ज्ञानेश कुमार पर राहुल गांधी का हमला, कहा- बीजेपी के फायदे के लिए पद का किया दुरुपयोग
राहुल गांधी ने हालिया बयानों में ज्ञानेश कुमार की भूमिका और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उन्होंने अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मदद के लिए किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले ज्ञानेश कुमार का इस्तेमाल बीजेपी के लिए उम्मीदवारों की भर्ती में मदद करने के लिए किया गया और बाद में उन्हें चुनावों का “अंपायर” बना दिया गया।
राहुल गांधी के इन आरोपों के बाद चुनाव आयोग की निष्पक्षता, चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों में कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने अपने सरकारी पद का इस्तेमाल बीजेपी के पक्ष में किया।
राहुल गांधी ने एक पूर्व नौकरशाह के दावे का हवाला देते हुए कहा कि जब ज्ञानेश कुमार IAS अधिकारी के रूप में कार्यरत थे, तब उन्होंने एक अधिकारी को बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था। यह दावा केरल के पूर्व मुख्य सचिव जीजी थॉमसन से जुड़ा है।
थॉमसन ने दावा किया है कि 2016 में एक उड़ान के दौरान ज्ञानेश कुमार ने उन्हें 2019 का लोकसभा चुनाव बीजेपी के टिकट पर लड़ने का सुझाव दिया था। थॉमसन के मुताबिक, उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। राहुल गांधी ने इसी दावे को आधार बनाकर ज्ञानेश कुमार की वर्तमान भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
‘पहले बीजेपी के लिए भर्ती, अब चुनाव के अंपायर’
राहुल गांधी का आरोप है कि जिस अधिकारी पर बीजेपी के लिए उम्मीदवारों की भर्ती में मदद करने का आरोप लगा हो, उसे बाद में देश के चुनावों की निगरानी करने वाली संवैधानिक संस्था का प्रमुख बनाया गया।उन्होंने इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी राजनीतिक हमला बोला और आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार को चुनावी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई।
राहुल गांधी ने चुनावों को लेकर ‘मैच फिक्सिंग’ जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया है। हालांकि, ये राहुल गांधी द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और इनके संबंध में किसी न्यायिक संस्था द्वारा ऐसा निष्कर्ष घोषित नहीं किया गया है।
राहुल गांधी की मांग क्या है?
राहुल गांधी लगातार ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने पहले भी ज्ञानेश कुमार से पद छोड़कर पूरे मामले में गवाह बनने की अपील की थी। उनका कहना है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किए हैं। हालिया दिनों में दिल्ली और मुंबई समेत कई जगहों पर इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद फिलहाल खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। एक तरफ राहुल गांधी और विपक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी और चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज कर रहे हैं।
इस पूरे मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच होती है या नहीं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों पर किस तरह का आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आता है। फिलहाल, ज्ञानेश कुमार पर राहुल गांधी के आरोप राजनीतिक दावे हैं, जबकि बीजेपी और चुनाव आयोग इन आरोपों को स्वीकार नहीं करते। ऐसे में इस विवाद का अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध सबूतों, आधिकारिक जांच और संबंधित संस्थाओं के फैसलों पर निर्भर करेगा।



