जम्मू-कश्मीर: हनीट्रैप में फंसकर देश से गद्दारी, कठुआ से पकड़ा गया पाकिस्तानी जासूस ‘अमन’
कठुआ में पकड़े गए पाकिस्तानी जासूस अमन कुमार से सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कठुआ में पकड़े गए पाकिस्तानी जासूस अमन कुमार से सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं. हनीट्रैप में फंसाकर अमन से देश के सामरिक ठिकानों, सुरंगों और पुलों की तस्वीरें जुटाई जा रही थीं.
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में पकड़े गए कथित पाकिस्तानी जासूस अमन कुमार से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं. बताया जा रहा है कि अमन करीब एक साल से सीमा पार बैठे पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था.
पाक हैंडलर अमन के जरिए देश के अहम सामरिक ठिकानों और बुनियादी ढांचे की तस्वीरें जुटाने के लिए कर रहे थे. शुक्रवार शाम सुरक्षा एजेंसियों ने कठुआ के सीमावर्ती इलाके से ट्रक चालक अमन को गिरफ्तार किया था.
जांच एजेंसियों के मुताबिक हनीट्रैप में फंसकर अमन से देश के महत्वपूर्ण सामरिक ठिकानों और संवेदनशील बुनियादी ढांचे की जानकारी जुटाई जा रही थी. अमन पेशे से ट्रक ड्राइवर है और अपने काम के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर से लेकर देश के कई राज्यों तक ट्रक लेकर जाता था.
सुरंगों और पुलों की तस्वीरें भेजने का आरोप
सूत्रों के मुताबिक अमन ने लद्दाख और कश्मीर में बनी सुरंगों, प्रमुख पुलों, दर्रों और हाईवे पर बने टोल प्लाजा की तस्वीरें सीमा पार बैठे हैंडलर्स को भेजी थीं. अमन का ट्रक लद्दाख से लेकर उत्तर प्रदेश के लखनऊ और असम के गुवाहाटी तक जाता था.
इसी आवाजाही का फायदा उठाकर हैंडलर्स ने उसे रास्ते में आने वाले महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की तस्वीरें और दूसरी जानकारियां जुटाने का काम सौंपा था. जांच में यह भी सामने आया है कि हैंडलर्स अमन के जरिए सांबा के सैन्य इलाके की रेकी कराना चाहते थे. हालांकि इससे पहले कि वह इस काम को अंजाम दे पाता सुरक्षा एजेंसियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
अक्टूबर 2025 से संपर्क में था अमन
सूत्रों के अनुसार कठुआ के मढ़ीन तहसील के सीमावर्ती दोलियां जट्टां यानी कोटपुन्नू गांव का रहने वाला अमन अक्टूबर 2025 से सीमा पार बैठे पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था. शुरुआत में सोशल मीडिया और हनीट्रैप के जरिए उसका भरोसा जीता गया. इसके बाद धीरे-धीरे उससे संवेदनशील जानकारी और तस्वीरें जुटाने का काम कराया जाने लगा.
घर में लगवाए दो हाई-डेफिनेशन कैमरे
इस मामले में सबसे गंभीर खुलासा अमन के घर पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को लेकर हुआ है. खुफिया सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी हैंडलर्स ने अमन को करीब 20 हजार रुपये दिए थे. इस रकम से उसने अपने घर पर दो हाई-डेफिनिशन स्मार्ट सीसीटीवी कैमरे खरीदे और लगाए.
इन कैमरों में एक्टिव मोबाइल सिम का इस्तेमाल किया गया था. यानी इन्हें स्थानीय वाई-फाई या ब्रॉडबैंड कनेक्शन की जरूरत नहीं थी. जांच एजेंसियों को शक है कि इन कैमरों का लाइव एक्सेस सीमा पार बैठे हैंडलर्स को दिया गया था. बताया जा रहा है कि इन कैमरों के जरिए सीमावर्ती इलाके की गतिविधियों पर रियल-टाइम नजर रखने की कोशिश की जा रही थी.
सीमा पार बैठे हैंडलर्स की डिजिटल निगरानी
जांच एजेंसियां इस एंगल को बेहद गंभीर मान रही हैं. आशंका है कि कैमरों के जरिए सुरक्षा बलों की आवाजाही और सीमावर्ती इलाके की गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही थी. यानी पाकिस्तानी हैंडलर्स खुद भारतीय सीमा में आए बिना ही डिजिटल माध्यम से इलाके की निगरानी करने की कोशिश कर रहे थे.
महिला हैंडलर ने दो बार मिलने के लिए बुलाया
अमन को अपने जाल में फंसाए रखने के लिए पाकिस्तानी महिला हैंडलर ने उसे दो बार जम्मू में मिलने के लिए भी बुलाया था. जांच के मुताबिक हैंडलर्स को पहले से पता था कि अमन उस समय दूसरे राज्य में है और उसके लिए जम्मू पहुंचना संभव नहीं होगा. सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि मिलने का यह प्रस्ताव उसके भरोसे को और मजबूत करने और उस पर मनोवैज्ञानिक नियंत्रण बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा था.
मोबाइल से डिलीट डेटा खंगाल रही एजेंसियां
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां अमन के मोबाइल फोन से डिलीट किए गए डेटा, विदेशी मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया चैट को रिकवर करने में जुटी हैं. जांच का फोकस इस बात पर भी है कि अमन ने अब तक कितनी तस्वीरें और जानकारियां सीमा पार भेजीं और इस नेटवर्क में उसके अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं.
सुरक्षा एजेंसियां अब सीमावर्ती इलाकों में ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के जरिए चलाए जा रहे संभावित जासूसी नेटवर्क और स्लीपर सेल से जुड़े संदिग्धों की भी जांच कर रही हैं.
शुक्रवार शाम हुई अमन की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सामने आए ये खुलासे सुरक्षा एजेंसियों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि मामला सिर्फ संवेदनशील तस्वीरें भेजने तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि रियल-टाइम डिजिटल निगरानी के नेटवर्क तक पहुंचता नजर आ रहा है.



