संसद में हंगामा जोरदार, नेता प्रतिपक्ष ने किया प्रहार

मार्शल आर्ट से चर्चा की शुरुआत कर राहुल ने केंद्र सरकार को घेरा, लोस अध्यक्ष पर भी वार, भाजपा ने भी कांग्रेस में किया पलटवार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का आज 11वां दिन है। दोनों सदनों में हंगामा जारी रहा। लोकसभा में हंगामे के कारण कई दिनों के बाद मंगलवार को आम बजट पर चर्चा शुरू हुई। राज्यसभा में भी बजट 2026 पर चर्चा कराई जा रही है। लोकसभा में बजट पर चर्चा जारी है, जबकि राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई है। आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी नेे सरकार पर एकबार फिर हमला बोला। वहीं लोकसभा स्पीकर ओम बिरला पर भाजपा सांसद शशांक मणि ने कहा, ओम बिरला ने अपनी कर्तव्य को जिम्मेदारी से निभाई है, और विपक्ष ने उन पर झूठे आरोप लगाए हैं। वे उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नोटिस लाए हैं। स्पीकर के साथ इस बर्ताव के लिए विपक्ष को माफी मांगनी चाहिए।
मार्शल आर्ट के बारे में बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा- मार्शल आर्ट में सामने वाले को ग्रिप में लिया जाता है। ग्रिप में आने के बाद चोप में जाते हैं. पहले ग्रिप ली और फिर चोप में जाकर पकड़ लिए. पूरा फोकस ग्रिप पर रहता है. ये करते हुए जब आदमी के हाथ में चोप आ जाता है, ग्रैपलिंग में जो अटैक करता है कि उसकी आंख में दिख जाता है. उसे लगता है कि मैंने कब्जा कर लिया. काम ग्रिप से शुरू होता है, ग्रिप राजनीति में होती है, कहां किसने ग्रिप ले रखी है, चोट कहां लगी है लोगों को पता नहीं होता है।
कांग्रेस सांसदों ने चेंबर में घुसकर स्पीकर को गालियां दीं, प्रियंका गांधी भी वहां मौजूद थीं : किरेन रिजिजू
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसदों पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सांसद लोकसभा स्पीकर के चेंबर में घुस गए और उन्हें गाली दी। उन्होंने कहा, कम से कम 20-25 कांग्रेस सांसद लोकसभा स्पीकर के चैंबर में घुस गए और उनके साथ गाली-गलौच की, मैं भी उस समय वहीं मौजूद था। स्पीकर बहुत नरम इंसान हैं, नहीं तो सख्त कार्रवाई होती। प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल समेत सीनियर कांग्रेस नेता भी उस समय वहीं मौजूद थे, और वे उन्हें लडऩे के लिए उकसा रहे थे। रिजिजू ने कहा कि स्पीकर इस घटना से बहुत दुखी हैं और उन्होंने खुद उनसे बात की है। उन्होंने सदन में बोलने की परमिशन को लेकर हुए विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्पीकर के रूलिंग जारी करने के बाद, कथित तौर पर उसका पालन नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें बोलने के लिए किसी की परमिशन की जरूरत नहीं है और वे जैसा चाहेंगे वैसा बोलेंगे।

 

अविश्वास प्रस्ताव नोटिस में खामियां

संसद का बजट सत्र जारी है। इस बीच विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया, जिसके बाद अब स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नोटिस में खामियां सामने आई है, जिसके संशोधन के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल, अविश्वास प्रस्ताव को लेकर 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए है। इस बीच अब लोकसभा सूत्रों के अनुसार अध्यक्ष ओम बिरला ने सचिवालय को विपक्ष द्वारा प्रस्तुत दोषपूर्ण नोटिस को खारिज होने से बचाने के लिए उसमें संशोधन करने का निर्देश दिया और त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया है।

