गोवा से पुणे पहुंचेगा नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर,फार्महाउस में होगा अंतिम संस्कार

हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर है। 75 वर्ष की उम्र में गोवा में अंतिम सांस लेने वाले नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर अब पुणे लाया जाएगा।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर है। 75 वर्ष की उम्र में गोवा में अंतिम सांस लेने वाले नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर अब पुणे लाया जाएगा। उनका अंतिम संस्कार पुणे जिले के डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस में किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने उनके अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ कराने का फैसला किया है।

पुणे के फार्महाउस में दी जाएगी अंतिम विदाई

नाना पाटेकर का पुणे के डोंजे गांव से खास जुड़ाव रहा है। उनका फार्महाउस सिंहगढ़ की तलहटी के पास स्थित है और यह जगह उनके लिए बेहद करीबी मानी जाती रही है। अब इसी फार्महाउस में उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। रिपोर्टों के अनुसार, गोवा से नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर पुणे लाया जाएगा। इसके बाद उनके फार्महाउस परिसर में अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

नाना पाटेकर के सिनेमा और रंगमंच में योगदान को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने उनके अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ कराने का निर्णय लिया है। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने इसकी जानकारी दी।

सरकार ने उनके मराठी रंगमंच के साथ-साथ हिंदी और मराठी सिनेमा में योगदान को महत्वपूर्ण बताया है।  नाना पाटेकर का पुणे स्थित फार्महाउस उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। वह मुंबई की फिल्मी चकाचौंध से दूर शांत और ग्रामीण माहौल में समय बिताना पसंद करते थे।

रिपोर्टों के मुताबिक, डोंजे स्थित यह फार्महाउस करीब 27 एकड़ में फैला हुआ है। नाना पाटेकर का यहां से लंबे समय से जुड़ाव था और वह इसे सुकून की जगह मानते थे। यही वजह है कि परिवार की ओर से उनके अंतिम संस्कार के लिए भी इसी स्थान को चुना गया है। उनके बेटे मल्हार के हवाले से रिपोर्टों में बताया गया है कि अंतिम संस्कार डोंजे स्थित फार्म पर किया जाएगा।

कई दशकों तक सिनेमा पर रहा नाना का प्रभाव

नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में कई दशकों तक काम किया। थिएटर से अपने करियर की शुरुआत करने वाले नाना पाटेकर ने बाद में फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई।

‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अब तक छप्पन’, ‘वेलकम’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया। गंभीर किरदारों से लेकर कॉमेडी तक, उन्होंने अलग-अलग तरह की भूमिकाओं में अपनी प्रतिभा साबित की। उन्हें अपने अभिनय के लिए तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों सहित कई बड़े सम्मान मिले थे।

नाना पाटेकर के निधन की खबर से बॉलीवुड और मराठी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। सहकर्मी कलाकारों, फिल्म निर्माताओं और राजनीतिक नेताओं ने उनके निधन पर दुख जताया है। नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ एक अभिनेता के तौर पर नहीं थी, बल्कि उनकी बेबाक आवाज, दमदार संवाद अदायगी और सामाजिक सरोकारों के कारण भी उन्हें अलग सम्मान मिला। उनके निधन के बाद उनके अभिनय और सामाजिक योगदान को याद किया जा रहा है।

पुणे में होगी अंतिम विदाई

गोवा में निधन के बाद अब नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर पुणे लाया जाएगा। डोंजे स्थित फार्महाउस में उनके अंतिम दर्शन की व्यवस्था की जाएगी और इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार उसी जगह पर होना जहां उनका गहरा जुड़ाव रहा, उनके प्रशंसकों और करीबियों के लिए भावुक क्षण होगा। दशकों तक अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले नाना पाटेकर अब अपनी फिल्मों, किरदारों और यादगार संवादों के जरिए हमेशा याद किए जाएंगे।

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