दीये जलाने के लिए पैसे हैं छात्रावास के लिए नहीं: राहुल

- छात्रावास की कमी को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने मोदी सरकार से पूछा सवाल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्राओं के लिए छात्रावास की कमी को लेकर सरकार पर सवाल उठाया है। इंदौर में एक छात्रा से बातचीत का हवाला देते हुए उन्होंने पूछा कि सरकार के पास प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीये जलाने के लिए पैसे हैं, लेकिन लड़कियों के लिए सुरक्षित और किफायती छात्रावास बनाने के लिए क्यों नहीं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्राओं के लिए छात्रावास की कमी को लेकर सरकार से सवाल किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर बड़े स्तर पर हुए दीप जलाने के कार्यक्रम का जिक्र करते हुए पूछा कि सरकार के पास दीये जलाने के लिए पैसा है, तो छात्राओं के लिए छात्रावास बनाने के लिए क्यों नहीं।
राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में हुए अपने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा से हुई बातचीत का जिक्र किया। छात्रा ने उच्च शिक्षा के लिए इंदौर आने के बाद सुरक्षित और कम खर्च में रहने की परेशानी के बारे में बताया था। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर लिखा, सरकार के पास दीये जलाने के लिए पैसे हैं, हमारे छात्रावास के लिए क्यों नहीं? उन्होंने बताया कि इंदौर में एक छात्रा ने उनसे यह सवाल पूछा था। राहुल गांधी के मुताबिक, छात्रा पढ़ाई के लिए एक गांव से इंदौर आई थी, लेकिन छात्रावास की सुविधा नहीं होने के कारण उसे पीजी में रहना पड़ा। उन्होंने कहा, छात्रावास नहीं है, इसलिए उसे पीजी में रहना पड़ता है। सिर्फ सुरक्षित रहने के लिए लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं। हर महीने के किराये की चिंता और बेघर होने का डर, इन सबके बीच उसे पढ़ाई करनी पड़ती है। राहुल गांधी ने कहा कि रहने की जगह नहीं मिलने के कारण कई लड़कियां अपनी पढ़ाई छोड़ देती हैं।
आवास भत्ते को लेकर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने आवास भत्ते को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, आवास भत्ते का क्या? महंगाई के साथ यह बढ़ता नहीं है और ऊपर से इसमें भ्रष्टाचार हो जाता है। उन्होंने कहा, कई लड़कियां इसी वजह से अपनी पढ़ाई छोड़ देती हैं क्योंकि रहने के लिए जगह नहीं होती। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए पूछा कि क्या आपके पास उस छोटी बच्ची के सवाल का कोई जवाब है?
दीये जलाने के खर्चे पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हुए बड़े स्तर के दीप जलाने के कायक्रम के कुछ दिन बाद आया है। मोदी के जन्मदिन के मौके पर ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम के तहत देश में दीप जलाए गए थे। मुताबिक, 17 सितंबर को मध्य प्रदेश में एक साथ करीब 3.55 करोड़ दीये जलाए गए थे। उज्जैन में शिप्रा नदी के घाटों और महाकाल लोक में 33.27 लाख दीये जलाए गए थे। ‘आशीर्वाद का दिया’ अभियान पर कुल कितना खर्च हुआ, इसकी कोई आधिकारिक सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। ‘द मॉर्निंग वॉइस’ में प्रकाशित एक अनुमान के अनुसार, उज्जैन के कार्यक्रम के लिए करीब 45,000 लीटर तेल की जरूरत पड़ी थी। इसके लिए तेल की लागत करीब 54 लाख रुपये से 67.5 लाख रुपये के बीच बताई गई थी। इस अनुमान के आधार पर पूरे मध्य प्रदेश में हुए कार्यक्रम के लिए तेल की लागत करीब 5.8 करोड़ रुपये से 7.2 करोड़ रुपये तक होने का अनुमान लगाया गया था।



