KC Tyagi से किनारा करने की तैयारी में JDU, क्या पार्टी से होगी छुट्टी?
बिहार की राजनीति में एक बार फिर भारी हलचल देखने को मिल रही है...एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं..

4पीएम न्यूज नेटवर्क: एक तरफ CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री को लेकर चर्चाएं तेज़ हो गई हैं…ये सवाल उठने लगा है कि क्या खरमास खत्म होते ही निशांत कुमार अब खुलकर राजनीति में कदम रखने वाले हैं…
तो वहीं दूसरी तरफ JDU के भीतर एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा होता दिखाई दे रहा है….और ये तूफान खड़ा हुआ है पार्टी के वरिष्ठ नेता और लंबे समय से सीएम नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले केसी त्यागी की वजह से….जिसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या JDU नेता केसी त्यागी की पार्टी से छुट्टी हो सकती है?…..तो केसी त्यागी ने ऐसा क्या दिया बयान…जिससे उन्हें JDU से निकालने की उठी बात…..
बिहार की राजनीति में एक बार फिर भारी हलचल देखने को मिल रही है…एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं…तो वहीं दूसरी ओर JDU के वरिष्ठ नेता और लंबे समय से पार्टी के रणनीतिक चेहरे रहे केसी त्यागी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं…जेडीयू के अंदरखाने से जो संकेत मिल रहे हैं…उनसे साफ है कि पार्टी नेतृत्व केसी त्यागी के एक बयान से बेहद नाराज है और उनके खिलाफ कथिततौर पर सख्त कार्रवाई की तैयारी चल रही है….
दरअसल, ये पूरा विवाद एक बयान से शुरू हुआ…जो खेल और राजनीति के बीच की संवेदनशील लाइन को छूता है…केसी त्यागी ने बांग्लादेशी क्रिकेटर रहमान को लेकर ऐसा बयान दे दिया…जिसे पार्टी नेतृत्व ने न केवल गैर-जरूरी बल्कि पार्टी लाइन से हटकर बताया है…यही वजह है कि अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या केसी त्यागी की जेडीयू से छुट्टी तय मानी जाए…….
इस पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए सबसे पहले ये जानना जरूरी है कि केसी त्यागी जेडीयू में किस हैसियत के नेता रहे हैं…तो आपतो बता दें कि केसी त्यागी लंबे समय तक जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे हैं…संसद में पार्टी का पक्ष रखते रहे हैं और मीडिया में सीएमम नीतीश कुमार की नीतियों का बचाव करने वाले सबसे मुखर चेहरों में गिने जाते हैं….राजनीतिक गलियारों में उन्हें सीएम नीतीश कुमार के करीबी नेताओं में शामिल किया जाता रहा है….लेकिन राजनीति में करीबी होना भी हमेशा सेफ ज़ोन की गारंटी नहीं होता…..खासकर तब, जब पार्टी एक संवेदनशील दौर से गुजर रही हो….जेडीयू इस समय कई मोर्चों पर दबाव में है….बिहार की अंदरूनी राजनीति, एनडीए में संतुलन, हाल के चुनावी समीकरण और पार्टी की छवि…ऐसे में कोई भी ऐसा बयान…जो पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा करे….वो नेतृत्व को इस वक्त बिल्कुल भी मंज़ूर नहीं है….
इसलिए विवाद की जड़ बना केसी त्यागी का वो बयान…जिसमें उन्होंने बांग्लादेशी क्रिकेटर रहमान को IPL में खेलने की अनुमति दिए जाने की बात कही…..दरअसल, IPL की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स यानी KKR ने रहमान को रिलीज़ कर दिया था…इसके बाद केसी त्यागी ने कहा कि खेल और राजनीति को आपस में नहीं मिलाया जाना चाहिए….केसी त्यागी यहीं नहीं रुके…उन्होंने अपने बयान में ये भी जोड़ा कि जब बांग्लादेश ने अपने देश के हिंदू क्रिकेटर लिटन दास को टीम का कप्तान नियुक्त किया है….तो भारत को भी रहमान के मामले में दोबारा सोचने की जरूरत है और उन्हें IPL में खेलने का मौका मिलना चाहिए……बस यही बात जेडीयू नेतृत्व को नागवार गुज़री….जिसके बाद बकायदा खबर की हैडलाइन सामने आई कि…जदयू से निकाले जाएंगे केसी त्यागी….CM नीतीश अपने सबसे खास के खिलाफ करेंगे सबसे बड़ी कार्रवाई !…..
दरअसल, बांग्लादेश में हिंदुओं पर क्रूर अत्याचार और उनकी हत्याओं के बाद भारत में इसका तीखा विरोध हुआ था…इसके बाद फिल्म अभिनेता शाहरुख खान की IPL टीम KKR की ओर से खरीदे गए बांग्लादेशी क्रिकेट खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को टीम से हटाने की मांग होने लगी….BCCI ने भी इसे लेकर सख्त रुख दिखाया…जिसके बाद मुस्तफिजुर रहमान को KKR से हटा दिया गया……..और इसी पर केसी त्यागी का ये कहना कि इस बारे में दोबारा सोचने की जरूरत है….इसे लेकर पार्टी का मानना है कि ये बयान पूरी तरह व्यक्तिगत है और इसका JDU की आधिकारिक सोच से कोई लेना-देना नहीं है…
कहा जा रहा है कि जेडीयू नेतृत्व को डर है कि इस तरह के बयान से पार्टी को राजनीतिक नुकसान हो सकता है और ये संदेश जा सकता है कि जेडीयू राष्ट्रीय भावनाओं और मौजूदा राजनीतिक माहौल से कटकर बयान दे रही है…सूत्रों के मुताबिक, सीएम नीतीश कुमार इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से देख रहे हैं….कहा तो ये भी जा रहा है कि उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेताओं से इस मुद्दे पर फीडबैक लिया है और साफ संकेत दिए हैं कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी…चाहे नेता कितना ही वरिष्ठ क्यों न हो….
