देशभर से लोग 1 नवंबर को दिल्ली से मांगेंगे ज्ञानेश का इस्तीफा, मोदी की हालत खराब

दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महारैली को लेकर कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भाजपा राज में फैले भ्रष्टाचार को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर है। वोट चोरी जैसे मुद्दों पर बीजेपी सरकार सवालों के घेरे में है।

इसी बीच ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन ने बड़ी तैयारी कर ली है। दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महारैली को लेकर कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं.

रैली में लोगों की भागीदारी को लेकर हरियाणा और उत्तर प्रदेश के नेताओं ने बड़े दावे किए हैं. कांग्रेस की योजना एक नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली महारैली से पहले बड़े स्तर पर जनभागीदारी जुटाने की है.

केसी वेणुगोपाल ने बैठकों के दौरान कहा कि पार्टी को केवल रैली तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि मार्च भी निकालना है. उनके अनुसार, ‘दिल्ली चलो मार्च’ एक नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेगा और इसके बाद रामलीला मैदान में महारैली होगी.

केसी वेणुगोपाल ने दावा किया कि इस अभियान में देशभर से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे. उन्होंने कम से कम 10 लाख नागरिकों के मार्च में हिस्सा लेने की उम्मीद जताई. हालांकि, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के नेताओं ने अपने-अपने राज्यों के लिए क्रमश: एक लाख और 50 हजार लोगों का लक्ष्य बताया है.

रैली की तैयारियों को लेकर कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ उत्तर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की. बैठक में उत्तर प्रदेश के एआईसीसी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए. इसमें एक नवंबर की रैली के लिए लोगों को जुटाने और संगठन की तैयारियों पर चर्चा की गई.

इसके बाद हरियाणा कांग्रेस के नेताओं के साथ भी बैठक हुई. इसमें हरियाणा के एआईसीसी प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया. हरियाणा से अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति पर विचार किया गया.

हरियाणा के कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बैठक के बाद कहा कि भारत की जनता अपने मताधिकार की चोरी नहीं होने देगी. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा और हरियाणा से रामलीला मैदान में ऐतिहासिक जनभागीदारी होगी.

कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने बताया कि हरियाणा को एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन राज्य इससे भी अधिक लोगों को दिल्ली लाएगा.

वहीं, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिलों से लोग रैली में शामिल होंगे और 50 हजार लोगों की भागीदारी का लक्ष्य पूरा किया जाएगा. कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता में दोनों राज्यों के नेताओं के साथ हुई बैठकों में रैली की तैयारियों और जनभागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई.

इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित रैली को लेकर कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि बैठक में हरियाणा को एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य दिया गया है. उन्होंने दावा किया कि हरियाणा इस लक्ष्य को पूरा करेगा और निर्धारित संख्या से भी अधिक लोगों को दिल्ली लेकर आएगा.

सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि रैली के लिए तैयारियां पूरी हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि एक नवंबर को रामलीला मैदान में हरियाणा की बड़ी भागीदारी दिखाई देगी. उनके मुताबिक, रैली में हरियाणा की मौजूदगी प्रमुख रूप से नजर आएगी.

वहीं इस रैली को लेकर नेताओं की लगातार प्रतिक्रिया भी सामने आ रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में आगामी 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की वोट चोरी के खिलाफ होने वाली रैली ऐतिहासिक होगी। इस रैली में देश भर से लोग आएंगे, लेकिन मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि सबसे ज्यादा भागीदारी हरियाणा प्रदेश कांग्रेस की होगी।

कांग्रेस नेता वीरेन्द्र वशिष्ठ ने कहा, ‘हरियाणा का टारगेट आपको 1 तारीख को दिखेगा। उस रैली में भी आपको हरियाणा के लोग सबसे ज्यादा दिखेंगे क्योंकि राहुल गांधी हमारी लड़ाई लड़ रहे हैं क्योंकि हरियाणा की सरकार है वोट चोरी से सत्ता चोरी की है।

इसी कड़ी में यूपी ने भी इस रैली को लेकर जोर दिया है। प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ छह जोन के कांग्रेस नेताओं के साथ बैठकें कर रैली की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की सियासत में हाशिए पर चल रही कांग्रेस को पहले दिल्ली रैली के लिए 25 हजार कार्यकर्ताओं को लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

प्रदेश प्रभारी व प्रदेश अध्यक्ष ने पिछले दिनों में बैठकें कर कांग्रेस नेताओं की राय लेकर रैली में उत्तर प्रदेश से दो लाख कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। इस सिलसिले में अभी तक अवध, बुंदेलखंड और पूर्वांचल जोन की बैठकें हो चुकी हैं। प्रयागराज, ब्रज और पश्चिम जोन की बैठकें आयोजित की जानी। प्रयागराज जोन की बैठक 25 अक्टूबर को दोपहर दो बजे प्रयागराज के शंकरलाल मेमोरियल हाल में होगी।

महारैली के लिए जिलावार जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। राष्ट्रीय सचिवों को छह जोन का सह-प्रभारी बनाकर संगठनात्मक बैठकों, जनसंपर्क और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। बता दें कि अजय राय ने भी रैली में प्रदेश की भागीदारी को लेकर भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि रैली में सबसे बड़ी भागीदारी उत्तर प्रदेश की हो सकती है.

प्रदेश के सभी 75 जिलों से लोग पूरी ताकत के साथ दिल्ली पहुंचेंगे. अजय राय ने बताया कि उत्तर प्रदेश को 50 हजार लोगों को जुटाने का लक्ष्य दिया गया है. उन्होंने कहा कि पार्टी इस लक्ष्य को पूरा करेगी. कांग्रेस प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लोगों को रैली में शामिल कराने की तैयारी कर रही है.

हालांकि इस रैली को लेकर चिंता जताते हुए दिल्ली में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी को पत्र लिखा है और रैली को दिवाली के त्योहार तक स्थगित करने का अनुरोध किया है.

सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र में लिखा, ‘हमें जानकारी मिली है कि आपकी पार्टी की ओर से 1 नवंबर को रामलीला मैदान में महारैली का आयोजन किया जा रहा है.

आपसे विनम्र निवेदन है कि इस रैली को 10 नवंबर (भैया दूज) के बाद स्थगित किया जाए, क्योंकि वर्तमान में दिवाली व्यापार अपने पीक सीजन पर है.’ पत्र में लिखा है, ‘इस साल धनतेरस 6 नवंबर को है, दीपावली 8 नवंबर को और भैया दूज 10 नवंबर को है.

लोग 1 हफ्ते पहले ही धनतेरस और दीपावली की खरीददारी शुरू कर देते हैं. धनतेरस को लेकर ही दिल्ली में सभी सेक्टरों, सोना-चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, ड्राई फ्रूट्स, मिठाईयां, ऑटोमोबाइल, गाड़ियां, प्रॉपर्टी, गिफ्ट आइटम में लगभग 25 हजार करोड़ रुपए का कारोबार होता है। यह व्यापार दिल्ली की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है.’

विपक्ष ज्ञानेश कुमार के मुद्दे को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं दिखाई दे रहा है। इस मामले पर अब तक की सबसे बड़ी रैली का आयोजन होने जा रहा है। जिससे बीजेपी की हालत खराब नजर आ रही है।

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