गोरखपुर में आकाशीय बिजली का खतरा, फिर भी खुले स्कूल! बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
गोरखपुर में आकाशीय बिजली के खतरे के बीच निजी स्कूलों के संचालन को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ी है। राजघाट में दो मौतों के बाद प्रशासन भी लोगों को सतर्क रहने की अपील कर रहा है।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क: गोरखपुर में आकाशीय बिजली का खतरा एक बार फिर चिंता बढ़ा रहा है। राजघाट क्षेत्र में कुछ दिन पहले आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो अधिवक्ताओं की मौत हो चुकी है। घटना के बाद जिला प्रशासन लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील कर रहा है। इसी बीच निजी स्कूलों के सामान्य तरीके से संचालित होने को लेकर अभिभावकों की चिंता सामने आई है।
दो मौतों के बाद भी स्कूलों पर सवाल
राजघाट की घटना ने आकाशीय बिजली से होने वाले खतरे की गंभीरता को सामने ला दिया है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने दोनों अधिवक्ताओं की मौत की पुष्टि की थी। इसके बाद प्रशासन की ओर से मौसम खराब होने पर सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
वहीं, कई निजी विद्यालयों का संचालन जारी रहने से अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि खराब मौसम में बच्चों के स्कूल आने-जाने के दौरान किसी अप्रिय घटना की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था क्या होगी, यह स्पष्ट होना चाहिए।
प्रशासन अलर्ट, स्कूलों की भूमिका पर सवाल
एक ओर जिला प्रशासन लोगों को आकाशीय बिजली और खराब मौसम से बचने की सलाह दे रहा है, वहीं दूसरी ओर निजी विद्यालय सामान्य दिनों की तरह संचालित हो रहे हैं। ऐसे में प्रशासन और निजी स्कूल प्रबंधन के बीच समन्वय को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अभिभावकों की मांग है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा से जुड़े स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार?
राजघाट में दो लोगों की मौत के बाद आकाशीय बिजली का खतरा महज आशंका नहीं रह गया है। ऐसे में सवाल यह है कि मौसम खराब होने की स्थिति में स्कूलों के लिए क्या प्रोटोकॉल है और बच्चों की सुरक्षा को लेकर कौन-से कदम उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल मुद्दा यही है कि प्रशासन की चेतावनी और स्कूलों के संचालन के बीच सुरक्षा का संतुलन कैसे बनाया जाए, ताकि किसी संभावित हादसे से पहले जरूरी एहतियाती कदम उठाए जा सकें।
रिपोर्ट – अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर
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