हमारी देश की मजबूत स्थिति 1.4 अरब की आबादी : राहुल गांधी

लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा कि आज डॉलर को चुनौती दी जा रही, अमेरिका की सुप्रीमेसी को चुनौती दी जा रही है। अभी दुनिया अस्थिर है, मैं सर्वे से सहमत हूं, कई सॉफ्टवेयर इंजीनियर एआई से रिप्लेस होंगे। हमारी देश की मजबूत स्थिति 1.4 अरब की आबादी है, जो एनर्जी से भरी है, जो दुनिया को किसी भी स्तर पर चुनौती दे सकती है। राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि आजकल लोग डेटा बना रहे हैं। हमारे पास सबसे ज्यादा डेटा पूल है. 1.4 अरब लोग हैं। यानी बड़ी संख्या में भारत में डेटा जेनरेट किया जा रहा है। अगर आपके पास एआई है और आपके डेटा नहीं है तो आपके पास कुछ नहीं है. भारतीय डेटा और चीनी पूल डेटा, चीन के पास भी हमारी इतनी ही आबादी है, इसमें काफी रोचक चीजें निकलेंगी आपको मुसीबत के समय में क्या चाहिए, हमारे किसान भोजन देते हैं, लेबर श्रम करते हैं, हमारे आधुनिक देश को चलाने के लिए पेट्रोल, एनर्जी फ्यूल भी चाहिए। जूडो और मार्शल आर्ट से अपना भाषण शुरू करते हुए राहुल गांधी ने कहा,मैं आर्थिक सर्वे की तरफ देख रहा था। अमेरिका को चीन, रूस की तरफ से चुनौती दी जा रही है. हम ऐसी दुनिया में रह रहे हैं. जहां एनर्जी फाइनेंस को हथियार बनाया जा रहा है. हम स्टेबल दुनिया से से अस्थिर दुनिया की तरफ जा रहे हैं. यूक्रेन, गाजा मिडिल ईस्ट, ईरान में युद्ध हमने ऑपरेशन सिंदूर किया दुनिया अस्थिर है।

अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में मिली कमियां

लोकसभा सचिवालय सूत्र के मुताबिक विपक्षी सांसदों के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने की मांग वाले नोटिस में कमियां पाई गई हैं। नोटिस में फरवरी 2025 की घटनाओं का चार बार जिक्र है, जिसके आधार पर नियमों के मुताबिक इसे खारिज किया जा सकता था।

अविश्वास प्रस्ताव पर 9 मार्च को चर्चा संभव

विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में 9 मार्च को चर्चा हो सकती है। बता दें कि 13 फरवरी को बजट सत्र के पहले सत्र का अंतिम दिन है। इसके बाद 8 मार्च से सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होगी और 9 मार्च को चर्चा की जा सकती है।

राज्यसभा से इस्तीफा देंगी सुनेत्रा पवार

महाराष्ट्रकी उपमुख्यमंत्री और एनसीपी सांसद सुनेत्रा पवार आज राज्यसभा से इस्तीफा देंगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक सुनेत्रा पवार गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगी।

