समाजवादी नेता राम गोविंद चौधरी को आखिरी सलाम

बीमारी के बाद पीजीआई मे निधन, सपा नेता के निधन से सियासी गलियारों में शोक

सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोविंद चौधरी के निधन से प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव शनिवार को लखनऊ के निशातगंज स्थित मेट्रो सिटी अपार्टमेंट पहुंचे और चौधरी के पार्थिव शरीर पर समाजवादी पार्टी का झंडा रखकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। इस दौरान अखिलेश यादव भावुक नजर आए।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और समर्थक भी उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। अखिलेश यादव ने राम गोविंद चौधरी के निधन को समाजवादी आंदोलन और समाजवादी पार्टी के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा, राम गोविंद चौधरी जी समाजवादी आंदोलन के नेता रहे और शुरुआती दौर में जिस समय समाजवाद की पहचान बनानी थी, उस पीढ़ी के वो लोग हैं।

कई बार रहे मंत्री

वर्ष 1990 से 1991 के बीच मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली सरकार में उन्होंने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में बांसडीह से जीत दर्ज करने के बाद अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें बेसिक शिक्षा और समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में राम गोविंद चौधरी ने बांसडीह से फिर जीत दर्ज की। इसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। वर्ष 2017 से 2022 तक उन्होंने इस पद की जिम्मेदारी संभाली। वह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव भी रहे और पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान राम गोविंद चौधरी पूर्वांचल की राजनीति में समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे। उनके निधन पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से शोक संवेदनाओं का सिलसिला जारी है।

उनके ना रहने पर समाजवादी आंदोलन को क्षति : अखिलेश यादव

सपा अध्यक्ष ने कहा कि राम गोविंद चौधरी ने समाजवादी आंदोलन के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया और उनका पूरा जीवन संघर्ष में गुजरा। उन्होंने कहा, वह बहुत प्रभावी ढंग से अपनी बात को रखते थे। उनके ना रहने पर समाजवादी आंदोलन को क्षति हुई है। समाजवादी पार्टी को बहुत बड़ी क्षति हुई है। इस दुख की घड़ी में हम सब समाजवादी लोग उनके परिवार के साथ हैं।

लखनऊ से लेकर बलिया तक शोक की लहर

राम गोविंद चौधरी के निधन पर बलिया के बांसडीह से भाजपा विधायक केतकी सिंह ने भी शोक जताया। उन्होंने कहा कि उनका निधन पूरे क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। वैचारिक मतभेदों के बावजूद वह राजनीति में उनके लिए अभिभावक के समान थे। केतकी सिंह ने कहा कि जनसेवा, जमीनी संघर्ष और समाजवादी विचारधारा के प्रति राम गोविंद चौधरी का योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने दिवंगत नेता की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने भी दी श्रद्धांजलि

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी राम गोविंद चौधरी के आवास पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके आवास पर राजनीतिक दलों के नेताओं, समर्थकों और परिचितों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। पूरे परिसर में शोक का माहौल रहा। राम गोविंद चौधरी का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। बलिया जिले से आने वाले चौधरी ने वर्ष 1977 के विधानसभा चुनाव में चिलकहर विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। राम गोविंद चौधरी के निधन पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, यह बहुत दुखद घटना है। वे एक लोकप्रिय नेता थे जिन्होंने संसद से लेकर सडक़ों तक गरीबों, कमजोर वर्गों, पिछड़े वर्गों, दलितों और वंचितों के लिए लड़ाई लड़ी। हम उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दें।

