सऊदी में सोने की खरीद पर नया नियम लागू, अब पहचान सत्यापन अनिवार्य
सऊदी अरब में सोने की खरीद-बिक्री को लेकर नया नियम लागू किया गया है... वहीं अब 50 हजार सऊदी रियाल से ज्यादा के सोने के...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः सऊदी अरब में सोने और कीमती रत्नों की खरीदारी करने वाले लोगों के लिए अब नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है.. सऊदी वाणिज्य मंत्रालय ने कीमती धातुओं और रत्नों से जुड़े नकद लेनदेन को लेकर एक नया निर्देश जारी किया है.. नए नियम के तहत अब 50 हजार सऊदी रियाल या उससे अधिक के नकद लेनदेन पर ग्राहक की पहचान का सत्यापन करना अनिवार्य होगा.. वहीं इस कदम का मुख्य उद्देश्य वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाना.. और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है.. मंत्रालय के इस फैसले का सीधा असर सोने, कीमती धातुओं.. और रत्नों का कारोबार करने वाले व्यापारियों के साथ-साथ बड़ी राशि में खरीदारी करने वाले ग्राहकों पर पड़ेगा.. अब ऐसे लेनदेन में पहचान और दस्तावेजों की जांच पहले की तुलना में अधिक सख्त होगी..
सऊदी वाणिज्य मंत्रालय की ओर से फेडरेशन ऑफ सऊदी चैंबर्स को भेजे गए एक ज्ञापन में इन नए नियमों की जानकारी दी गई है.. निर्देश के अनुसार 50 हजार सऊदी रियाल या उससे अधिक के नकद लेनदेन में ग्राहक की पहचान करना.. और उसकी पहचान से जुड़े दस्तावेजों का उचित सत्यापन करना जरूरी होगा.. यानी अब केवल ग्राहक से पहचान पत्र मांग लेना ही पर्याप्त नहीं माना जाएगा.. व्यापारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रस्तुत किए गए दस्तावेज वास्तविक और वैध हैं.. इसके साथ ही ग्राहक की पहचान और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड को निर्धारित नियमों के अनुसार सुरक्षित रखना होगा.. मंत्रालय का मानना है कि इस व्यवस्था से बड़ी रकम वाले नकद लेनदेन पर निगरानी मजबूत होगी.. और वित्तीय प्रणाली का दुरुपयोग करने की संभावनाओं को कम किया जा सकेगा..
नए नियम की एक महत्वपूर्ण बात यह है कि.. इसका दायरा केवल एक बड़े लेनदेन तक सीमित नहीं रहेगा.. यदि कोई ग्राहक कई छोटे-छोटे नकद लेनदेन करता है.. और वे लेनदेन आपस में जुड़े हुए या एक ही उद्देश्य से किए गए प्रतीत होते हैं.. तो उन पर भी पहचान सत्यापन की प्रक्रिया लागू हो सकती है.. इसका मतलब यह है कि कोई व्यक्ति बड़ी राशि को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर नियमों से बचने की कोशिश करता है.. तो व्यापारी को ऐसे लेनदेन पर भी विशेष ध्यान देना होगा.. संबंधित व्यापारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे लेनदेन के पैटर्न को समझें.. और किसी भी असामान्य गतिविधि को नजरअंदाज न करें.. इस प्रावधान का उद्देश्य नकद राशि को छोटे लेनदेन में बांटकर पहचान.. और निगरानी की प्रक्रिया से बचने की संभावनाओं को रोकना है..
मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक सोने और कीमती रत्नों का कारोबार करने वाले व्यापारियों को अपनी सभी शाखाओं.. और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में स्पष्ट नोटिस भी प्रदर्शित करना होगा.. इन नोटिस के जरिए ग्राहकों को यह जानकारी दी जाएगी कि निर्धारित सीमा से अधिक के नकद लेनदेन में पहचान सत्यापन की प्रक्रिया अनिवार्य है.. इससे ग्राहकों को पहले से पता रहेगा कि.. बड़ी नकद खरीदारी करते समय उन्हें अपनी पहचान से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने पड़ सकते हैं.. व्यापारियों के लिए भी यह जरूरी होगा कि वे अपने कर्मचारियों को नए नियमों की जानकारी दें.. और यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक शाखा में नियमों का समान रूप से पालन हो.. इस तरह सऊदी अरब सरकार ने केवल नियम बनाने के बजाय ग्राहकों.. और व्यापारियों, दोनों को इस व्यवस्था के बारे में जागरूक करने पर भी जोर दिया है..
आपको बता दें कि इन नए प्रावधानों में सबसे अहम जोर पहचान दस्तावेजों के सत्यापन पर दिया गया है.. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि केवल ग्राहक का आईडी दस्तावेज जमा कर लेना पर्याप्त नहीं होगा.. व्यापारी को यह भी जांचना होगा कि दस्तावेज सही, वैध.. और प्रामाणिक है या नहीं.. यानी पहचान की प्रक्रिया केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी.. बल्कि दस्तावेज की वास्तविकता की पुष्टि करना भी व्यापारी की जिम्मेदारी होगी.. इसके साथ ही पहचान सत्यापन से संबंधित रिकॉर्ड को उचित तरीके से बनाए रखना होगा.. इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बड़े या संदिग्ध नकद लेनदेन की.. स्थिति में संबंधित अधिकारियों के पास आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो.. इससे जांच प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है.. और वित्तीय अपराधों की निगरानी मजबूत हो सकती है..
हालांकि 50 हजार सऊदी रियाल की सीमा को लेकर एक महत्वपूर्ण बात व्यापारियों.. और ग्राहकों को समझनी होगी.. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह सीमा पहचान सत्यापन से जुड़े नए प्रावधान के संदर्भ में है.. इसका मतलब यह नहीं है कि 50 हजार रियाल से कम मूल्य के लेनदेन पर अन्य कानूनी जिम्मेदारियां समाप्त हो जाएंगी.. कीमती धातुओं और रत्नों से संबंधित कानूनों के तहत इनवॉइस जारी करने.. और आवश्यक डेटा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारियां पहले की तरह बनी रहेंगी.. यानी व्यापारियों को अपने नियमित रिकॉर्ड, बिलिंग और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना ही होगा.. नई पहचान सत्यापन व्यवस्था मौजूदा नियमों की जगह नहीं लेती.. बल्कि वित्तीय पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत करने के लिए उनमें एक अतिरिक्त स्तर जोड़ती है..



