहना है कि धार्मिक आयोजनों की गरिमा और सुरक्षा बनाए रखना आयोजकों की जिम्मेदारी है।हालांकि, इस मुद्दे पर अलग-अलग पक्षों की अलग-अलग राय सामने आती रही है। जहां कुछ हिंदू संगठन पहचान सत्यापन और प्रवेश प्रतिबंध की मांग करते हैं, वहीं ऐसी मांगों को लेकर सामाजिक समावेश और भेदभाव के सवाल भी उठते रहे हैं।

‘पूर्वज एक, डीएनए भी एक’

साध्वी प्राची ने मुस्लिम समाज को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले लोगों के पूर्वज एक रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने दावा किया कि भगवान राम और भगवान कृष्ण से जुड़ा डीएनए सभी भारतीयों में है।उनके इस बयान के बाद धार्मिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और साझा पूर्वजों को लेकर बहस की गुंजाइश बन गई है। हालांकि, डीएनए और धार्मिक पहचान को जोड़ने वाला यह बयान उनके व्यक्तिगत दावे के तौर पर सामने आया है।

इस्मित मच्छर की भी की प्रशंसा

बरेली दौरे के दौरान साध्वी प्राची ने इस्मित मच्छर की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अपनी जान की परवाह किए बिना करीब 180 लोगों की जिंदगी बचाना मानवता का बड़ा उदाहरण है।साध्वी प्राची ने इस्मित को अपना भाई बताते हुए उसके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की। उनके मुताबिक, किसी व्यक्ति द्वारा संकट के समय दूसरों की जान बचाने के लिए आगे आना मानवता का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

विपक्ष पर साध्वी प्राची का निशाना

इस्मित मच्छर को लेकर विपक्ष की प्रतिक्रिया पर भी साध्वी प्राची ने राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कट्टरपंथी उसका वोट बैंक हैं और सत्ता हासिल करने के लिए विपक्ष इसी वोट बैंक पर निर्भर है।उन्होंने विपक्ष की राजनीति को वोट बैंक से जोड़ते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल इसी वजह से विशेष वर्ग को लेकर राजनीति करते हैं। ये आरोप साध्वी प्राची की राजनीतिक टिप्पणी हैं।

राहुल गांधी को लेकर किया बड़ा दावा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर भी साध्वी प्राची ने टिप्पणी की। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना दावा किया कि वह कभी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे।हालांकि, यह साध्वी प्राची का राजनीतिक दावा है और भविष्य में प्रधानमंत्री कौन बनेगा, इसे लेकर इस तरह की भविष्यवाणी का कोई आधिकारिक आधार नहीं है। उनके इस बयान को राजनीतिक बयानबाजी के तौर पर देखा जा रहा है।

SIR के विरोध पर भी विपक्ष को घेरा

मतदाता सूची से जुड़े SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर भी साध्वी प्राची ने विपक्ष पर निशाना साधा।उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तारीफ करते हुए उन्हें ईमानदार बताया। साथ ही दावा किया कि SIR का विरोध करने के पीछे विपक्ष की चिंता वोट बैंक प्रभावित होने को लेकर है।SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच पहले से ही मतभेद सामने आते रहे हैं। विपक्ष जहां प्रक्रिया और उसके संभावित प्रभाव को लेकर सवाल उठाता रहा है, वहीं इसके समर्थक इसे मतदाता सूची को व्यवस्थित और अधिक विश्वसनीय बनाने की प्रक्रिया बताते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ

साध्वी प्राची ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने प्रधानमंत्री को ईमानदार, देशभक्त और विकास पुरुष बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज के कारण विपक्ष लगातार उनका विरोध करता है। साध्वी प्राची ने केंद्र सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री के नेतृत्व का समर्थन करते हुए विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाए। अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के दीर्घायु होने की कामना की।

बरेली दौरे में कई मुद्दों पर खुलकर बोलीं साध्वी प्राची

बरेली के सर्किट हाउस में साध्वी प्राची ने गरबा-डांडिया में मुस्लिम युवकों की एंट्री, धार्मिक पहचान, साझा पूर्वजों, इस्मित मच्छर, विपक्ष की राजनीति, SIR और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। गरबा-डांडिया में प्रवेश को लेकर उनके बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। आयोजनों में किसे प्रवेश दिया जाए और पहचान सत्यापन की व्यवस्था कैसी हो, इसे लेकर आने वाले दिनों में विवाद और राजनीतिक बयानबाजी बढ़ने की संभावना है। फिलहाल, साध्वी प्राची के आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं रखा गया है। ऐसे में उनके बयानों को उनके द्वारा लगाए गए आरोप और राजनीतिक टिप्पणी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

रिपोर्ट –सुनील सक्सेना,बरेली

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