ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग, कच्छ में सड़कों पर उतरी AAP
आम आदमी पार्टी गुजरात ने कच्छ के भुज में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः कच्छ के भुज में आम आदमी पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया.. इस प्रदर्शन का नेतृत्व आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. कायनात अंसारी ने किया.. बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए.. और चुनाव प्रक्रिया तथा मतदाता सूची को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं.. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने डॉ. कायनात अंसारी सहित आम आदमी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया.. पार्टी की ओर से कहा गया कि यह प्रदर्शन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं.. बल्कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर किया जा रहा है..
आपको बता दें कि प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. कायनात अंसारी ने कहा कि.. आज किया जा रहा विरोध प्रदर्शन किसी व्यक्ति का विरोध नहीं है.. उन्होंने कहा कि सवाल इस बात को लेकर है कि SIR यानी मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है.. और मतदाता सूची को तैयार करने तथा उसमें संशोधन की पूरी प्रक्रिया कितनी पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है.. डॉ. अंसारी के मुताबिक, जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं.. उनके लिए उपलब्ध प्रक्रिया और उसके सत्यापन से जुड़ी व्यवस्था स्पष्ट और ऑडिटेबल होनी चाहिए.. और उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि.. उसके नाम से संबंधित कार्रवाई किस आधार पर हुई है..
डॉ. कायनात अंसारी ने SIR की प्रक्रिया को लेकर एक और सवाल उठाया.. उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम सूची से हटाया जाता है.. तो उसके पास अपनी बात रखने और उस कार्रवाई की समीक्षा कराने की स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए.. उनके अनुसार इस पूरी प्रक्रिया में यह पता चलना चाहिए कि संबंधित व्यक्ति की आपत्ति या दावे पर क्या कार्रवाई की गई.. उन्होंने प्रक्रिया को ऑडिटेबल बनाने की मांग करते हुए कहा कि किसी भी मतदाता के अधिकार को केवल ऐसी व्यवस्था के आधार पर प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए.. जिसकी पूरी जानकारी आम लोगों के सामने उपलब्ध न हो.. AAP नेता ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक चुनाव की बुनियादी व्यवस्था है.. और इसमें पारदर्शिता बेहद जरूरी है..
डॉ. अंसारी ने चुनाव प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर को लेकर भी सवाल उठाए.. उन्होंने कहा कि यदि PRO यानी संबंधित अधिकारी के पास प्रक्रिया से जुड़े अधिकार हैं.. तो फिर केंद्रीकृत सॉफ्टवेयर की भूमिका क्या है.. यह स्पष्ट किया जाना चाहिए.. उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी केंद्रीयकृत सॉफ्टवेयर की भूमिका किसी अधिकारी के निर्णय से भी ऊपर है.. तो ऐसी स्थिति में पूरी प्रक्रिया के लिए जवाबदेही किसकी होगी.. AAP नेता ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है.. लेकिन उसके साथ पारदर्शिता, जवाबदेही और ऑडिट की व्यवस्था भी स्पष्ट होनी चाहिए.. उनके मुताबिक मतदाता सूची से जुड़े किसी भी फैसले की जिम्मेदारी तय होना जरूरी है..
आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि निष्पक्ष मतदान का आधार एक पारदर्शी मतदाता सूची होती है.. उनके अनुसार यदि मतदाता सूची को लेकर ही सवाल खड़े हो जाएं.. तो चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है.. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में शामिल प्रत्येक पात्र व्यक्ति का नाम सुरक्षित रहना चाहिए.. और किसी व्यक्ति का नाम हटाए जाने की स्थिति में उसे उचित प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए.. डॉ. अंसारी ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है.. और इसमें किसी भी स्तर पर ऐसी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए.. जिससे मतदाता अपने अधिकार को लेकर असमंजस में रहे.. और उन्होंने पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट, पारदर्शी और जांच योग्य बनाने की मांग की..
आपको बता दें कि अपने बयान में डॉ. कायनात अंसारी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर तीखी टिप्पणी भी की.. उन्होंने आरोप लगाया कि यदि चुनाव में पहले से ही किसी एक राजनीतिक दल को जिताना तय हो.. तो फिर चुनाव कराने की आवश्यकता ही क्या है.. उन्होंने कहा कि उनका सवाल चुनाव आयोग की संस्था.. और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर है.. डॉ. अंसारी ने आरोप लगाया कि यदि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं.. और विपक्षी दलों को लगता है कि संस्थाएं सत्तारूढ़ पक्ष के साथ खड़ी हैं.. तो यह लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है..



