नगर निगम चुनाव में AAP उम्मीदवार का फॉर्म खारिज, करण बारोट ने BJP पर उठाए गंभीर सवाल
गांधीनगर नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 5 से AAP उम्मीदवार जितेंद्रभाई चौहान का नामांकन फॉर्म खारिज होने के बाद...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गांधीनगर नगर निगम चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने नामांकन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.. गांधीनगर नगर निगम के वार्ड नंबर 5 से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार जितेंद्रभाई चौहान का नामांकन फॉर्म खारिज होने के बाद.. पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई है.. आम आदमी पार्टी के राज्य मुख्य प्रवक्ता डॉ. करण बारोट ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि.. नामांकन दाखिल करते समय उम्मीदवार की ओर से सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए गए थे.. इसके बावजूद जांच प्रक्रिया के दौरान ‘मैंडेट’ से जुड़ी तकनीकी दिक्कत का हवाला देते हुए नामांकन फॉर्म खारिज कर दिया गया.. वहीं इस कार्रवाई के बाद आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाया है कि.. आखिर नामांकन प्रक्रिया में दस्तावेज जमा करने के बावजूद उम्मीदवार का फॉर्म किस आधार पर खारिज किया गया..
आम आदमी पार्टी की ओर से उठाए गए सवालों के मुताबिक.. जितेंद्रभाई चौहान ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नामांकन फॉर्म दाखिल किया था.. पार्टी का कहना है कि नामांकन के समय आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए थे.. हालांकि, जब नामांकन पत्रों की जांच की गई.. तब ‘मैंडेट’ से संबंधित आपत्ति के आधार पर फॉर्म को खारिज कर दिया गया.. इसी मुद्दे को लेकर AAP के राज्य मुख्य प्रवक्ता डॉ. करण बारोट ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं.. उनका कहना है कि यदि उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल करते समय जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए थे.. तो बाद की जांच में सामने आई तकनीकी आपत्ति के आधार पर फॉर्म खारिज किए जाने की प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाना चाहिए.. पार्टी की ओर से इस मामले में पारदर्शिता.. और निष्पक्ष प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं..
डॉ. करण बारोट ने नामांकन फॉर्म खारिज किए जाने के बाद चुनाव प्रक्रिया को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी.. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी उम्मीदवार का नामांकन तकनीकी या मैंडेट से जुड़ी वजहों से खारिज किया जाता है.. तो इस पूरी प्रक्रिया के स्पष्ट नियम.. और उनके समान रूप से पालन की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए.. आम आदमी पार्टी का आरोप है कि उसके उम्मीदवार के साथ नामांकन प्रक्रिया में उचित व्यवहार नहीं किया गया.. हालांकि नामांकन फॉर्म को खारिज करने का अंतिम आधार संबंधित चुनाव अधिकारियों की प्रक्रिया और निर्णय से जुड़ा विषय है.. ऐसे में पूरे मामले को समझने के लिए नामांकन पत्र, आपत्ति, जांच के दौरान दर्ज किए गए कारण.. और चुनाव अधिकारी के फैसले को देखना जरूरी होगा.. AAP इसी आधार पर चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपने सवाल सामने रख रही है..
गांधीनगर नगर निगम चुनाव में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों के फॉर्म की जांच की जाती है.. इस दौरान दस्तावेजों, प्रस्तावक, पार्टी से संबंधित औपचारिकताओं.. और अन्य निर्धारित शर्तों की जांच की जाती है.. इसी जांच के दौरान वार्ड नंबर 5 से AAP उम्मीदवार जितेंद्रभाई चौहान का नामांकन फॉर्म खारिज किए जाने की बात सामने आई है.. पार्टी का कहना है कि फॉर्म दाखिल करते समय सभी आवश्यक कागजात जमा किए गए थे.. लेकिन जांच के दौरान मैंडेट को लेकर आपत्ति सामने आई.. इसी आधार पर नामांकन खारिज होने के बाद AAP ने सवाल उठाया है.. पार्टी की ओर से यह जानने की मांग की जा रही है.. कि जिस कमी या आपत्ति के आधार पर फॉर्म खारिज किया गया.. वह क्या थी और उसका समाधान संभव था या नहीं..
डॉ. करण बारोट ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर भी सवाल उठाए हैं.. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यदि BJP इसी तरह चुनाव जीतना चाहती है.. तो फिर चुनाव कराने की जरूरत ही नहीं है.. उनके बयान का आशय यह है कि यदि विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन अलग-अलग कारणों से खारिज होते चले जाएं.. और मैदान में केवल BJP के उम्मीदवार ही रह जाएं.. तो चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है.. हालांकि, यह AAP नेता की राजनीतिक प्रतिक्रिया और आरोप हैं.. नामांकन फॉर्म खारिज करने के वास्तविक कारणों और प्रक्रिया की वैधता का निर्धारण संबंधित चुनाव प्राधिकरण के रिकॉर्ड.. और नियमों के आधार पर ही किया जा सकता है.. इस मामले में BJP या संबंधित चुनाव अधिकारियों की ओर से यदि कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है.. तो वह भी पूरे विवाद को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगी..
AAP के राज्य मुख्य प्रवक्ता ने इसी संदर्भ में तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर BJP इसी तरह चुनाव जीतना चाहती है.. तो चुनाव पूरी तरह रद्द कर देना चाहिए और सभी BJP उम्मीदवारों को विजेता घोषित कर देना चाहिए.. करण बारोट का यह बयान नामांकन फॉर्म खारिज होने के बाद सामने आया है.. उनके बयान के जरिए आम आदमी पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर अपना सवाल दर्ज कराया है.. हालांकि, इस बयान को पार्टी की राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए.. किसी भी चुनाव में उम्मीदवार का नामांकन स्वीकार या अस्वीकार करने का फैसला निर्धारित चुनावी नियमों.. और संबंधित अधिकारी की जांच प्रक्रिया के आधार पर होता है.. इसलिए इस मामले में अंतिम स्थिति जानने के लिए नामांकन खारिज किए जाने के आधिकारिक कारण.. और उपलब्ध चुनावी दस्तावेजों को देखना महत्वपूर्ण रहेगा..



