चुनाव आयोग के खिलाफ सड़कों पर उतरे ठाकरे ब्रदर्स, मांग लिया ज्ञानू का इस्तीफा

राज ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए कहा, 'ज्ञानेश कुमार का चेहरा लगाकर घूम रहे हैं, अच्छा चेहरा लगाइए.'

4पीएम न्यूज नेटवर्क: देश में इन दिनों एक बार फिर बदलाव की लहर नजर आ रही है। और ये लहर है मोदी सरकार के षड्यंत्रों के खिलाफ। अब बच्चा-बच्चा जान चुका है कि किस तरह से मोदी सरकार ने छलावा करके सत्ता हासिल की है।

चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार को लेकर हुए खुलासे के बाद से सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। नेताओं की लगातार प्रतिक्रिया सामने आ रही है और जनता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रही है। इसी बीच महाराष्ट्र में एक बार फिर चुनाव आयोग के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला।

दरअसल महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे ने मिलकर भारत निर्वाचन आयोग पर कड़ा हमला बोला है। ठाकरे बंधुओं की महाराष्ट्र की जनता से आज मुंबई में एक बड़ी जन-विरोध रैली की अपील के बाद बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया है।

इस प्रदर्शन का मकसद वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर और चुनावी रोल की ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ प्रक्रिया से जुड़ी संरचनात्मक गड़बड़ियों का विरोध करना है। इसे लेकर बीते रोज शिवसेना (यूबीटी) और मनसे ने तीखा हमला करते हुए चुनाव आयोग पर वोटरों को धोखा देने और केंद्र में सत्ताधारी पार्टी की एक शाखा की तरह काम करने का आरोप लगाया। हालांकि, मनसे और शिवसेना (यूबीटी) इस प्रदर्शन के लिए संगठनात्मक तैयारी कर रहे हैं, लेकिन नेताओं ने जोर दिया कि यह विरोध पार्टी की राजनीति से ऊपर है।

इस रैली को एक बड़े जन-आंदोलन के तौर पर पेश करते हुए, आयोजकों ने सभी राजनीतिक दलों से बातचीत करके एकजुट विपक्षी मोर्चा बनाने की योजना की पुष्टि की। बयान में कहा गया, ‘यह जनता की रैली है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह किसी एक पार्टी तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे राजनीतिक सिस्टम और नागरिकों की सामूहिक आवाज बने, हम इस मोर्चे में शामिल होने के लिए सभी राजनीतिक दलों से संपर्क करेंगे।’ इस आंदोलन को देश के लोकतांत्रिक ढांचे और संस्थागत अखंडता की रक्षा के लिए एक निर्णायक लड़ाई बताया गया।

वहीं इस रैली में हजारों की संख्या में लोग देखने को मिल रहे हैं। इसी दौरान अपने भाषण में राज ठाकरे ने चुनाव आयोग को लेकर कई तरह के सवाल उठाए साथ ही अपनी दो प्रमुख मांगें भी रखीं. राज ठाकरे ने कहा कि अब तक जो SIR हुआ है, उसे कैंसिल किया जाए और दूसरी मांग है कि, अब बैलेट पेपर से वोटिंग होनी चाहिए.

ठाकरे ने सवाल किया कि लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बीच करीब छह महीने में मतदाताओं की संख्या में इतनी बड़ी बढ़ोतरी कैसे हुई? राज ठाकरे ने कहा कि देश में सत्ता में कौन बैठेगा, इसका फैसला जनता को करना चाहिए, चुनाव आयोग को नहीं. राज ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए कहा, ‘ज्ञानेश कुमार का चेहरा लगाकर घूम रहे हैं, अच्छा चेहरा लगाइए.’

इसी दौरान महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों पर सवाल उठाते हुए राज ठाकरे ने कहा कि चुनाव में पूर्ण बहुमत मिलने के बावजूद महाराष्ट्र में उस तरह का उत्साह नजर नहीं आया. उन्होंने कहा, ‘विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत मिला, लेकिन महाराष्ट्र में सन्नाटा था. यह कैसी विजय है? लोकसभा से विधानसभा चुनाव के बीच छह महीने में 40 लाख मतदाता बढ़ गए. ऐसा क्या हुआ कि 40 से 60 लाख वोट बढ़ गए?’

राज ठाकरे ने कहा कि देश में सरकार चुनने का अधिकार मतदाताओं का है. उन्होंने कहा, ‘इस देश में सत्ता में कौन बैठे, यह जनता को तय करना चाहिए, चुनाव आयोग को नहीं.’ इसके साथ ही राज ठाकरे ने कहा कि वह कई साल से चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि 2018-19 में ही उन्होंने वोटों की चोरी का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा, ‘हमें वोट चोरी के खिलाफ कदम उठाना चाहिए. मैंने उस समय भी सोनिया गांधी से कहा था और चुनाव का बहिष्कार करने की अपील की थी. 2018-19 में ही मैंने कहा था कि वोटों की चोरी हो रही है, क्योंकि इस तरह मतदान हो ही नहीं सकता.’

इस वोट चोरी के मामले पर अन्य दलों के नेताओं की प्रतिक्रिया भी सामने आ रही हैं। इसी बीच शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा, “यह विरोध देश में चल रहे हिटलर-जैसे शासन, चुनावों को हाईजैक करने, चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को अपनी जेब में रखने, तानाशाही चलाने, वोट और चुनाव चुराने, और सांसदों व विधायकों को तोड़ने के खिलाफ है…न सिर्फ संजय राउत बल्कि इस मामले पर बोलते हुए शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत ने कहा, “आज देश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, खासकर कि चुनाव आयोग में भ्रष्टाचार और उनके काम करने के तरीके को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं।

इससे पहले ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए इससे पहले CJP भी मुंबई में बड़ा प्रदर्शन किया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी जोरदार प्रदर्शन हुआ। जिसके बाद अब ठाकरे बन्दुओं से प्रदर्शन शुरू किया है। बता दें कि शिवसेना का यह मार्च सुबह करीब 11:30 बजे मुंबई के बायकुला से शुरू हुआ और CSMT की ओर जाएगा.

पहले मार्च को BMC मुख्यालय तक ले जाने की योजना बताई गई थी, लेकिन बाद में मार्ग में बदलाव किया गया. ठाकरे गुट और MNS ने मार्च में पार्टी झंडों के बजाय तिरंगा रखने की अपील की है. मार्च को देखते हुए मुंबई पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है. प्रमुख इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है. पुलिस की ओर से मार्च की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलग-अलग स्तर पर तैयारी की गई है.

इससे पहले 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR पर रोक की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था. गौरतलब है कि अब ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज होती जा रही है। देखना ये होगा की मोदी-शाह आखिर कैसे उन्हें बचाते हैं। या की उन्हें इस्तीफा देना ही पड़ सकता है।

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