फूड पॉइजनिंग से 60 छात्राओं की हालत बिगड़ी, पेट दर्द और उल्टी की शिकायत
असम के कोकराझार में CIT के गाम्बारी गर्ल्स हॉस्टल में 60 छात्राएं अचानक बीमार पड़ गईं. हॉस्टल मेस का खाना खाने के बाद उन्हें पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी शिकायतें हुईं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: असम के कोकराझार में CIT के गाम्बारी गर्ल्स हॉस्टल में 60 छात्राएं अचानक बीमार पड़ गईं. हॉस्टल मेस का खाना खाने के बाद उन्हें पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी शिकायतें हुईं.
असम के कोकराझार में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (CIT) के गाम्बारी गर्ल्स हॉस्टल में एक साथ करीब 60 छात्राओं के बीमार पड़ने से हड़कंप मच गया. शुक्रवार रात हॉस्टल मेस में खाना खाने के कुछ समय बाद छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी. प्रभावित छात्राओं ने पेट दर्द, उल्टी, चक्कर और दस्त जैसी शिकायत की. इसके बाद सभी को इलाज के लिए कोकराझार मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (KMCH) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है.
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 10 बजे छात्राओं ने हॉस्टल मेस में खाना खाया था. खाना खाने के बाद एक-एक कर छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी. शुरुआत में कुछ छात्राओं ने पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की, लेकिन थोड़ी देर में बीमार पड़ने वाली छात्राओं की संख्या बढ़ती चली गई. देखते ही देखते करीब 60 छात्राओं के बीमार होने की सूचना सामने आई.
एक साथ 60 छात्राओं की बिगड़ी तबीयत
एक साथ बड़ी संख्या में छात्राओं की तबीयत खराब होने की खबर मिलते ही हॉस्टल प्रशासन में हड़कंप मच गया. प्रभावित छात्राओं को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई. सभी को कोकराझार मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया. प्रारंभिक तौर पर छात्राओं के बीमार पड़ने की वजह फूड पॉइजनिंग होने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्राओं की तबीयत आखिर किस वजह से खराब हुई. मेस में परोसे गए खाने या पानी में किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा जा रहा है.
अस्पताल में चल रहा इलाज
घटना के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है. मेस में इस्तेमाल किए गए भोजन और पानी के नमूने जांच के लिए लिए जाने की तैयारी है. इन नमूनों की जांच के बाद ही यह पता चल सकेगा कि छात्राओं के बीमार पड़ने के पीछे दूषित भोजन या पानी की भूमिका थी या कोई अन्य कारण रहा. इधर, अस्पताल में भर्ती छात्राओं की स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं. एक साथ इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं के बीमार पड़ने के बाद हॉस्टल की मेस व्यवस्था और भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
जांच में जुटी पुलिस
प्रशासन की ओर से घटना की जानकारी जुटाई जा रही है और हॉस्टल में भोजन तैयार करने से लेकर छात्राओं को खाना परोसे जाने तक की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा सकती है. फिलहाल प्राथमिकता बीमार छात्राओं का इलाज और उनकी स्थिति पर निगरानी रखना है. अधिकारियों का कहना है कि जांच और मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद ही छात्राओं के बीमार पड़ने की वास्तविक वजह साफ हो सकेगी. फिलहाल मामले को संदिग्ध फूड पॉइजनिंग के तौर पर देखा जा रहा है.



