पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, शहीद के पार्थिव शरीर के साथ जा रहे 4 लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में रविवार सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में रविवार सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
यहां एक एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ले जाया जा रहा था। हादसे से एंबुलेंस में सवार चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में शहीद के परिजन और एंबुलेंस चालक शामिल हैं।
यह हादसा हलियापुर थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के करीब 79.6 किलोमीटर के पास रविवार सुबह हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, एंबुलेंस चंडीगढ़ से शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान का पार्थिव शरीर लेकर देवरिया की ओर जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में एंबुलेंस हादसे का शिकार हो गई।
शहीद का पार्थिव शरीर लेकर घर लौट रहा था परिवार
जानकारी के मुताबिक, देवरिया जिले के रुद्रपुर क्षेत्र के रहने वाले सूबेदार मेजर सत्यवान की चंडीगढ़ में मौत हो गई थी। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव ले जाया जा रहा था। एंबुलेंस में शहीद के परिवार के सदस्य भी मौजूद थे। उनके पार्थिव शरीर के साथ उनका बेटा गौरव सिंह, भाई राजन चौधरी, भतीजे राम समुझ सिंह और चालक जसपाल सवार थे। परिवार के लोग बेहद दुखद परिस्थिति में अपने प्रियजन का पार्थिव शरीर लेकर घर लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने परिवार को एक और गहरे सदमे में डाल दिया।
तेज टक्कर के बाद एंबुलेंस बुरी तरह क्षतिग्रस्त
प्रत्यक्ष जानकारी और पुलिस से जुड़े विवरण के अनुसार, हादसा सुबह करीब 8 से 8:30 बजे के बीच हुआ। अलग-अलग रिपोर्टों में टक्कर के तरीके को लेकर कुछ अंतर सामने आया है।कुछ रिपोर्टों में अज्ञात वाहन से टक्कर की बात कही गई है, जबकि अन्य रिपोर्टों में एंबुलेंस के सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराने का उल्लेख है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एंबुलेंस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और एक्सप्रेसवे की राहत-बचाव टीम मौके पर पहुंची और एंबुलेंस में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।
बेटे और चालक की मौके पर मौत
पुलिस के अनुसार, हादसे में शहीद के बेटे गौरव सिंह और एंबुलेंस चालक जसपाल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल राजन चौधरी और राम समुझ सिंह को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान दोनों घायलों ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह इस दर्दनाक हादसे में कुल चार लोगों की मौत हो गई। चार लोगों की मौत की खबर जैसे ही परिवार और गांव तक पहुंची, वहां मातम पसर गया। एक तरफ परिवार शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान के निधन से पहले ही गहरे दुख में था, वहीं उनके पार्थिव शरीर को घर लेकर लौट रहे परिजनों के साथ हुए हादसे ने इस दुख को और बढ़ा दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी की जा रही है। पुलिस अब हादसे की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी है। अज्ञात वाहन की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की मदद से दुर्घटना की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
थाने में सुरक्षित रखा गया शहीद का पार्थिव शरीर
हादसे के बाद शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान के पार्थिव शरीर को पुलिस ने सुरक्षित और सम्मानपूर्वक रखवाया। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को परिवार तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की गई। एक ही परिवार पर आई इस दोहरी त्रासदी से इलाके में शोक का माहौल है। जिस परिवार में शहीद के अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार की तैयारी होनी थी, वहां अचानक चार और मौतों का दुख सामने आ गया।
हादसे ने फिर उठाए एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के सवाल
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहनों के साथ-साथ सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों की मौजूदगी भी गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। हालांकि इस मामले में हादसे की अंतिम वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और संबंधित वाहन की पहचान करने का प्रयास जारी है।



