भारी बारिश ने छीनी गरीब परिवार की छत, मकान गिरने से मचा हड़कंप

अलापुर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने ग्रामीण इलाकों में जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: अलापुर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने ग्रामीण इलाकों में जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। अलापुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले बमनी गांव में भारी बारिश के बीच एक गरीब परिवार का कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया।

मकान गिरने की घटना के समय परिवार के सदस्य घर के अंदर मौजूद थे। हालांकि, दीवारों के गिरने की आहट मिलते ही परिवार के लोगों ने समय रहते घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन मकान के मलबे में दबकर घर-गृहस्थी का सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया।

बारिश के बीच अचानक ढह गया कच्चा मकान

जानकारी के अनुसार बमनी गांव निवासी बीरेन्द्र पुत्र मुन्नालाल का मकान कच्चा था, जिसके ऊपर टीन पड़ी हुई थी। पिछले कुछ समय से क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही थी। मूसलाधार बारिश के कारण मकान की दीवारें कमजोर हो गई थीं। बताया जा रहा है कि बारिश के बीच अचानक मकान की दीवारें गिरने लगीं और देखते ही देखते पूरा मकान धराशायी हो गया।

घटना के समय बीरेन्द्र और उनके परिवार के सदस्य घर के अंदर ही मौजूद थे। मकान के गिरने की आहट सुनते ही परिवार ने बिना देर किए बाहर की ओर भागकर अपनी जान बचाई। कुछ ही क्षणों में जिस घर में परिवार रह रहा था, वह मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।

बाल-बाल बचा पूरा परिवार

मकान गिरने के दौरान परिवार के सभी सदस्यों के समय रहते बाहर निकल जाने से एक बड़ा हादसा टल गया। यदि परिवार को बाहर निकलने का मौका नहीं मिलता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। हादसे के बाद परिवार के लोगों में दहशत का माहौल है।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने मलबे में दबे सामान को निकालने में परिवार की मदद की और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।

मलबे में दबा घर का सामान

मकान के ढहने से घर के अंदर रखा घरेलू सामान मलबे के नीचे दब गया। पीड़ित परिवार के अनुसार अनाज, कपड़े, बिस्तर, बर्तन सहित रोजमर्रा की जरूरत का अन्य सामान भी मलबे में दबकर खराब हो गया। परिवार का कहना है कि अचानक हुई इस घटना से उन्हें काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

पीड़ित बीरेन्द्र ने बताया कि मकान गिरने के बाद उनके परिवार के सिर से छत छिन गई है। बारिश के मौसम में परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है और उन्हें खुले आसमान के नीचे रहने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

पीड़ित ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार

मकान गिरने के बाद पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन से आर्थिक सहायता और मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। परिवार का कहना है कि बारिश के कारण उनका आशियाना पूरी तरह नष्ट हो गया है और घर में रखा जरूरी सामान भी बर्बाद हो चुका है।

पीड़ित परिवार ने मांग की है कि प्रशासन की ओर से मौके पर पहुंचकर मकान और नुकसान का सर्वे/मुआयना कराया जाए, ताकि वास्तविक क्षति का आकलन हो सके। इसके बाद सरकारी नियमों के अनुसार पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और आवश्यक राहत उपलब्ध कराई जाए।

ग्रामीणों ने भी की सरकारी सहायता की मांग

घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पीड़ित परिवार की स्थिति का संज्ञान लेने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के कारण कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के सामने विशेष रूप से खतरा बना हुआ है। ऐसे में प्रभावित परिवार को तत्काल राहत मिलना जरूरी है।

ग्रामीणों और पीड़ित बीरेन्द्र ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कराया जाए और पात्रता के अनुसार पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता एवं आर्थिक मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।

बारिश ने बढ़ाई परेशानी

लगातार हो रही बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। बमनी गांव की यह घटना भी इसी परेशानी को सामने लाती है। मकान गिरने के बाद बीरेन्द्र का परिवार फिलहाल मुश्किल परिस्थितियों में है और उसे तत्काल राहत तथा सुरक्षित आश्रय की जरूरत है।

अब देखना यह है कि प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार के नुकसान का कब तक सर्वे कराया जाता है और उसे सरकारी स्तर पर कितनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
रिपोर्ट:- संतुलित पाठक, बदायूं

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