गुजरात में जनगणना की तैयारी तेज, अधिकारियों की नियुक्ति पूरी
गुजरात में जनगणना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं... अधिकारियों की नियुक्ति पूरी होने के बाद प्रशासन अलर्ट है... और राज्यभर में...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात सरकार ने आखिरकार राज्य में अगली जनगणना की पूरी रूपरेखा साफ कर दी है.. सरकार ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी करके बताया कि जनगणना दो चरणों में होगी.. पहला चरण घरों की गिनती यानी हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन होगा.. जो इस साल अप्रैल से शुरू होकर सितंबर तक चलेगा.. दूसरा चरण जनसंख्या की असली गिनती का होगा.. जो फरवरी 2027 में होगा.. इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार ने जनगणना एक्ट 1948.. और जनगणना नियम 1990 के तहत हजारों अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी है.. वहीं ये अधिकारी ईमानदारी और जिम्मेदारी से काम करेंगे.. ताकि जनगणना सही समय पर, सही तरीके से.. और बिना किसी गलती के पूरी हो सके.. आपको बता दें कि यह खबर गुजरात के हर नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है.. क्योंकि जनगणना से मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर ही सरकारी योजनाएं, अस्पताल, स्कूल, सड़कें.. और विकास के काम तय होते हैं..
जनगणना देश का सबसे बड़ा प्रशासनिक और सांख्यिकीय काम माना जाता है.. इसमें हर घर, हर परिवार और हर व्यक्ति की जानकारी इकट्ठा की जाती है.. भारत में यह काम हर 10 साल में होता है.. आखिरी जनगणना 2011 में हुई थी.. जिसके बाद 2021 की जनगणना कोविड-19 महामारी की वजह से टल गई.. अब केंद्र सरकार ने पूरे देश में जनगणना शुरू करने का फैसला किया है.. और गुजरात भी उसी के साथ चल रहा है.. गुजरात सरकार ने कहा कि यह प्रक्रिया राज्य के विकास के लिए बहुत जरूरी है.. इससे पता चलेगा कि राज्य में कितने लोग रहते हैं.. उनकी उम्र, शिक्षा, रोजगार, घर की सुविधाएं, संपत्ति.. और अन्य जरूरी जानकारियां क्या हैं.. इन आंकड़ों के बिना नई योजनाएं बनाना मुश्किल होता है.. बता दें कि अगर किसी जिले में बच्चे ज्यादा हैं.. तो वहां ज्यादा स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बनाने पड़ेंगे.. अगर बुजुर्ग ज्यादा हैं तो स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ानी पड़ेंगी..
आपको बता दें कि गुजरात सरकार ने स्पष्ट किया कि जनगणना को आसान.. और सटीक बनाने के लिए इसे दो हिस्सों में बांटा गया है.. पहला हिस्सा हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन है.. इसमें हर घर की जानकारी ली जाएगी कि घर कैसा है.. कितने कमरे हैं, बिजली-पानी-शौचालय जैसी सुविधाएं हैं या नहीं.., परिवार के पास कौन-कौन सी संपत्ति है.. यह काम अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा.. दूसरा हिस्सा फरवरी 2027 में होगा.. जिसमें हर व्यक्ति की गिनती होगी.. जिसमें नाम, उम्र, लिंग, शिक्षा, काम-धंधा आदि की जानकारी ली जाएगी.. जानकारी के लिए बता दें कि दोनों चरणों को अलग-अलग रखने का फायदा यह है कि.. पहले घरों की पूरी सूची तैयार हो जाएगी.. फिर उस सूची के आधार पर आसानी से लोगों की गिनती की जा सकेगी.. इससे गलतियां कम होंगी और काम तेजी से पूरा होगा..
गुजरात सरकार ने 2 फरवरी 2026 को एक नोटिफिकेशन जारी करके HLO का पूरा कार्यक्रम बताया.. इसके मुताबिक, फील्डवर्क यानी घर-घर सर्वे 20 अप्रैल 2026 से 19 मई 2026 तक चलेगा.. इससे पहले 5 अप्रैल से 19 अप्रैल 2026 तक 15 दिनों का डिजिटल सेल्फ-एन्यूमरेशन फेज होगा.. इस फेज में लोग खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे.. सरकार ने कहा कि यह नया कदम लोगों की भागीदारी बढ़ाने.. और डेटा की सटीकता सुधारने के लिए लिया गया है.. लोग घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से अपनी जानकारी दे सकेंगे.. जिससे सरकारी कर्मचारियों का बोझ भी कम होगा..
जानकारी के अनुसार सेल्फ-एन्यूमरेशन फेज बहुत आसान बनाया गया है.. हर परिवार को एक खास लिंक या कोड मिलेगा.. उस लिंक पर जाकर परिवार का मुखिया या कोई भी सदस्य घर की जानकारी.. सदस्यों की संख्या, उम्र, लिंग आदि भर सकेगा.. सरकार ने कहा कि यह तरीका उन लोगों के लिए बहुत सुविधाजनक होगा जो दिन भर काम पर रहते हैं.. या जिन्हें घर पर आने वाले कर्मचारियों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.. इससे डेटा जल्दी और सही तरीके से इकट्ठा होगा.. अगर कोई परिवार सेल्फ-एन्यूमरेशन नहीं करता.. तो बाद में कर्मचारी घर आकर जानकारी लेंगे.. सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोग खुद जानकारी दें, ताकि काम तेज हो..
आपको बता दें कि 20 अप्रैल से शुरू होने वाले फील्डवर्क में नियुक्त किए गए कर्मचारी हर घर जाएंगे.. वे पूछेंगे कि घर का मालिक कौन है.. कितने सदस्य हैं, घर कितने कमरों का है, बिजली है या नहीं, पानी कहां से आता है, शौचालय है या नहीं.. परिवार के पास बाइक, कार, फ्रिज, टीवी, कंप्यूटर जैसी चीजें हैं या नहीं.. इसकी जानकारी भी ली जाएगी.. साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति, रोजगार.. और अन्य जरूरी जानकारियां भी ली जाएंगी.. जानकारी के अनुसार यह जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी.. जनगणना एक्ट 1948 के मुताबिक किसी भी व्यक्ति की निजी जानकारी किसी और को नहीं बताई जाएगी.. इसका इस्तेमाल सिर्फ आंकड़ों के रूप में विकास योजनाएं बनाने के लिए किया जाएगा..
गुजरात सरकार ने हाल ही में एक नोटिफिकेशन जारी करके हजारों जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है.. यह नियुक्ति जनगणना एक्ट 1948 की धारा 4.. और जनगणना नियम 1990 के नियम 3 के तहत की गई है.. इन अधिकारियों में जिला कलेक्टर, तहसीलदार, मामलतदार, सरपंच, पंचायत सचिव.. और अन्य सरकारी कर्मचारी शामिल हैं.. सरकार ने कहा कि ये अधिकारी अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाएंगे.. अगर कोई अधिकारी लापरवाही करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है.. साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे इन अधिकारियों का पूरा सहयोग करें.. अगर कोई कर्मचारी घर आए तो उसे सही जानकारी दें, ताकि गिनती सही हो सके..