सडक़ हादसों से दहले राजस्थान व कर्नाटक

दौसा में 6 की मौत कर्नाटक में भी दो अलग-अलग घटनाओं में गई 6 जानें

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। देश के अलग-अलग राज्यों से सडक़ दुर्घटनाओं की अत्यंत दुखद खबरें सामने आई हैं। राजस्थान के दौसा में एक भीषण टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई, वहीं कर्नाटक में भी दो हादसों में छह लोगों ने अपनी जान गंवा दी। राजस्थान के दौसा जिले में नेशनल हाईवे-21 पर एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ।
जानकारी के अनुसार, सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर लांघ गई और सामने से आ रहे ट्रक से जा टकराई। कार से शवों को निकालने में करीब दो घंटे की मशक्कत करनी पड़ी, जो टक्कर में पूरी तरह से कुचल गई थी। जिस इलाके में एक्सीडेंट हुआ, वह सिकंदरा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है। सभी पीड़ित कालाखोह के रहने वाले थे। वे एक शादी समारोह से लौट रहे थे। एक्सीडेंट से आधे घंटे पहले, ग्रुप ने शादी के कार्यक्रम की तस्वीरें ली थीं, जो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही हैं। पुलिस ने बताया कि रविवार को कर्नाटक में दो अलग-अलग सडक़ हादसों में छह लोगों की जान चली गई। बीदर जिले में, हुमनाबाद तालुक में हल्लीखेड़ा के पास नागन्ना क्रॉस के पास एक दुखद घटना हुई, जब एक मोटरसाइकिल पुल से टकरा गई। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की तुरंत मौत हो गई।
मरने वालों की पहचान वेंकट करतमल (40), उनकी पत्नी शिल्पा (35), और उनकी बेटी रक्षिता (12) के तौर पर हुई है, ये सभी राजेश्वर गांव के रहने वाले हैं। उनका बेटा दिगंबर (15) बच गया, लेकिन उसे गंभीर चोटें आईं और उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि मोटरसाइकिल पर चार लोग सवार थे, तभी ड्राइवर का कंट्रोल खो गया, जिससे वह पुल से टकरा गई।
श्रीनिवासपुर में एक कार पलटने से तीन मजदूरों की मौत
इस बीच, कोलार जिले में, श्रीनिवासपुर में एक कार पलटने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। मरने वालों में आंध्र प्रदेश के मुनियाम्मा और वेंकटप्पा शामिल हैं। दस से ज़्यादा लोग घायल हो गए और उन्हें आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले के एक हॉस्पिटल में ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि हादसा तब हुआ जब मजदूर दिहाड़ी का काम खत्म करके घर लौट रहे थे। श्रीनिवासपुर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।

भाजपा पार्षद रितु तावड़े निर्विरोध निर्वाचित हुईं बृहन्मुंबई की मेयर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। बृहन्मुंबई नगर निगम में एक बड़े राजनीतिक उलटफेर में, बीजेपी की रितु तावड़े ने निर्विरोध मेयर का पद हासिल कर लिया है, जिससे शिवसेना (यूबीटी) का 25 साल पुराना शासन खत्म हो गया। महायुति गठबंधन के स्पष्ट बहुमत और शिवसेना (यूबीटी) द्वारा उम्मीदवार न उतारने के फैसले ने इस ऐतिहासिक बदलाव का मार्ग प्रशस्त किया।
भाजपा पार्षद रितु तावड़े बृहन्मुंबई नगर निगम की निर्विरोध महापौर चुनी गई हैं। पिछले चार दशकों में यह पहली बार है जब भाजपा इस पद पर पहुंची है। शिवसेना की नगर निगम परिषद द्वारा उम्मीदवार न उतारने के फैसले के बाद चुनाव निर्विरोध हो गया, जिससे मुंबई के सबसे धनी नगर निकाय पर ठाकरे परिवार का 25 साल का वर्चस्व समाप्त हो गया।
शिवसेना नेता संजय घड़ी उप महापौर चुने गए हैं।घाटकोपर पश्चिम से तीन बार की पार्षद, 53 वर्षीय तावड़े को जमीनी राजनीति, नगर प्रशासन और जन कल्याण में एक दशक से अधिक का अनुभव है। भाजपा के वरिष्ठ नेता उन्हें सक्रिय नेता और समुदाय से मजबूत जुड़ाव रखने वाली नेता बताते हैं, जिन्होंने प्रशासनिक क्षमता और स्थानीय लोगों से घनिष्ठ संबंध के संयोजन के लिए ख्याति अर्जित की है। तावड़े मुंबई की नगर निगम राजनीति में एक प्रमुख हस्ती मानी जाती हैं। उन्होंने 2012 में वार्ड 127 से पार्षद चुने जाने के बाद पहली बार बृहन्मुंबई नगर निगम में प्रवेश किया।2017 में वे घाटकोपर के वार्ड 121 से पुन: निर्वाचित हुईं। 15 जनवरी को हुए नगर निगम चुनावों में तावडे ने वार्ड 132 से जीत हासिल की, जिससे देश के सबसे धनी नगर निगम में उनकी स्थिति और मजबूत हो गई। पार्षद के रूप में अपनी भूमिका के अलावा, तावडे मुंबई नगर निगम की शिक्षा समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। 227 सदस्यीय नगर निकाय के चुनावों में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना ने 29 सीटें जीतीं। 118 पार्षदों की संयुक्त संख्या के साथ, भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने महापौर का पद आसानी से हासिल कर लिया।

