UAE के राष्ट्रपति ने भारतीय पायलट को ‘ऑर्डर ऑफ जायेद II’ से नवाजा
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के जांबाज भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार... और उनके क्रू मेंबर्स को यूएई के राष्ट्रपति...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः आकाश में मौत को मात देकर सैकड़ों निर्दोष जिंदगियां बचाने वाले.. फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार को दुबई के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान ऑर्डर ऑफ जायद द्वितीय, फर्स्ट क्लास से नवाजा गया है.. यह सम्मान उन्हें इसलिए मिला क्योंकि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना सैकड़ों लोगों की जान बचाई.. समारोह में जब घायल हाथ में ब्रेस पहने कैप्टन स्मित अपने पूरे क्रू के साथ पहुंचे.. तो हर आंख में गर्व और सम्मान की भावना झलक रही थी.. लोग उनके जुनून, साहस और समर्पण को देखकर भावुक हो गए..
आपको बता दें कि संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने खुद कैप्टन मच्छहर को गले से लगा लिया.. यह दृश्य बहुत भावुक करने वाला था.. इस मौके पर दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम भी मौजूद थे.. दोनों अमीरात के शाही परिवारों के कई सदस्य भी वहां आए हुए थे.. समारोह में सिर्फ कैप्टन को ही नहीं बल्कि पूरे क्रू मेंबर्स को भी सम्मानित किया गया.. सबने मिलकर उस खतरनाक हादसे में यात्रियों की जान बचाई थी..
बता दें कि ऑर्डर ऑफ जायद द्वितीय यूएई का एक बहुत बड़ा नागरिक और सैन्य सम्मान है.. यह सम्मान उन लोगों को दिया जाता है.. जिन्होंने देश और समाज के लिए असाधारण, साहसिक और उत्कृष्ट काम किया हो.. दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद ने क्रू सदस्यों को पदक सौंपते हुए कहा कि.. संकट के समय उनका साहस, जिम्मेदारी का अहसास.. और तुरंत सही निर्णय लेने की क्षमता यूएई के विमानन क्षेत्र के उच्चतम मानकों को दिखाती है.. उन्होंने कहा कि ऐसे हीरो से हमें गर्व होता है..
वहीं अब बात करते हैं उस घटना की जो 30 सितंबर को हुई थी.. दोस्तों फ्लाईदुबई की उड़ान दुबई से तेल अवीव जा रही थी.. विमान में करीब 170 से ज्यादा यात्री और क्रू सदस्य सवार थे.. उड़ान सामान्य चल रही थी.. अचानक ओमान के को-पायलट ने कॉकपिट में हमला कर दिया.. उसका इरादा ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान पहुंचाने का था.. उसने कैप्टन स्मित मच्छार पर क्रैश ऐक्स से हमला किया.. कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए.. विमान तेजी से नीचे गिरने लगा.. करीब 14 हजार फीट ऊंचाई से विमान अचानक गिरने लगा.. यात्री डर गए.. माहौल बहुत खौफनाक हो गया..
वहीं ऐसी भयानक स्थिति में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने अदम्य साहस दिखाया.. वे खुद गंभीर रूप से घायल थे.. दर्द से तड़प रहे थे.. खून बह रहा था.. फिर भी उन्होंने बेमिसाल सूझबूझ का परिचय दिया.. और उन्होंने अपनी आखिरी ताकत लगाकर कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया.. दरवाजा खुलते ही क्रू मेंबर्स और कुछ यात्री अंदर घुस गए.. उन्होंने हमलावर को-पायलट को काबू में कर लिया.. दो अन्य पायलट जो यात्री के रूप में सवार थे.. उन्होंने विमान का कंट्रोल संभाला.. विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उतार दिया गया.. सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित बच गए.. कोई जान नहीं गई..
यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्सी ने 9 अक्टूबर को एक बयान में बताया था कि.. इस घटना के आरोपी ओमानी सह-पायलट का इरादा ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान पहुंचाना था.. उसने विमान को इजरायल के एयरपोर्ट पर गिराने की योजना बनाई थी.. लेकिन कैप्टन मच्छार की बहादुरी ने उसकी योजना को नाकाम कर दिया.. कैप्टन स्मित मच्छार मुंबई से हैं.. वे कई सालों से फ्लाईदुबई के लिए उड़ानें भर रहे हैं.. वे अनुभवी पायलट हैं.. उन्होंने कई मुश्किल हालात में विमान उड़ाए हैं.. लेकिन ऐसा खतरनाक अनुभव पहली बार हुआ.. अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी उन्होंने कहा कि उन्होंने सिर्फ अपना फर्ज निभाया.. वे कहते हैं कि यात्रियों की जान बचाना उनका कर्तव्य था.. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से भी बात की.. मोदी जी ने उनकी बहादुरी की तारीफ की..



