अमित शाह की अग्निपरीक्षा, क्या फिर दोहराएगा BJP का इतिहास ?
गांधीनगर नगर निगम चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज है... 11 अक्टूबर को 44 सीटों के लिए मतदान होगा और 13 अक्टूबर को...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात विधानसभा चुनाव में अभी करीब 14 महीने का वक्त बाकी है.. लेकिन उससे पहले राजधानी गांधीनगर के नगर निगम चुनावों ने राज्य की सियासत में हलचल बढ़ा दी है.. गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों को अक्सर बड़े राजनीतिक मुकाबलों से पहले माहौल परखने के तौर पर देखा जाता है.. यही वजह है कि गांधीनगर नगर निगम का यह चुनाव बीजेपी, कांग्रेस.. और आम आदमी पार्टी के लिए खास महत्व रखता है.. राज्य चुनाव आयोग ने गांधीनगर नगर निगम के चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है.. 11 अक्टूबर को मतदान होगा.. जबकि 13 अक्टूबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे.. ऐसे में अब राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं.. और गांधीनगर में चुनावी गतिविधियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं..
गांधीनगर नगर निगम का पिछला चुनाव साल 2021 में हुआ था.. और उस समय मुकाबला काफी अहम माना गया था.. आम आदमी पार्टी ने पहली बार गांधीनगर नगर निगम चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश की थी.. कांग्रेस भी बीजेपी के सामने मुख्य विपक्षी दल के तौर पर चुनाव लड़ रही थी.. हालांकि नतीजे बीजेपी के पक्ष में एकतरफा रहे.. बीजेपी ने कुल 44 सीटों में से 41 सीटों पर जीत दर्ज की.. कांग्रेस को दो सीटें मिलीं.. जबकि आम आदमी पार्टी सिर्फ एक सीट जीत सकी.. इस नतीजे के बाद गांधीनगर नगर निगम में बीजेपी ने स्पष्ट बहुमत के साथ अपना बोर्ड बनाया..
आपको बता दें कि 2021 के चुनाव में आम आदमी पार्टी की कोशिश खास तौर पर चर्चा में रही थी.. क्योंकि पार्टी गुजरात में अपना राजनीतिक आधार बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही थी.. गांधीनगर जैसे महत्वपूर्ण शहर में चुनाव लड़कर AAP ने राज्य की राजनीति में अपनी जगह बनाने का प्रयास किया.. पार्टी को एक सीट पर सफलता मिली और उसके वोट शेयर ने भी राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया.. दूसरी तरफ कांग्रेस महज दो सीटों तक सीमित रह गई.. बीजेपी ने 41 सीटों के साथ भारी बहुमत हासिल किया.. उस समय बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सी.आर. पाटिल थे.. और पार्टी ने गांधीनगर में मजबूत संगठनात्मक तैयारी के साथ चुनाव लड़ा था..
वहीं अब 2026 के नगर निगम चुनाव में एक बार फिर बीजेपी, कांग्रेस.. और आम आदमी पार्टी के बीच मुकाबले की तस्वीर बनती दिखाई दे रही है.. तीनों दलों के सामने अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की चुनौती है.. बीजेपी के लिए 2021 के प्रदर्शन को दोहराना एक महत्वपूर्ण लक्ष्य माना जा सकता है.. जबकि कांग्रेस और AAP के सामने पिछली बार के मुकाबले अपने प्रदर्शन में सुधार करने की चुनौती होगी.. खास बात यह है कि दोनों विपक्षी दल अलग-अलग चुनाव लड़ते हैं तो मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है.. ऐसे में हर वार्ड में उम्मीदवारों, संगठन और स्थानीय मुद्दों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है.. चुनाव परिणामों से तीनों दलों के स्थानीय संगठन को लेकर भी संकेत मिलेंगे..
गांधीनगर नगर निगम चुनाव का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है.. क्योंकि नगर निगम क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लोकसभा क्षेत्र गांधीनगर से जुड़ा हुआ है.. इसी वजह से स्थानीय निकाय चुनाव को राष्ट्रीय स्तर के एक बड़े बीजेपी नेता के राजनीतिक क्षेत्र में होने वाले महत्वपूर्ण चुनाव के तौर पर भी देखा जा रहा है.. हालांकि नगर निगम चुनाव का मुद्दा मुख्य रूप से स्थानीय नागरिक सुविधाओं, विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे और स्थानीय प्रशासन से जुड़ा होता है.. फिर भी राजनीतिक दल इन चुनावों को संगठनात्मक ताकत.. और जमीनी सक्रियता दिखाने के अवसर के रूप में इस्तेमाल करते हैं.. इसी कारण इस चुनाव पर गुजरात की राजनीति में विशेष नजर बनी हुई है..