दिल्ली में फिर गड्ढा बना मौत का कुआं

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। बृहन्मुंबई नगर निगम में एक बड़े राजनीतिक उलटफेर में, बीजेपी की रितु तावड़े ने निर्विरोध मेयर का पद हासिल कर लिया है, जिससे शिवसेना (यूबीटी) का 25 साल पुराना शासन खत्म हो गया। महायुति गठबंधन के स्पष्ट बहुमत और शिवसेना (यूबीटी) द्वारा उम्मीदवार न उतारने के फैसले ने इस ऐतिहासिक बदलाव का मार्ग प्रशस्त किया।
भाजपा पार्षद रितु तावड़े बृहन्मुंबई नगर निगम की निर्विरोध महापौर चुनी गई हैं। पिछले चार दशकों में यह पहली बार है जब भाजपा इस पद पर पहुंची है। शिवसेना की नगर निगम परिषद द्वारा उम्मीदवार न उतारने के फैसले के बाद चुनाव निर्विरोध हो गया, जिससे मुंबई के सबसे धनी नगर निकाय पर ठाकरे परिवार का 25 साल का वर्चस्व समाप्त हो गया।
शिवसेना नेता संजय घड़ी उप महापौर चुने गए हैं।घाटकोपर पश्चिम से तीन बार की पार्षद, 53 वर्षीय तावड़े को जमीनी राजनीति, नगर प्रशासन और जन कल्याण में एक दशक से अधिक का अनुभव है। भाजपा के वरिष्ठ नेता उन्हें सक्रिय नेता और समुदाय से मजबूत जुड़ाव रखने वाली नेता बताते हैं, जिन्होंने प्रशासनिक क्षमता और स्थानीय लोगों से घनिष्ठ संबंध के संयोजन के लिए ख्याति अर्जित की है। तावड़े मुंबई की नगर निगम राजनीति में एक प्रमुख हस्ती मानी जाती हैं। उन्होंने 2012 में वार्ड 127 से पार्षद चुने जाने के बाद पहली बार बृहन्मुंबई नगर निगम में प्रवेश किया।2017 में वे घाटकोपर के वार्ड 121 से पुन: निर्वाचित हुईं। 15 जनवरी को हुए नगर निगम चुनावों में तावडे ने वार्ड 132 से जीत हासिल की, जिससे देश के सबसे धनी नगर निगम में उनकी स्थिति और मजबूत हो गई। पार्षद के रूप में अपनी भूमिका के अलावा, तावडे मुंबई नगर निगम की शिक्षा समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। 227 सदस्यीय नगर निकाय के चुनावों में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना ने 29 सीटें जीतीं। 118 पार्षदों की संयुक्त संख्या के साथ, भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने महापौर का पद आसानी से हासिल कर लिया।

