डिजिटल दुनिया में 4PM का डंका, लगातार 4 वर्षों से शीर्ष पर

  • संजय शर्मा ने बता दिया संपादक सिर्फ चैनल नहीं बनाता इतिहास भी बनाता है
  • डाटा बीइंग की रिपोर्ट में नंबर वन 4PM 30.34 करोड़ व्यूज, 15 फीसदी मार्केट शेयर और लगातार चौथे साल शीर्ष पर
    पिछले चार वर्षों से 4PM नम्बर वन की पोजिशन पर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बुलंदियों पर पहुंचना कोई कमाल नहीं, बुलंदियों पर ठहरना कमाल होता है। जी हां बड़े दिग्गजों को पीछे छोड़कर चार वर्षों से लगातार टॉप पोजिशन बरकरार रखने के कमाल को 4PM न्यूज चैनल ने इस माह भी हासिल किया है। डाटा बीइंग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 4PM 30.34 करोड़ व्यूज, 15 फीसदी मार्केट शेयर के साथ चोटी पर बना हुआ है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। यह कोई अचानक आया डिजिटल तूफान नहीं है।
पिछले चार वर्षों से ४क्करू लगातार देश के प्रमुख राजनीतिक कमेंट्री प्लेटफॉर्मों में शीर्ष पर बना हुआ है। ४क्करू ने यह सब हासिल किया है अपने सुधि पाठकों और संपादक संजय शर्मा की बेबाक पत्रकारिता शैली के बल पर। 4PM के जन्म से लेकर अभी तक शायद ही ऐसा कोई दिन आया हो जिस दिन संघर्ष का बिगुल न बजा हो। दिल्ली में शाहीन/नफीसा की बेबाक पत्रकारिता हो या फिर एसआईआर और दूसरे राजनीतिक मुद्दे। 4PM कभी भी खबर कहने से पीछे नहीं हटा चूका नहीं। डंके की चोट पर हमने दर्शकों की आवाज को शासन सत्ता में बैठे लोगों तक पहुंचाया है और आगे भी पहुंचाते रहेंगे। इस मुकाम को हासिल करने में 4PM के संपादक संजय शर्मा ने खून-पसीना एक किया है और बहुत से जुल्मों सितम झेले हैं।

शब्द-शब्द संघर्ष जिद सच की

संजय शर्मा ने कभी पत्रकारिता को केवल नौकरी की तरह नहीं देखा उनके लिए यह शब्दों की, सवालों की सच को सामने रखने की लड़ाई है। शायद इसी वजह से ४क्करू के साथ जुड़ा वाक्य शब्द शब्द संघर्ष जिद सच की सिर्फ टैगलाइन नहीं रह जाता। आंकड़े जब बार बार सामने आते हैं तो वह एक संपादकीय यात्रा का परिचय बन जाता है। और इस कहानी का एक और अध्याय है 4PM यूपी। डाटा बीइंग की उसी सूची में ४क्करू यूपी ने भी देश के टॉप 30 राजनीतिक यूट्यूब चैनलों में जगह बनाई है। 19.2 मिलियन व्यूज के साथ 4PM यूपी की मौजूदगी बताती है कि कहानी सिर्फ राष्ट्रीय डिजिटल मंच तक सीमित नहीं है यानी दिल्ली से लेकर लखनऊ तक 4PM का जलवा कायम है।

एक पत्रकार के लिए इससे बड़ी उपलब्धि क्या होगी

एक पत्रकार के लिए इससे बड़ी उपलब्धि और क्या होगी कि जिस सवाल को वह अपने न्यूजरूम की मेज पर बैठकर उठाता है वही सवाल लाखों लोग अपनी मोबाइल स्क्रीन पर देख रहे हों।4PM के संपादक संजय शर्मा के लिए यह सिर्फ व्यूज का आंकड़ा नहीं है यह उस प्रयोग की सफलता है जिसे उन्होंने बरसों पहले शुरू किया था। आज ४क्करू के पूरे नेटवर्क पर प्रतिदिन करीब सवा करोड़ व्यूज आने को वह कभी सपना बताते थे आज वही सपना आंकड़ों की शक्ल में सामने खड़ा है और शायद संपादक के जीवन की सबसे खूबसूरत उपलब्धि भी यही होती है कि जिस चीज को दुनिया कभी सपना समझती है एक दिन वही उसकी पहचान बन जाती है।

क्या-क्या न सहे जुल्मों-सितम सच की आवाज बनने के लिए

किसी चैनल का नंबर वन होना सिर्फ व्यूज का खेल नहीं होता उसके पीछे वह संघर्ष छिपा होता है जिसकी कीमत कैमरे के सामने नहीं कैमरे के पीछे चुकानी पड़ती है। 4PM और उसके संपादक संजय शर्मा की कहानी में भी यह संघर्ष एक लंबे दौर से दिखाई दे रहा है। 4PM पर सरकारी दबाव और दूसरी दमानत्मक कार्रवाई की लंबी फेहरिस्त हैं। भारत में 4PM चैनल को ब्लॉक किया जाना। कोर्ट के आदेश के बाद खुलना और फिर ब्लाक कर देने के बाद दोबारा खुलाना। यही नहीं विज्ञापन और दूसरे संसाधनों से दूर रखना गलत कार्रवाईया आदि शामिल है। संजय शर्मा के लिए यह रास्ता आसान नहीं रहा। लेकिन उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी। संघर्ष किया और सवाल पूछने की जिद से पीछे नहीं हटे यही कारण है कि जब डाटा बीइंग की अगस्त 2026 की रैंकिंग में 4PM 30.34 करोड़ से अधिक व्यूज और 15 प्रतिशत व्यू-शेयर के साथ शीर्ष पर दिखाई देता है तो इस आंकड़े के पीछे सिर्फ एल्गोरिद्म नहीं एक लंबा संघर्ष भी पढ़ा जा सकता है। सवाल पूछने की कीमत चुकानी पड़े रास्ते में रुकावटें आएं प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई हो फिर भी आवाज जारी रहे यही 4PM की कहानी है और यही संजय शर्मा के संघर्ष की कहानी है। इसीलिए आज की बल्ले-बल्ले के पीछे कल के वह दिन भी याद रखने होंगे जब आवाज को रोकने की कोशिशें हुईं मगर आवाज ने रास्ता बदलकर भी अपनी जगह बना ली।

4PM के साथ लगातार दर्शकों का भरोसा कायम है

डाटा बीइंग की सूची में 4PM के पीछे एनएमएफ न्यूज, अजीत अंजुम, डीबी लाइव, अभिसार शर्मा और दूसरे बड़े डिजिटल नाम मौजूद हैं। लेकिन अगस्त की इस रैंकिंग में 4PM सबसे ऊपर है 303.4 मिलियन 15 फीसदी स्क्रीन शेयर के साथ नंबर वन आंकड़े छोटे होते हैं लेकिन उनके पीछे की यात्रा बहुत लंबी होती है और इस यात्रा में सबसे बड़ी बात यह है कि 4PM की कहानी किसी एक वीडियो की कहानी नहीं है। यह लगातार काम करते रहने की कहानी है लगातार सवाल पूछने की कहानी है और लगातार दर्शक का भरोसा बनाए रखने की कहानी है।

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