पुरुष क्रिकेट टीम ने दिलाया 19वां स्वर्ण

- एशियन गेम्स में भारत ने पाकिस्तान को 19 रनों से हराया
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
निशिन। एशियन गेम्स 2026 में एक और स्वर्ण आ गया है। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण जीत लिया है। भारत ने एशियन गेम्स में पुरुष क्रिकेट के फाइनल में छह विकेट पर 211 रन बनाए थे। यह टी20 में भारत का पाकिस्तान के खिलाफ सबसे बड़ा टोटल था। भारत ने 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। 2012 में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ 192 रन बानए थे। भारत के लिए अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा ने अर्धशतक लगाए।
अभिषेक ने 28 गेंद में तीन चौके और सात छक्के की मदद से 61 रन की पारी खेली। वहीं, तिलक ने 22 गेंद में तीन चौके और चार छक्के की मदद से नाबाद 51 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में छह विकेट पर 192 रन ही बना सकी। पाकिस्तान का 17 ओवर के बाद स्कोर चार विकेट पर 160 रन था। उन्हें आखिरी 18 गेंद में 52 रन की जरूरत थी। तब हसन नवाज और अब्दुल समद क्रीज पर थे। सुंदर ने 18वें ओवर में केवल आठ रन दिए और अब्दुल समद का विकेट लिए। आखिरी 18 गेंद में पाकिस्तान को 44 रन बनाने थे। नवाज 80 रन और साद मसूद छह रन बनाकर क्रीज पर थे। 19वां ओवर बुमराह ने किया। उन्होंने केवल 11 रन दिए। इस तरह आखिरी छह गेंद में पाकिस्तान को 33 रन की दरकार थी। शिवम दुबे गेंदबाजी के लिए आए और उन्होंने हसन नवाज और पाकिस्तान को केवल 13 रन बनाने दिए। आखिरी गेंद पर नवाज आउट भी हुए। नवाज शतक से चूक गए। वह 51 गेंद में 96 रन बनाए।
युजवेंद्र चहल ने किया संन्यास का एलान
नई दिल्ली। भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल ने शुक्रवार को प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया है। चहल ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिये प्रथम श्रेणी क्रिकेट को अलविदा कहने की घोषणा की। हालांकि, उन्होंने भारत के लिए खेलने की इच्छा जाहिर की है। चहल पिछले कुछ समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं, लेकिन उन्होंने राष्ट्रीय टीम में वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ी है। चहल को भारत के लिए टेस्ट खेलने का कभी मौका नहीं मिला। चहल ने अपने करियर में 49 प्रथम श्रेणी मैच खेले, जिसमें उन्होंने 32.27 की औसत से 148 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/25 रहा। उन्होंने आगे लिखा, मैंने अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच लॉर्ड्स में खेला। यह कहते हुए भावुकता महसूस होती है क्योंकि टेस्ट कैप पाना हमेशा से मेरा सपना रहा था, जिसे मैंने कई वर्षों तक संजोकर रखा था। भले ही वह सपना पूरा न हो सका, लेकिन मैं अपने इस सफर से सचमुच संतुष्ट हूं और इस प्रारूप में मिले हर मौके के लिए बेहद शुक्रगुजार हूं।



