3 अक्टूबर को होने वाली MPSC मुख्य परीक्षा स्थगित, नए पैटर्न पर विवाद के बीच बड़ा फैसला
MPSC ने छात्रों के विरोध और पेपर लीक जैसी चिंताओं के बाद 2026 की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा को आगे बढ़ा दिया है. परीक्षा के नए पैटर्न को लेकर विवाद चल रहा है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: MPSC ने छात्रों के विरोध और पेपर लीक जैसी चिंताओं के बाद 2026 की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा को आगे बढ़ा दिया है. परीक्षा के नए पैटर्न को लेकर विवाद चल रहा है.
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) ने 3 अक्टूबर से शुरू होने वाली राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2026 को टाल दिया है. प्रतियोगी छात्र, उनके माता-पिता और छात्र संगठन काफी समय से इस परीक्षा को आगे बढ़ाने की मांग कर रहे थे.
इस मांग को लेकर उन्होंने आयोग को कई आवेदन भी भेजे थे. परीक्षा की नई तारीख क्या होगी, इसके बारे में अभी फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी गई है.
MPSC की ये परीक्षा 3 अक्टूबर से अलग-अलग तारीखों पर होने वाली थी. इसे UPSC की तरह लिखित (डिस्क्रिप्टिव) पैटर्न पर कराने का फैसला लिया गया था.
MPSC परीक्षा सिस्टम में बदलावों को लेकर विवाद चल रहा है. सरकार द्वारा बनाई गई ‘वी. राधा समिति’ इस पूरे सिस्टम और परीक्षा से जुड़े मुद्दों की जांच कर रही है और जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपने वाली है. इसी वजह से परीक्षा को आगे बढ़ा दिया गया है.
क्या की गई थी मांग?
हाल की रिपोर्ट्स में पेपर-लीक मामलों के बाद क्वेश्चन पेपर की सुरक्षा को लेकर भी उम्मीदवारों की चिंताओं पर भी नजर रखी गई है. कुछ उम्मीदवारों ने मांग की थी कि प्रश्न पत्र नए सिरे से तैयार किए जाएं और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं का समाधान होने के बाद ही परीक्षा आयोजित की जाए.
पहले MPSC ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर लीक होने पर विरोध-प्रदर्शन हुए थे. इसमें उम्मीदवारों और राजनीतिक समूहों ने MPSC के चेयरमैन विवेक भीमन्वार और कमीशन के सेक्रेटरी के इस्तीफ़े की मांग की थी.
उम्मीदवारों ने परीक्षा आयोजित करने में प्रक्रियात्मक खामियों का आरोप भी लगाया था. हालांकि, भीमन्वार ने इस्तीफे की मांग को खारिज करते हुए कहा था कि ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर लीक उनके पद संभालने से पहले हुआ था.
दिपके ने उठाई थी इस्तीफे की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दिपके ने MPSC परीक्षा में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमन्वार के इस्तीफे की मांग की थी.
20 सितंबर को छत्रपति संभाजीनगर में अभिजीत दिपके ने परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों से मुलाकात की और उनसे अपनी समस्याओं पर खुलकर आवाज उठाने को कहा. इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है.



