डायबिटीज में मीठे से कहीं और ज्यादा बड़े हैं ये खतरे

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
डायबिटीज आज दुनिया की प्रमुख स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल है। यह ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर रक्त में मौजूद ग्लूकोज यानी शर्करा को ठीक तरह से नियंत्रित नहीं कर पाता। डायबिटीज के कई प्रकार हैं, लेकिन टाइप-2 डायबिटीज सबसे आम प्रकारों में से एक है। इसके विकास में आनुवंशिक कारणों के साथ-साथ शरीर का वजन, शारीरिक गतिविधि और जीवनशैली सहित कई कारक भूमिका निभा सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 2022 में दुनिया भर में लगभग 83 करोड़ वयस्क डायबिटीज के साथ रह रहे थे। डायबिटीज को अक्सर लोग केवल मिठाई खाने से जोड़ते हैं। लेकिन वास्तविकता अधिक जटिल है। किसी व्यक्ति में डायबिटीज का जोखिम केवल मिठाई खाने से तय नहीं होता। भोजन की पूरी गुणवत्ता, शरीर का वजन, शारीरिक गतिविधि, आनुवंशिक जोखिम और अन्य स्वास्थ्य कारक भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए सिर्फ मिठाई छोड़ देना पर्याप्त स्वास्थ्य रणनीति नहीं है।
अनियंत्रित डायबिटीज का असर
लंबे समय तक रक्त शर्करा का स्तर अधिक रहने पर शरीर के विभिन्न अंग प्रभावित हो सकते हैं। आंखें, गुर्दे, नसें और हृदय सहित कई अंगों पर इसका असर पड़ सकता है। इसीलिए डायबिटीज की पहचान होने के बाद केवल शुगर की एक रिपोर्ट नहीं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य पर नजर रखना जरूरी है। स्वस्थ वजन बनाए रखना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना और संतुलित आहार लेना टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। यदि किसी व्यक्ति का वजन अधिक है तो चिकित्सक की सलाह से धीरे-धीरे वजन कम करना उपयोगी हो सकता है।
लक्षण
कुछ लोगों में अत्यधिक प्यास, बार-बार पेशाब आना, अधिक भूख, वजन में अनचाहा बदलाव, थकान या धुंधला दिखाई देना जैसे लक्षण हो सकते हैं। लेकिन कई लोगों में शुरुआत में स्पष्ट लक्षण नहीं होते। इसीलिए जोखिम वाले लोगों में चिकित्सकीय सलाह के अनुसार रक्त शर्करा की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।
शारीरिक गतिविधि की भूमिका
नियमित व्यायाम शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता और समग्र स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है। तेज चलना, साइकिल चलाना, तैरना, योग या अन्य गतिविधि व्यक्ति की क्षमता के अनुसार अपनाई जा सकती है। जो व्यक्ति लंबे समय से निष्क्रिय है, उसे अचानक बहुत कठिन व्यायाम शुरू करने के बजाय धीरे-धीरे शुरुआत करनी चाहिए।
भोजन में क्या खाएं
भोजन में सब्जियों, दालों, साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन को जगह देना उपयोगी है। मीठे पेय, अत्यधिक प्रसंस्कृत भोजन और बहुत अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों को सीमित करना चाहिए। सिर्फ भोजन की एक चीज को दोष देने के बजाय पूरी भोजन-पद्धति को देखना जरूरी है। वहीं यह एक आम सवाल है। वैसे तो फल पौष्टिक आहार का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन डायबिटीज वाले व्यक्ति के लिए भोजन की मात्रा, कुल कार्बोहाइड्रेट और व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है। इसलिए सभी फल बंद जैसी सामान्य सलाह उचित नहीं है। वहीं डायबिटीज की दवा चल रही हो तो केवल एक-दो सामान्य रिपोर्ट देखकर दवा बंद करना उचित नहीं है। इसी तरह किसी रिश्तेदार या परिचित की दवा अपने लिए शुरू करना भी सुरक्षित तरीका नहीं है। दवा की मात्रा और प्रकार व्यक्ति की स्थिति के अनुसार चिकित्सक तय करते हैं।



