SIR विवाद पर सियासत तेज, ‘वोट चोरी’ का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, बढ़ा विवाद
SIR को लेकर BJP पर विपक्ष के हमले तेज हो गए हैं... कांग्रेस ने ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट का रुख किया...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन पर बड़ा विवाद छिड़ गया है.. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा की साजिश से लाखों वोटरों के नाम गलत तरीके से हटाए जा रहे हैं.. पार्टी का दावा है कि फॉर्म-7 का दुरुपयोग करके असली मतदाताओं को वोटिंग के अधिकार से वंचित किया जा रहा है.. गुजरात कांग्रेस प्रमुख अमित चावड़ा ने कहा कि 15 जनवरी तक बहुत कम फॉर्म-7 आए थे.. लेकिन उसके बाद अचानक तेजी आई और 12 लाख से ज्यादा आपत्तियां दर्ज हुईं.. कांग्रेस ने इस मामले को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी है.. और कहा है कि नाम हटाने से पहले प्रभावित लोगों को सुनवाई का मौका नहीं दिया जा रहा है.. राहुल गांधी ने भी आरोप लगाया कि SIR का इस्तेमाल वोट चोरी के लिए हो रहा है.. और चुनाव आयोग इसमें शामिल है.. BJP ने इन आरोपों को निराधार बताया है.. और कहा है कि SIR एक सामान्य प्रक्रिया है.. जो पुरानी और गलत एंट्रीज को साफ करती है.. यह विवाद गुजरात के आगामी महानगरपालिका चुनावों से पहले आया है.. जहां नई वोटर लिस्ट का इस्तेमाल होगा.. जानकारी के मुताबिक फाइनल लिस्ट 17 फरवरी 2026 को जारी होनी है..
आपको बता दें कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन चुनाव आयोग की एक विशेष प्रक्रिया है.. जिसमें मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है.. यह सामान्य रिवीजन से अलग है.. क्योंकि इसमें घर-घर जाकर वेरिफिकेशन होता है.. और पुराने, मृत या स्थानांतरित वोटरों के नाम हटाए जाते हैं.. गुजरात में SIR 2025 के अंत में शुरू हुआ था.. और इसका मकसद था कि सूची को साफ-सुथरा बनाया जाए.. ड्राफ्ट लिस्ट दिसंबर 2025 में जारी हुई.. जिसमें 2002 की पुरानी लिस्ट से 74 लाख नाम हटाए गए.. चुनाव आयोग ने कहा कि ये नाम ASD कैटेगरी के है.. यानी Absent (अनुपस्थित), Shifted (स्थानांतरित) या Dead/Duplicate (मृत या डुप्लिकेट).. आयोग ने 18 जनवरी तक फॉर्म-7 जमा करने की अनुमति दी थी..
जिसमें कोई व्यक्ति किसी के नाम पर आपत्ति दर्ज करा सकता है.. फॉर्म-7 मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए इस्तेमाल होता है.. गुजरात में SIR चरणबद्ध तरीके से हुआ.. जिसमें बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर गए और वोटरों की जांच की.. लेकिन कांग्रेस का कहना है कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है.. और BJP के इशारे पर चल रही है.. आयोग के आंकड़ों के अनुसार, गुजरात में SIR के दौरान 6.88 लाख नए नाम जोड़े गए.. और 9.88 लाख नाम हटाने के आवेदन आए.. वहीं यह संख्या अन्य राज्यों से ज्यादा है.. वहीं उत्तर प्रदेश में 2.89 करोड़ नाम हटाए गए.. SIR का उद्देश्य चुनावों को पारदर्शी बनाना है.. लेकिन विवाद ने इसे राजनीतिक बना दिया है..
कांग्रेस ने SIR को BJP की साजिश बताया है.. गुजरात कांग्रेस प्रमुख अमित चावड़ा ने कहा कि 15 जनवरी तक बहुत कम फॉर्म-7 आए थे.. लेकिन 15 से 18 जनवरी के बीच अचानक 12 लाख से ज्यादा आपत्तियां जमा हुईं.. और उन्होंने दावा किया कि ये आपत्तियां फर्जी नामों से उठाई गई है.. और BJP कार्यकर्ताओं ने गलत तरीके से फॉर्म-7 दाखिल किए है.. चावड़ा ने चुनाव आयोग से CCTV फुटेज मांगी.. जिसमें दिखाया जाए कि किसने ये फॉर्म जमा किए.. उन्होंने कहा कि कई लोगों ने एफिडेविट दाखिल किए है.. जिसमें लिखा है कि उनके नाम पर बिना जानकारी के आपत्ति दर्ज की गई.. कांग्रेस का आरोप है कि यह साजिश लाखों असली वोटरों को वोटिंग के अधिकार से वंचित करने की है.. खासकर उन इलाकों में जहां कांग्रेस मजबूत है..
