शंकरसिंह वाघेला कांग्रेस में करेंगे वापसी, अमित चावड़ा ने की पुष्टि
गुजरात की राजनीति में शंकरसिंह वाघेला को लेकर हलचल तेज है... पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला की कांग्रेस में वापसी को लेकर चर्चा है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है.. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज नेता शंकरसिंह वाघेला को लेकर कांग्रेस में वापसी की चर्चाएं तेज हो गई हैं.. वहीं खुद शंकरसिंह वाघेला ने माना है कि कांग्रेस आलाकमान के साथ उनकी बातचीत हुई है.. हालांकि अभी उनकी कांग्रेस में औपचारिक वापसी का अंतिम ऐलान नहीं हुआ है.. वहीं गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने भी माना है कि वाघेला समेत कई नेताओं की पार्टी में वापसी को लेकर आलाकमान के स्तर पर बातचीत चल रही है.. ऐसे में 2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले वाघेला की संभावित घर वापसी ने राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है..
आपको बता दें कि शंकरसिंह वाघेला ने कांग्रेस में संभावित वापसी को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि.. उनकी किसी पद या ओहदे की इच्छा नहीं है.. उनका कहना है कि अगर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ लड़ाई में समर्थन.. और सहयोग की जरूरत पड़ती है.. तो वह इसके लिए तैयार हैं.. यानी वाघेला की ओर से सत्ता या संगठन में किसी पद की मांग के बजाय राजनीतिक सहयोग की बात कही जा रही है.. उनके इस बयान के बाद कांग्रेस में उनकी भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं.. हालांकि, फिलहाल यह साफ नहीं है कि अगर उनकी कांग्रेस में वापसी होती है.. तो पार्टी में उन्हें किस तरह की जिम्मेदारी दी जाएगी या वे किस भूमिका में सक्रिय होंगे.. अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान की मंजूरी के बाद ही होगा..
गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने भी शंकरसिंह वाघेला की संभावित वापसी को लेकर बातचीत की पुष्टि की है.. चावड़ा के मुताबिक वाघेला और कई अन्य नेताओं की कांग्रेस में वापसी को लेकर पार्टी आलाकमान के साथ चर्चा चल रही है.. हालांकि इस बातचीत को अभी अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता.. पार्टी हाईकमान की मंजूरी के बाद ही किसी तरह की औपचारिक घोषणा होगी.. ऐसे में फिलहाल वाघेला की कांग्रेस में वापसी को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है.. लेकिन इतना जरूर है कि वाघेला और कांग्रेस के बीच संवाद की खबर ने गुजरात की राजनीति में इस मुद्दे को फिर से केंद्र में ला दिया है.. आने वाले दिनों में इस बातचीत का नतीजा क्या निकलता है.. इस पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं..
शंकरसिंह वाघेला की राजनीति पर नजर डालें तो उनका कांग्रेस के साथ पुराना.. और उतार-चढ़ाव भरा रिश्ता रहा है.. वह गुजरात की राजनीति के उन नेताओं में शामिल रहे हैं.. जिन्होंने अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ काम किया.. और कई बार अपनी अलग राजनीतिक राह भी बनाई.. वर्ष 1995 में भारतीय जनता पार्टी से अलग होने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय जनता पार्टी यानी आरजेपी का गठन किया था.. इसके बाद कांग्रेस के समर्थन से वह गुजरात के मुख्यमंत्री बने.. बाद में वर्ष 1998 में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था.. इस तरह वाघेला का राजनीतिक सफर लगातार बदलते समीकरणों.. और अलग-अलग राजनीतिक प्रयोगों से जुड़ा रहा है.. यही वजह है कि उनकी संभावित कांग्रेस वापसी को गुजरात की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है..
जानकारी के मुताबिक वाघेला का कांग्रेस से सबसे चर्चित अलगाव वर्ष 2017 में हुआ था.. उस समय राज्यसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस से नाता तोड़ लिया था.. उनके इस फैसले के बाद कांग्रेस के कई विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया था.. उस दौर में कांग्रेस के भीतर राज्यसभा चुनाव को लेकर मतभेदों की चर्चा थी.. वाघेला उस समय गुजरात विधानसभा में विपक्ष के नेता थे.. और उनके कांग्रेस छोड़ने के घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में काफी हलचल पैदा की थी.. बाद में उन्होंने ‘जन विकल्प मोर्चा’ के नाम से अपना अलग राजनीतिक मंच बनाया.. इस घटनाक्रम के बाद भी वाघेला ने सक्रिय राजनीति से दूरी नहीं बनाई.. और लगातार अलग-अलग राजनीतिक विकल्पों के साथ आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे..
वर्ष 2017 के बाद शंकरसिंह वाघेला ने अपनी राजनीतिक यात्रा को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2019 की शुरुआत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी एनसीपी का दामन थामा.. इसके बाद भी उन्होंने गुजरात की राजनीति में अपनी सक्रियता बनाए रखी.. वर्ष 2024 में उन्होंने ‘प्रजा शक्ति डेमोक्रेटिक पार्टी’ का गठन किया.. इस संगठन के जरिए उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक पहचान.. और राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश की.. पिछले कुछ समय से वाघेला 2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर भी सक्रिय नजर आए हैं.. सितंबर 2026 में उन्होंने अपनी पार्टी को फिर से सक्रिय करने.. और चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी के संकेत दिए थे.. उस समय सामने आई रिपोर्टों में उन्होंने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की बात कही थी..
सितंबर की शुरुआत में वाघेला ने अपनी प्रजा शक्ति पार्टी के नेताओं के साथ बैठक की थी.. और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा की थी.. उस समय उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने की संभावना को लेकर अलग रुख दिखाया था.. और अपनी पार्टी के जरिए चुनावी मैदान में उतरने की बात कही थी.. उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि उनकी पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर अभियान चलाएगी.. यानी कुछ ही सप्ताह पहले तक वाघेला की राजनीतिक दिशा कांग्रेस से अलग दिखाई दे रही थी.. वहीं अब कांग्रेस आलाकमान के साथ बातचीत की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव की चर्चा शुरू हो गई है.. यही बदलाव गुजरात की राजनीति में वाघेला की संभावित भूमिका को फिर से चर्चा के केंद्र में ला रहा है..