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

मल्लिकार्जुन खरगे ने आर्थिक सुधारों को सराहा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जयंती पर शनिवार को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि सच्ची जनसेवा, समावेशी विकास और परिवर्तनकारी सुधारों की उनकी विरासत पीढय़िों को प्रेरित करती रहेगी।
खरगे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सिंह के योगदान को याद करते हुए यह भी कहा कि वह एक दूरदर्शी राजनेता थे और उनके ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों ने भारत की विकास यात्रा को बदल दिया, नए अवसर पैदा किए तथा लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में मदद की। उन्होंने कहा, सिंह के सार्वजनिक जीवन की पहचान उनकी विनम्रता, ईमानदारी और बुद्धिमत्ता थी।
उन्होंने गरिमा और करुणा के साथ नेतृत्व किया तथा समावेशी विकास और कमजोर वर्गों के कल्याण को शासन के केंद्र में रखा। उनकी सरकार का अधिकार-आधारित ढांचा इस दृष्टिकोण की एक स्थायी मिसाल बना हुआ है।’’ उन्होंने कहा कि ऐसे राजनेता की विरासत आने वाली पीढिय़ों को प्रेरित करती रहेगी। सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को पंजाब के गाह गांव में हुआ था जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है। सिंह 2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री रहे। 26 दिसंबर 2024 को उनका निधन हो गया था। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने एक्स पर लिखा, आज पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी को उनकी जयंती पर याद कर रहा हूं। देश के लिए उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएग। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। सार्वजनिक जीवन और भारत की प्रगति में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

पीएम मोदी ने किया याद

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के जयंती पर पीएम मोदी से उनके देश सेवा में योगदान को लेकर याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, हमारे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कई साल बिताए और पूरी निष्ठा के साथ देश की सेवा की है।

प्रियंका ने कहा-भारत के विकास को ऊंचाई दी

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को याद करते हुए एक्स पर श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने लिखा, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन, एक कुशल अर्थशास्त्री एवं सफल राजनेता के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह जी ने भारत के विकास को असाधारण गति दी और देश की समृद्धि को नए मुकाम पर पहुंचाया. अपनी दूरदर्शी एवं समावेशी आर्थिक नीतियों के जरिए उन्होंने हर तबके को समृद्ध किया. देश के विकास में मनमोहन सिंह जी के अभूतपूर्व योगदान को सदैव याद किया जाएगा। उनकी स्मृतियों को नमन किया। इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री के जयंती पर कांग्रेस के ऑफिस के बाहर उन्हें पार्टी की तरफ से श्रद्धांजलि देते हुए होर्डिंग लगाए गए हैं।

नागालैड में जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोहिमा। नागालैंड में पिछले दो दिनों में कथित तौर पर ज़हरीली शराब पीने से कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस ने इन मौतों की जांच करने और राज्य में मिलावटी शराब की सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम-एसआईटी बनाई है।
बता दें कि राज्य में 1990 से शराब पर पाबंदी लागू है। पुलिस ने बताया कि कथित अवैध शराब पीने से मोकोकचुंग जिले में आठ और तुएनसांग जिले में 11 लोगों की मौत हुई है। सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस वेसुप्रा केज़ो ने शनिवार को कहा कि संदिग्ध मिलावटी शराब से हुई मौतों की जांच करने और शराब के स्रोत व सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस आई। बुंगलांग चांग की अध्यक्षता में एक स्ढ्ढञ्ज का गठन किया गया है। मौत की वजह का पता लगाने के लिए पुलिस ने सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए गुवाहाटी भेजे हैं।

सुप्रीम फैसला : टिकट न मिलने पर भी ट्रेन हादसे के पीडि़त को मिलेगा मुआवजा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने 2017 में गुजरात में चलती ट्रेन से गिरकर मारे गए एक व्यक्ति के माता-पिता को दिया गया मुआवजा बहाल करते हुए कहा है कि किसी मृत रेल यात्री के पास से टिकट बरामद नहीं होने मात्र से मुआवजे का दावा खारिज नहीं किया जा सकता।
न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां और न्यायमूर्ति ए. एस. चंदुरकर की पीठ ने गुजरात उच्च न्यायालय का वह आदेश रद्द कर दिया, जिसमें महेशभाई के माता-पिता को दिया गया मुआवजा खारिज कर दिया गया था। महेशभाई 27 सितंबर 2017 को अहमदाबाद के रास्ते सूरत जा रहा था और वह ट्रेन में अचानक झटका लगाने के कारण सामान्य डिब्बे से नीचे गिर गया था। पीठ ने शुक्रवार को कहा, उच्च न्यायालय ने रेल टिकट नहीं मिलने को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया और पीडि़त के पिता द्वारा शपथ लेकर दिए गए बयान एवं इस तथ्य पर विचार नहीं किया कि पीडि़त एक महीने से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहा था। उपलब्ध तथ्यों एवं परिस्थितियों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि पीडि़त एक वैध यात्री था और उसका टिकट बरामद नहीं होने के आधार पर मुआवजे का दावा खारिज नहीं किया जा सकता। रेलवे दावा अधिकरण ने 17 जून 2022 को माना था कि महेशभाई एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना का शिकार हुआ और वह ट्रेन से दुर्घटनावश गिरा था।

