भारत की शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा आंकड़ा, 17.32 लाख शिक्षक लेकिन 34% पद खाली
दुनिया भर में हर साल 5 अक्टूबर को वर्ल्ड टीचर्स डे यानी विश्व शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन शिक्षकों के योगदान, उनकी भूमिका और समाज के निर्माण में उनके महत्व को सम्मान देने के लिए समर्पित है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: दुनिया भर में हर साल 5 अक्टूबर को वर्ल्ड टीचर्स डे यानी विश्व शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन शिक्षकों के योगदान, उनकी भूमिका और समाज के निर्माण में उनके महत्व को सम्मान देने के लिए समर्पित है।
शिक्षकों को बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराने, शिक्षा की गुणवत्ता पर चर्चा करने और शिक्षक समुदाय के सामने मौजूद चुनौतियों को सामने लाने के लिए भी यह दिन महत्वपूर्ण माना जाता है। विश्व शिक्षक दिवस के मौके पर भारत में शिक्षकों की संख्या और खाली पदों को लेकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एक रिसर्च रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में शिक्षकों की संख्या में पिछले एक दशक के दौरान उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षक पद अभी भी खाली हैं।
SBI की रिपोर्ट के अनुसार भारत में कुल 17.32 लाख शिक्षक हैं और पिछले 10 वर्षों में शिक्षकों की संख्या में करीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, इसके बावजूद करीब 34 फीसदी शिक्षक पद खाली हैं। यह आंकड़ा देश की शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक उपलब्धता और भर्ती के बीच मौजूद अंतर को दिखाता है।
5 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है World Teachers’ Day?
विश्व शिक्षक दिवस हर साल 5 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य दुनिया भर में शिक्षकों की भूमिका को सम्मान देना और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित करना है।
5 अक्टूबर 1966 को शिक्षकों की स्थिति से संबंधित एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सिफारिश को अपनाया गया था। इसे UNESCO और International Labour Organization (ILO) की पहल से जोड़ा जाता है। इसी ऐतिहासिक संदर्भ में 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन दुनिया के अलग-अलग देशों में शिक्षकों की भूमिका, उनके अधिकार, काम करने की परिस्थितियों और शिक्षा व्यवस्था में उनकी जरूरत पर चर्चा होती है।
भारत में कब मनाया जाता है राष्ट्रीय शिक्षक दिवस?
भारत में विश्व शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जाता है, लेकिन देश का राष्ट्रीय शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है।
5 सितंबर को भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती होती है। उनके शिक्षा और दर्शन के क्षेत्र में योगदान को सम्मान देने के लिए भारत में इस दिन शिक्षक दिवस मनाने की परंपरा है। इस दिन स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। छात्र अपने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद करते हैं।
World Teachers’ Day पर क्या है संदेश?
विश्व शिक्षक दिवस का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के योगदान को पहचानना और उन्हें बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर देना है। भारत के संदर्भ में SBI की रिपोर्ट के आंकड़े इस चर्चा को और महत्वपूर्ण बना देते हैं। एक तरफ पिछले 10 वर्षों में शिक्षकों की संख्या में 27 फीसदी की वृद्धि हुई है, तो दूसरी तरफ 34 फीसदी पदों का खाली रहना यह सवाल उठाता है कि शिक्षा व्यवस्था में उपलब्ध मानव संसाधन का पूरा इस्तेमाल किस तरह सुनिश्चित किया जाए।
World Teachers’ Day 2026 के मौके पर SBI की रिपोर्ट भारत की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण तस्वीर सामने रखती है। देश में शिक्षकों की संख्या पिछले एक दशक में 27 फीसदी बढ़कर 17.32 लाख तक पहुंची है, लेकिन इसके बावजूद 34 फीसदी शिक्षक पद खाली हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि भारत ने शिक्षक संख्या बढ़ाने की दिशा में प्रगति जरूर की है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में पदों को भरने और शिक्षकों की उपलब्धता को छात्रों की जरूरत के अनुरूप करने की चुनौती बनी हुई है।
विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को सम्मान देने के साथ-साथ उनके सामने मौजूद इन चुनौतियों पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है। आखिरकार, किसी भी देश की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि उसके स्कूलों में कितने शिक्षक हैं, वे कितने प्रशिक्षित हैं और छात्रों तक उनकी पहुंच कितनी प्रभावी है।



