SIR पर बेलगावी में घमासान, BLO का दावा- ‘मुस्लिम वोटरों के नाम जबरन हटाए गए’

कर्नाटक के बेलगावी में वोटर लिस्ट के SIR को लेकर सियासी विवाद छिड़ गया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मुस्लिम वोटरों को वोटर लिस्ट से हटाने की कोशिश की जा रही है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कर्नाटक के बेलगावी में वोटर लिस्ट के SIR को लेकर सियासी विवाद छिड़ गया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मुस्लिम वोटरों को वोटर लिस्ट से हटाने की कोशिश की जा रही है.

कर्नाटक के बेलगावी में वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) को लेकर बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन देकर मुस्लिम वोटरों को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है. ये विवाद वीरभद्र नगर के एक पोलिंग स्टेशन पर सामने आया, जहां दो अनजान लोगों ने खुद को बेलगावी नगर निगम का कर्मचारी बताया. आरोप है कि एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) पर दबाव डाला कि वे वोटर लिस्ट से नाम हटाने वाले लगभग 200 ‘फॉर्म-7’ आवेदनों पर साइन करें. इन आवेदनों में नाम हटाने की वजह यह बताई गई थी कि वे वोटर “फर्जी” थे.

बेलगावी के 7वें क्रॉस स्थित वीरभद्र उर्दू मॉडल स्कूल के बूथ लेवल एजेंट (BLA) और चेयरमैन मीरसाब सनादी ने कहा, ‘बेलगावी नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र के पोलिंग स्टेशन 196 पर मैं कम से कम पिछले 15 सालों से BLA हूं, लेकिन पिछले हफ्ते जब मैंने स्कूल में कम से कम 380 ‘फॉर्म-7′ एप्लीकेशन देखे, तो मुझे यह देखकर हैरानी हुई कि उनमें मेरा और मेरे भाई का नाम, साथ ही हमारे रिश्तेदारों और पड़ोसियों के नाम भी हटाने की मांग की गई थी.’

क्या है पूरा विवाद?
रिपोर्ट के मुताबिक, बूथ लेवल ऑफिसर्स को मुसलमानों के नाम हटाने के लिए पहले से प्रिंट किए गए बड़ी संख्या में ‘फॉर्म-7’ एप्लीकेशन मिले. ये बेलगावी नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र के कम से कम छह पोलिंग स्टेशनों पर मिले, जिसमें वीरभद्र नगर के 194, 195, 196 और 199 पोलिंग स्टेशन शामिल हैं. इसके अलावा 209 और 210 नंबर पोलिंग स्टेशन पर गड़बड़ी वाले फॉर्म मिले हैं. ये दोनों पोलिंग स्टेशन शेट्टीगली के सरकारी कन्नड़ हायर प्राइमरी स्कूल के हैं. बेलागवी नगर निगम का होने का दावा करने वाले दो लोग बड़ी संख्या में ‘फॉर्म-7’ एप्लीकेशन लेकर आए थे, जिनमें सिर्फ मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने की मांग की गई थी.

हालांकि, आरोप है कि उन लोगों ने BLO से बार-बार कहा कि इन एप्लीकेशन पर तुरंत साइन करके लौटाना होगा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. उनका कहना था कि वे उन वोटरों को जानते हैं जिनके नाम फॉर्म में थे क्योंकि वे सालों से उस इलाके में रह रहे थे. आउन दोनों लोगों ने फ़ॉर्म की पावती (acknowledgement) की कॉपी लेने पर भी जोर दिया. मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वे दोनों लोग एक स्थानीय बीजेपी नेता से जुड़े हुए थे. उन्होंने यह भी दावा किया कि फॉर्म-7 के आवेदनों में बताए गए सभी 200 नाम मुस्लिम वोटरों के थे.

कांग्रेस ने बीजेपी विधायक पर लगाए आरोप
यूथ कांग्रेस नेता अमान सैत ने कहा कि कांग्रेस उन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करते हुए शिकायत करेगी, जिन पर चुनाव अधिकारियों पर कार्रवाई करने के लिए दबाव डालने का आरोप है. बेलगावी में BLO पर भी वोटरों के नाम हटवाने के लिए दबाव डालने की ऐसी ही कोशिशें की जा रही थीं.

विवाद तब और बढ़ गया जब गुरुवार को कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि बेलगावी साउथ के BJP विधायक अभय पाटिल ने चुनाव अधिकारियों को पत्र लिखकर लगभग 2,500 वोटरों के नाम हटाने की मांग की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 7 हजार नाम हटाने के लिए आवेदन दिए गए थे और कुछ मामलों में, एक ही घर के 50 वोटरों को निशाना बनाया गया था. उन्होंने चुनाव आयोग से जांच की मांग की और गलत या फर्जी आपत्तियां दर्ज कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

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