दरी उद्योग की विदेशों तक पहुँच, धागों से जुड़ी रोज़गार की डोर

विदेशी मेहमानों के सामने बुनकरों ने दरी बनाने की पारंपरिक कला का लाइव डेमो प्रस्तुत किया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सीतापुर की दरी बुनाई की 150 से 200 साल पुरानी विरासत को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की पहल शनिवार को रस्यौरा स्थित सीतापुर शिक्षा संस्थान में नजर आई।

एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत आयोजित दो दिवसीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में नौ देशों के प्रतिनिधि और आठ राज्यों के खरीदार पहुंचे। विदेशी मेहमानों के सामने बुनकरों ने दरी बनाने की पारंपरिक कला का लाइव डेमो प्रस्तुत किया। 35 प्रदर्शनी स्टालों पर दरी उत्पादों को सजाया गया, जबकि दो विशेष स्टालों पर बुनाई का सजीव प्रदर्शन हुआ।

आयोजन का उद्देश्य स्थानीय बुनकरों को बिचौलियों से बचाकर सीधे खरीदारों से जोड़ना और उनके उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना है। सम्मेलन का शुभारंभ प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने किया। आयोजन में ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ के तहत स्थानीय पकवानों के स्टाल भी आकर्षण बने।

नौ देशों के प्रतिनिधियों ने देखा हुनर

सम्मेलन में जापान, फिनलैंड, जर्मनी, इजराइल, दक्षिण अफ्रीका, पनामा, सऊदी अरब, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। खरीदारों ने दरी उत्पादों का अवलोकन किया और बुनकरों की कारीगरी को करीब से देखा। आयोजकों को उम्मीद है कि इस पहल से सीतापुर की दरी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलेगी।

आठ राज्यों के खरीदार भी पहुंचे

सीतापुर के दरी उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, केरल, तेलंगाना, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के खरीदार सम्मेलन में शामिल हुए। आयोजन के जरिए उत्पाद निर्माताओं और खरीदारों को एक मंच पर लाने की कोशिश की गई है, ताकि बुनकरों को बेहतर बाजार और अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके।

35 स्टालों पर दरी, दो पर लाइव डेमो

सम्मेलन स्थल पर ओडीओपी दरी के 35 प्रदर्शनी स्टाल लगाए गए हैं। इसके अलावा दो विशेष स्टालों पर पारंपरिक दरी बुनाई का लाइव डेमो दिया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जोशी के अनुसार, आयोजन के दोनों दिन करीब 500 बुनकर परिवारों की भागीदारी प्रस्तावित है। इससे स्थानीय कारीगरों को अपने कौशल और उत्पादों को सामने रखने का अवसर मिलेगा।

समोसा, पेड़ा और मलाई मक्खन की खुशबू

सम्मेलन में ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना के तहत सीतापुर के समोसा, पेड़ा, मिर्च पकौड़ा और मलाई मक्खन के स्टाल लगाए गए। साथ ही हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, लखनऊ और लखीमपुर-खीरी के खास व्यंजनों को भी जगह मिली। इस तरह सम्मेलन में दरी की पारंपरिक कला के साथ क्षेत्रीय खानपान और संस्कृति की झलक भी देखने को मिली।

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