बता दें कि कांग्रेस ने कहा कि SIR में डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन के बावजूद नाम हटाए जा रहे है.. बिना प्रभावित लोगों को नोटिस दिए.. राहुल गांधी ने X पर पोस्ट करके कहा कि जहां SIR है, वहां वोट चोरी है.. गुजरात में SIR के नाम पर जो हो रहा है.. वह प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश है.. और उन्होंने ECI को वोट चोरी का हिस्सा बताया.. और कहा कि BJP जहां हारती नजर आती है.. वहां वोटरों को गायब कर दिया जाता है.. कांग्रेस का कहना है कि मुस्लिम, दलित.. और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों को टारगेट किया जा रहा है.. उदाहरण के लिए, सूरत के सलाबतपुरा इलाके में BJP पार्षद पर आरोप है कि.. उन्होंने मुस्लिम वोटरों को मृत बताकर नाम हटवाए.. कांग्रेस ने राज्यभर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके राहुल गांधी स्टाइल में मुद्दा उठाया है..
कांग्रेस ने शहरों में डिटेल नंबर दिए हैं.. वडोदरा शहर के कांग्रेस अध्यक्ष ऋत्विज जोशी ने आरोप लगाया कि फर्जी फॉर्म-7 से नाम हटाए जा रहे हैं.. और उन्होंने कहा कि वडोदरा सिटी में 4,569, सयाजीगंज में 8,195, अकोटा में 13,188.. और रावपुरा में 19,045 फर्जी फॉर्म-7 दाखिल किए गए.. जोशी ने कहा कि ये आपत्तियां गलत तरीके से उठाई गईं.. और दस्तावेज जमा करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए.. सूरत में दो कांग्रेस नेताओं ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है.. जिसमें कहा गया है कि मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जा रहे हैं..
आपको बता दें कि सूरत के सलाबतपुरा इलाके में BJP पार्षद पर आरोप है कि उन्होंने सैकड़ों मुस्लिम वोटरों को मृत बताकर नाम हटवाए.. कांग्रेस का कहना है कि यह साजिश है.. क्योंकि इन इलाकों में कांग्रेस का वोट बैंक मजबूत है.. गुजरात में कुल 12.59 लाख आपत्तियां आईं, जो अन्य राज्यों से ज्यादा है.. कांग्रेस ने कहा कि 17 जनवरी को उन्होंने आयोग को सूचना दी थी.. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.. ये उदाहरण दिखाते हैं कि SIR में पारदर्शिता की कमी है.. और राजनीतिक दबाव में काम हो रहा है..
कांग्रेस ने गुजरात हाईकोर्ट में SIR को चुनौती दी है.. सूरत के दो कांग्रेस नेताओं विपुल उदनावाला और विनोद पाटिल ने 10 फरवरी 2026 को याचिका दाखिल की.. याचिका में कहा गया है कि रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 का पालन नहीं किया जा रहा.. नाम हटाने से पहले प्रभावित वोटरों को सुनवाई का मौका नहीं दिया जा रहा.. और नोटिस बोर्ड पर लिस्ट नहीं लगाई जा रही.. याचिका में कहा गया कि BJP कार्यकर्ता बिना दस्तावेज के सामूहिक आपत्तियां दाखिल कर रहे हैं.. और अधिकारी नाम हटा रहे हैं.. हाईकोर्ट से चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की गई है कि नियमों का सख्ती से पालन करें.. यह याचिका गुजरात में SIR की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है.. हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई शुरू कर दी है.. और आयोग से जवाब मांगा है.. कांग्रेस का कहना है कि अगर नियम नहीं माने गए.. तो हर वोटर का अधिकार खतरे में है.. यह केस SIR की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है..
BJP ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताया है.. पार्टी का कहना है कि SIR एक रूटीन प्रक्रिया है.. जो मतदाता सूची को साफ करती है.. BJP प्रवक्ता ने कहा कि नाम हटाना ASD कैटेगरी के आधार पर हो रहा है और कोई साजिश नहीं है.. और उन्होंने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया.. और कहा कि पुरानी लिस्ट में लाखों गलत नाम थे.. जो अब साफ हो रहे हैं.. BJP ने कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष है.. और आरोप बेबुनियाद हैं.. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि SIR से चुनाव पारदर्शी होंगे.. लेकिन कांग्रेस का कहना है कि BJP डर से ऐसा कर रही है.. क्योंकि आगामी चुनावों में हार का डर है.. BJP ने यह भी कहा कि कांग्रेस खुद SIR के दौरान सक्रिय नहीं थी.. और अब आरोप लगा रही है.. यह विवाद BJP को घेर रहा है.. क्योंकि गुजरात BJP का गढ़ है..