यानी जेडीयू अलाकमान का मानना है कि केसी त्यागी का बयान पार्टी के लिए बेवजह विवाद खड़ा करने वाला है….खासकर ऐसे समय में, जब जेडीयू अपनी राजनीतिक दिशा और भविष्य को लेकर सतर्क कदम उठा रही है…पार्टी नेतृत्व नहीं चाहता कि कोई भी नेता व्यक्तिगत राय को पार्टी का स्टैंड बनाकर पेश करे…यही वजह है कि अब पार्टी की ओर से औपचारिक कार्रवाई की तैयारी चल रही है….सूत्रों के अनुसार, केसी त्यागी को जल्द ही नोटिस भेजा जा सकता है…उनसे इस बयान पर जवाब-तलब किया जाएगा और ये पूछा जाएगा कि उनके इस बयान के पीछे की वजह क्या है?…यही नहीं, मिली जानकारी के मुताबिक, पार्टी के भीतर ये साफ कर दिया गया है कि अगर केसी त्यागी का जवाब संतोषजनक नहीं हुआ…तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है…इसमें पार्टी पद से हटाना, प्रवक्ता की भूमिका से अलग करना या यहां तक कि जेडीयू से बाहर का रास्ता दिखाने जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं………
ये कोई पहला मौका नहीं है जब केसी त्यागी अपने बयान को लेकर विवादों में आए हों….इससे पहले भी कई मौकों पर उनके बयान पार्टी लाइन से अलग माने गए हैं…हालांकि, हर बार पार्टी ने उन्हें वरिष्ठता का हवाला देकर नजरअंदाज किया….लेकिन इस बार मामला अलग बताया जा रहा है…दरअसल, इस बार विवाद ऐसे समय में सामने आया है….जब सीएम नीतीश कुमार अपनी पार्टी में किसी भी तरह की ढील देने के मूड में दिखाई नहीं दे रहे हैं……..वहीं माना जा रहा है कि निशांत कुमार की राजनीति में संभावित एंट्री की खबरों के बीच सीएम नीतीश कुमार संगठन को मजबूत और अनुशासित दिखाना चाहते हैं…ऐसे में किसी वरिष्ठ नेता की फ्री-फ्लोटिंग बयानबाजी पार्टी के लिए सिरदर्द बन सकती है….
इसे लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केसी त्यागी के खिलाफ संभावित कार्रवाई सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं है…बल्कि ये एक बड़ा संदेश भी हो सकता है……संदेश ये कि जेडीयू में अब व्यक्तिगत राय से ज़्यादा पार्टी की सामूहिक सोच को अहमियत दी जाएगी…इसके साथ ही ये भी माना जा रहा है कि सीएम नीतीश कुमार पार्टी के भीतर एक नई पीढ़ी को आगे लाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं….ऐसे में पुराने और प्रभावशाली नेताओं पर नियंत्रण या कार्रवाई, संगठनात्मक बदलाव का हिस्सा भी हो सकता है…..
वहीं जेडीयू इस पूरे मामले को अनुशासन का सवाल बता रही है…पार्टी सूत्रों का कहना है कि केसी त्यागी का ये बयान ठीक नहीं है और उनको खेल और IPL जैसे मामलों पर बोलने कि क्या जरूरत?….और जब मामला दो देशों के बीच का हो…तो सरकार के सहयोगी दल के नाते बोलने से पहले पार्टी में बात करनी चाहिए थी…जो केसी त्यागी ने नहीं किया…यही नहीं जेडीयू सूत्रों का तो ये तक कहना है कि आने वाले समय में केसी त्यागी से उनके इस बयान पर जवाब तलब किया जाएगा और जवाब से संतुष्ट ना होने पर कार्रवाई भी हो सकती है…
ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हुई हैं कि केसी त्यागी पार्टी को क्या जवाब देते हैं….क्या वो अपने बयान को निजी राय बताकर सफाई देंगे…या फिर पार्टी से टकराव की स्थिति बनेगी…..साथ ही ये भी देखना काफी ज्यादा अहम होगा कि सीएम नीतीश कुमार इस मामले में कितना सख्त रुख अपनाते हैं……….लेकिन, इतना तो तय माना जा रहा है कि जेडीयू नेतृत्व इस विवाद को हल्के में लेने के मूड में नहीं है…आने वाले दिनों में नोटिस, जवाब और फिर कार्रवाई…ये तीनों की संभावना खुली हुई है….अगर कार्रवाई होती है…तो ये जेडीयू की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है…
यानी कुल मिलाकर, एक तरफ निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री की चर्चाएं हैं…तो दूसरी तरफ केसी त्यागी जैसे वरिष्ठ नेता पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है…..ये साफ संकेत है कि सीएम नीतीश कुमार अब पार्टी में अनुशासन, नियंत्रण और स्पष्ट लाइन से हटने वालों पर सख्ती के मूड में हैं…….ऐसे में अब देखना दिलचस्प होगा कि ये सियासी ड्रामा किस मोड़ पर जाकर खत्म होता है….क्या केसी त्यागी अपनी कुर्सी और पार्टी दोनों बचा पाएंगे या फिर जेडीयू एक बड़ा फैसला लेकर नई राजनीतिक मिसाल कायम करेगी.