दिल्ली में फिर गड्ढा बना मौत का कुआं

रोहिणी में खुलें सीवर में गिरकर एक और मजदूर की जान गई

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली में अपनी एक की मौत का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि फिर और दर्दनाक हादसे ने पूरे सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया हैं। बता दें रोहिणी सेक्टर-32 में प्रशासन की लापरवाही का एक और भयावह मामला सामने आया है। यहां एक खुले सीवर मैनहोल में गिरने से बिरजू कुमार राय नामक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई।
मृतक मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले का रहने वाला था। खबर है कि यह घटना सोमवार शाम को बेगमपुर इलाके में महाशक्ति काली मंदिर के पास हुई। मिली जानकारी के मुताबिक, बिरजू सोमवार शाम को रोहिणी सेक्टर 32 में अपने एक दोस्त के साथ टहल रहा था। टहलते समय बिरजू गलती से खुले सीवर मैनहोल में गिर गया। उसके आगे चल रहे उसके दोस्त को इस घटना का पता नहीं चला। मामला मंगलवार को ही सामने आया। बताया जा रहा है कि बिरजू और उसका दोस्त दोनों शराब पीकर घर लौट रहे थे। मंगलवार शाम को पुलिस और फायर ब्रिगेड को घटना की जानकारी दी गई। करीब तीन घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, जिसके बाद बिरजू की बॉडी सीवर से निकाली गई।
घटना के बाद, एडमिनिस्ट्रेशन ने खुले मैनहोल को ढक दिया और आगे कोई हादसा न हो, इसके लिए आस-पास पत्थर रख दिए। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दोनों लोग मज़दूरी करते थे। उन्होंने दिन में पहले शराब पी थी और सोमवार रात करीब 9 बजे पैदल जा रहे थे, जब वे उस जगह से गुजऱे। पीछे चल रहा मज़दूर खुले मैनहोल में गिर गया, जबकि आगे वाले को पता ही नहीं चला कि क्या हुआ है।

केंद्र सरकार व यूजीसी को सुप्रीम कोर्ट ने दिया नोटिस

यूजीसी नए नियम की दो नई याचिकाओं पर होगी सुनवाई, सभी मामलों को एक साथ सुनने का फैसला

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली। यूजीसी के नए इक्क्विीटी रेग्यूलेशन 2026 को चुनौती देने वाली दो नई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी किया है। शीर्ष अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि इन दोनों याचिकाओं को पहले से लंबित मामलों के साथ जोड़ दिया जाए और सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की जाए यह कदम ऐसे समय में आया है जब नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध और कानूनी बहस तेज़ है।
याचिकाकर्ताओं ने अपनी अर्जियों में आरोप लगाया है कि यूजीसी के नए नियम सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव करते हैं और समानता से जुड़े उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। विवाद का मुख्य मुद्दा यह है कि नए नियम ‘कास्ट-बेस्ड डिस्क्रिमिनेशन की परिभाषा केवल एसी,एसटी और ओबीसी वर्गों तक सीमित कर देते हैं, जबकि याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि सामान्य वर्ग के छात्र भी भेदभाव का सामना कर सकते हैं और उन्हें भी संरक्षण मिलना चाहिए। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को यूजीसी के नए नियमों के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी थी। अदालत ने कहा था कि इन नियमों की भाषा अस्पष्ट है और ऐसे प्रावधान समाज में विभाजन की आशंका पैदा कर सकते हैं। तत्काल राहत देते हुए कोर्ट ने पुराने नियम लागू रखने के निर्देश भी दिए थे, साथ ही केंद्र और यूजीसी को नोटिस जारी करते हुए नए नियमों पर दोबारा विचार करने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने का सुझाव भी दिया था।

सुप्रीम कोर्ट बंगाल में हिंसा परसख्त, एनआई को निर्देश- हाईकोर्ट में रिपोर्ट फाइल करें

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद हिंसा मामले में जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से कहा कि वह यूएपीए कानून के तहत अपनी कार्रवाई की रिपोर्ट कोलकाता हाईकोर्ट में दाखिल करे। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को भी निर्देश दिया गया कि अगर उन्हें एनआईए जांच पर कोई आपत्ति है, तो वे हाईकोर्ट में अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इस दौरान कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट केंद्र के निर्णय की वैधता भी देख सकती है।

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