कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार का मास्क पहनाकर रस्सियों से बांधा, निकाला जुलूस
CEC को लेकर कांग्रेस ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया... प्रदर्शन के दौरान ज्ञानेश कुमार का मास्क पहनकर एक व्यक्ति को...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है.. आपको बता दें कि गुजरात कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य के कई शहरों में प्रदर्शन करते हुए.. सीईसी ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने और उनके इस्तीफे की मांग की.. कांग्रेस ने यह विरोध विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने को लेकर किया.. पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में मतदाता प्रभावित हुए हैं.. और इससे मतदाताओं के संवैधानिक अधिकार पर सवाल खड़े हो रहे हैं.. कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता.. और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई..
कांग्रेस का दावा है कि देशभर में SIR प्रक्रिया के दौरान लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए गए हैं.. हालांकि यह संख्या कांग्रेस और उससे जुड़े विरोध प्रदर्शनों में लगाए गए आरोपों का हिस्सा है.. वहीं इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दल चुनाव आयोग से राज्यवार.. और निर्वाचन क्षेत्रवार आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं.. कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया के दौरान यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटता है.. तो उसे दोबारा शामिल कराने की प्रक्रिया आसान.. और समयबद्ध होनी चाहिए.. पार्टी ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग भी उठाई है..
जानकारी के मुताबिक गुजरात में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान राजकोट समेत कई जगहों पर कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग तरीकों से अपना विरोध दर्ज कराया.. राजकोट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए.. एक युवा कार्यकर्ता को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहनाया.. और उसे प्रतीकात्मक रूप से रस्सियों से बांधकर कलेक्टर कार्यालय की ओर ले गए.. कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ अपना प्रतीकात्मक विरोध बताया.. पार्टी का कहना था कि जिस तरह वह सीईसी को प्रतीकात्मक रूप से हिरासत में लेकर प्रदर्शन कर रही है.. वह चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने आरोपों को जनता तक पहुंचाने का एक तरीका है.. इस तरह के प्रदर्शनों के जरिए कांग्रेस ने SIR और मतदाता सूची में बदलाव के मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है..
आपको बता दें कि खेड़ा जिले के नडियाद में गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने विरोध मार्च का नेतृत्व किया.. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए.. चावड़ा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है.. उन्होंने मतदाता सूची में कथित तौर पर किए गए अनधिकृत बदलावों की पूरी जांच कराने.. और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन सामने आता है.. तो कानूनी कार्रवाई करने की मांग की.. चावड़ा ने यह भी कहा कि आयोग के कामकाज को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब पारदर्शी तरीके से दिया जाना चाहिए.. और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए..
अमित चावड़ा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों की समीक्षा करने की भी मांग की.. उनका आरोप है कि सत्तारूढ़ पार्टी पूरे निर्वाचन आयोग को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश कर रही है.. कांग्रेस का कहना है कि भारत में मतदान का अधिकार संविधान.. और लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी ताकत है.. इसलिए मतदाता सूची में किसी भी बदलाव की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी.. और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए.. चावड़ा ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार पर निर्वाचन आयोग जैसी स्वायत्त संस्था को प्रभावित करने के प्रयासों के सवाल उठ रहे हैं.. हालांकि ये कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं.. चुनाव आयोग की ओर से SIR प्रक्रिया को मतदाता सूची के सत्यापन और सुधार की प्रक्रिया के रूप में बताया गया है..