अधिकरण ने उसके माता-पिता को आठ लाख रुपये मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया था और उन्हें घटना की तारीख से आदेश की तिथि तक नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दिए जाने को कहा गया था।
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि 27 सितंबर 2017 की घटना में महेशभाई गंभीर रूप से घायल हुआ था और इसके बाद वह एक महीने से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहा। पीठ ने कहा, ‘‘31 अक्टूबर 2017 को उसकी मौत हो गई। सामान्य परिस्थितियों में, जब पीड़ित का इलाज चल रहा था, तो यह संभावना बहुत कम है कि दावेदारों ने रेल टिकट संभालकर रखा होगा।’’ न्यायालय ने कहा कि दावेदार की ओर से शपथ लेकर बयान दिए जाने के बाद तथ्यों को गलत साबित करने की जिम्मेदारी रेलवे पर थी, लेकिन वह ऐसा करने में विफल रहा। सभी परिस्थितियों पर विचार करने के बाद अधिकरण ने सही निष्कर्ष निकाला था कि पीडि़त एक वैध यात्री था और टिकट नहीं मिलने को दावेदारों के खिलाफ नहीं माना जा सकता। पीठ ने कहा कि महेशभाई के माता-पिता ने दावा किया था कि उसका टिकट, रूमाल, कलाई घड़ी, कंघी और 800 से 900 रुपये नकद गायब हो गए थे। उसके पिता ने शपथ लेकर कहा था कि उनके बेटे ने टिकट खरीदा था। जांच में देरी के लिए दावेदारों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता और रेलवे अपनी ओर से जांच रिपोर्ट तैयार करने में हुई देरी का लाभ नहीं उठा सकता।’’ पीठ ने कहा कि वह इस जांच रिपोर्ट को नजर अंदाज करने के पक्ष में है और यह रिपोर्ट दावेदारों को मुआवजा मिलने में बाधा नहीं बन सकती। पीठ ने रेलवे दावा अधिकरण द्वारा 17 जून 2022 को दिए गए आठ लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश को बहाल करते हुए निर्देश दिया कि यह राशि महेशभाई के माता-पिता को 30 दिन के भीतर दी जाए।

चारों ओर पानी ही पानी, जल प्रलय सा नजारा

शहर से गांव तक की सडक़ेंलबालब, पेड़ गिरे, राजधानी का हाल बेहाल, नगर निगम की तैयारियों की खुली पोल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में जलभराव और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है। बारिश के चलते 19 जिलों में स्कूल बंद किए गए हैं। किसानों की फसलों को भी नुकसान की चिंता है।
वहीं राजधानी लखनऊ का भी बुरा हाल है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में जल प्रलय का नजारा दिखाई दे रहा। पॉश इलाकों से लेकर गली मोहल्लों तक में जलजमाव से लोगों को दिक्क तों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं को देखकर नगरनिगम की तैयारियों की भी पोल खुल गई है। वहीं अभी उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहने के आसार हैं। बृहस्पतिवार आधी रात के बाद शुरू हुई बारिश प्रदेश के लगभग सभी इलाकों में कहीं धीमी तो कहीं तेज रफ्तार से होती रही। लगातार बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है।

स्कूल बंद रखने का अदेश

बारिश की स्थिति को देखते हुए शनिवार को 19 जिलों में स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में नर्सरी से लेकर डिग्री कॉलेज तक के शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। चार जिलों में कक्षा आठ तक और अन्य जिलों में कक्षा 12 तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल बंद करने के प्रशासन के फैसले का सरोजनीनगर विधायक राजेश्वर सिंह ने समर्थन किया है।

नए मौसम तंत्र से बढ़ी बारिश

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम तंत्र के पश्चिमी विक्षोभ के साथ मिल जाने से उत्तर प्रदेश में बारिश के तेवर और तीखे हुए हैं। शनिवार को प्रदेश में बारिश का दायरा और व्यापक होने की संभावना है। बारिश के कारण अधिकतर क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आई है और कई जगह यह सामान्य से नीचे पहुंच गया है।

Related Articles

Back to top button