बांदा में वकीलों की हुंकार, 14 सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन
बांदा में जिला अधिवक्ता संघ ने 14 सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ता सुरक्षा कानून, कल्याण निधि बढ़ाने समेत कई मांगें उठाईं।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः बांदा में जिला अधिवक्ता संघ ने अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर आवाज बुलंद की है। अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करने से लेकर न्यायिक जवाबदेही कानून और न्यायिक नियुक्ति आयोग के गठन तक की मांग उठाई। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि इन मांगों को लेकर सितंबर में आयोजित आमसभाओं में प्रस्ताव पारित किए गए थे।
सुरक्षा कानून से न्यायिक नियुक्ति आयोग तक मांग
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विमल कुमार सिंह और महासचिव राजेश कुमार त्रिपाठी ‘सोनू’ के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने ज्ञापन सौंपा। मांगों में उत्तर प्रदेश में अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करना और हड़ताल न करने की अंडरटेकिंग के दबाव का विरोध प्रमुख है। इसके अलावा संसद में न्यायिक जवाबदेही कानून लाने और कॉलेजियम व्यवस्था के स्थान पर न्यायिक नियुक्ति आयोग गठित करने की मांग भी रखी गई।
कल्याण निधि 25 लाख करने की मांग
अधिवक्ताओं ने टोल टैक्स में छूट, जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट लागू करने और नए अधिवक्ताओं को प्रोत्साहन भत्ता देने की मांग की। 70 वर्ष की आयु पूरी करने वाले अधिवक्ताओं के लिए मानक भत्ता और अधिवक्ता कल्याण निधि को 5 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
कोर्ट परिसरों में सुविधाओं से मुआवजे तक मुद्दे
अधिवक्ताओं ने न्यायिक परिसरों में बैठने की समुचित व्यवस्था के लिए बजट प्रावधान की मांग की। गोरखपुर में मृत दो अधिवक्ताओं के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा और नौकरी देने तथा बार काउंसिल चुनाव में अधिकतम दो कार्यकाल की सीमा तय करने की मांग भी रखी गई। इसके अलावा यूपी रेंट कंट्रोल एक्ट से जुड़े मामलों का अधिकार दीवानी न्यायालयों को वापस देने की मांग की गई।
रिपोर्ट – इक़बाल खान, बांदा
यह भी पढ़ें: बदायूं में पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या! घर में वारदात से मचा हड़कंप, आरोपी पति पर गंभीर आरोप



