UP News: बांदा में छात्रों का सत्याग्रह, 6 मांगों को लेकर प्रदर्शन के बाद SDM ने दिया आश्वासन

उत्तर प्रदेश के बांदा स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय सत्याग्रह किया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के बांदा स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय सत्याग्रह किया। छात्र नेताओं ने छात्र संघ चुनाव बहाल करने, बालक छात्रावास का निर्माण कराने, आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराने समेत कुल छह मांगों को लेकर आवाज उठाई।

सत्याग्रह के दौरान छात्रों ने सांकेतिक धरना दिया और हस्ताक्षर अभियान चलाकर अपनी मांगों के समर्थन में माहौल बनाया। आंदोलन स्थल पर पहुंचे एसडीएम बांदा ने छात्रों की समस्याएं सुनीं और उनका ज्ञापन लिया। प्रशासन की ओर से मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने फिलहाल अपना सत्याग्रह स्थगित कर दिया।

हालांकि, छात्र नेताओं ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को दोबारा शुरू किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आमरण अनशन भी किया जाएगा।

महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण से हुई शुरुआत

छात्रों के सत्याग्रह कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर, शहीद भगत सिंह और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने शपथ ग्रहण कर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

छात्र नेताओं का कहना था कि महाविद्यालय और विश्वविद्यालय से जुड़ी कई समस्याएं लंबे समय से छात्रों के सामने हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों और विश्वविद्यालय प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है।

हस्ताक्षर अभियान चलाकर दर्ज कराया विरोध

सत्याग्रह के दौरान छात्रों ने हस्ताक्षर अभियान भी चलाया। छात्रों ने अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित एक समस्या चार्ट तैयार किया और सांकेतिक धरना दिया। छात्र नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन छात्रों की मूलभूत सुविधाओं और शैक्षणिक हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर है। उनका उद्देश्य प्रशासन और विश्वविद्यालय का ध्यान इन समस्याओं की ओर आकर्षित करना है।

छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग

छात्रों की प्रमुख मांगों में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव तत्काल बहाल करना शामिल रहा। छात्र नेताओं का कहना है कि छात्र संघ छात्रों की समस्याओं को विश्वविद्यालय और प्रशासन के सामने उठाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। ऐसे में छात्र संघ चुनाव की बहाली को लेकर छात्र लगातार आवाज उठा रहे हैं। सत्याग्रह के दौरान इस मांग को प्रमुखता से उठाया गया और छात्रों ने विश्वविद्यालय स्तर पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।

बालक छात्रावास और डिजिटल लाइब्रेरी की मांग

छात्रों ने महाविद्यालय में बालक छात्रावास का निर्माण कराने की मांग भी रखी। छात्रों का कहना है कि कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है।

इसके साथ ही छात्रों ने महाविद्यालय में आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की मांग की। उनका कहना है कि मौजूदा समय में डिजिटल संसाधन उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन सामग्री और ऑनलाइन संसाधनों तक बेहतर पहुंच मिलनी चाहिए।

खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने की भी मांग

छात्रों ने महाविद्यालय के खेल मैदानों की स्थिति का मुद्दा भी उठाया। सत्याग्रह के दौरान जर्जर बास्केटबॉल और बैडमिंटन ग्राउंड के जीर्णोद्धार की मांग की गई। छात्र नेताओं ने कहा कि कॉलेज में पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों के लिए भी बेहतर सुविधाएं जरूरी हैं। खराब खेल मैदानों के कारण छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसलिए मैदानों का जल्द जीर्णोद्धार कराया जाना चाहिए।

प्राचार्य आवास को कब्जे से मुक्त कराने की मांग

छात्रों ने महाविद्यालय परिसर स्थित प्राचार्य आवास को कथित अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग भी उठाई। इसके अलावा परिसर में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी छात्रों की छह सूत्रीय मांगों में शामिल रही। छात्र नेताओं ने इन सभी मुद्दों को महाविद्यालय और छात्रों के हित से जुड़ा बताते हुए प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की।

छात्रों से मिलने पहुंचे SDM

सत्याग्रह की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम बांदा आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। छात्र नेताओं ने एसडीएम को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने छात्रों को उनकी मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

प्रशासन की ओर से मिले आश्वासन के बाद छात्रों ने फिलहाल अपना एक दिवसीय सत्याग्रह स्थगित कर दिया।हालांकि छात्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन से मामला समाप्त नहीं हुआ है। यदि निर्धारित समय में मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो छात्र फिर से आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।

आमरण अनशन की चेतावनी

सत्याग्रह कर रहे छात्रों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया और समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

छात्र नेताओं ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे आमरण अनशन शुरू करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें किसी व्यक्तिगत हित से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सुविधाओं तथा शैक्षणिक माहौल से संबंधित हैं।

वरिष्ठ छात्र नेता लव सिन्हा ने दिया समर्थन

सत्याग्रह को वरिष्ठ छात्र नेता लव सिन्हा का भी समर्थन मिला। उन्होंने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर छात्रों की मांगों के समर्थन में लिखित समर्थन पत्र सौंपा। लव सिन्हा ने कहा कि छात्रों की जायज मांगों के लिए वह हर स्तर पर उनके साथ खड़े हैं। जरूरत पड़ने पर बड़े आंदोलन में भी सहयोग करने की बात उन्होंने कही। वहीं, वरिष्ठ छात्र नेताओं की ओर से महाविद्यालय में कथित भ्रष्टाचार को लेकर भी सवाल उठाए गए और छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया गया। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

राजनीतिक दलों और पूर्व छात्र नेताओं का भी समर्थन

छात्रों के आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक दलों और पूर्व छात्र संघ पदाधिकारियों का समर्थन भी मिला। मौके पर भाजपा से बाबू राम निषाद, समाजवादी पार्टी से नीलम गुप्ता और मयंक द्विवेदी, कांग्रेस से मोहन साहू, एनएसयूआई से शैलेंद्र सिंह पटेल समेत कई लोग पहुंचे।

इसके अलावा पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सुशील त्रिवेदी, अशोक सिंह कच्छवाहा और सुरेंद्र मिश्रा ‘पप्पू’ सहित अन्य लोगों ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। इस दौरान समर्थकों ने छात्रों की मांगों को लेकर प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।

छात्रों ने कहा- मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा तेज

सत्याग्रह के दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि उनकी मांगें छात्रों के हित से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने प्रशासन से मांगों पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने की अपील की। एक छात्र नेता ने कहा कि यदि समय रहते मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वहीं वरिष्ठ छात्र नेता लव सिन्हा ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर वह उनके साथ बड़े आंदोलन में भी शामिल होंगे।

फिलहाल स्थगित हुआ सत्याग्रह, अब कार्रवाई का इंतजार

एसडीएम के आश्वासन के बाद छात्रों ने फिलहाल अपना सत्याग्रह स्थगित कर दिया है। अब छात्रों की नजर प्रशासन और विश्वविद्यालय की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है। छात्र नेताओं ने संकेत दिया है कि यदि आश्वासन के बावजूद मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है।

रिपोर्ट:- इकबाल खान,बांदा

Related Articles

Back to top button