नसीर साहब अगर थप्पड़ भी मार दें तो स्वीकार: मनोज बाजपेयी

- समाज में अलग-अलग विचारों के लिए जगह होना जरूरी
- 4PM तहजीब से बेबाक बोले बिहारी बाबू
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। संजय शर्मा ने मनोज बाजपेयी से नसीरुद्दीन शाह और पीयूष मिश्रा के वैचारिक मतभेदों को लेकर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि दोनों कलाकारों के विचारों और सार्वजनिक बयानों को लेकर मनोज बाजपेयी की क्या राय है और वे किस कलाकार के विचारों के अधिक करीब हैं? उन्होंने इस सवाल का जवाब देते हुए नसीरुद्दीन शाह के लिए कहा कि वह उनका इतना सम्मान करते हैं कि अगर वह उन्हें थप्पड़ भी मार दें तो वह स्वीकार कर लेंगे।
यह टिप्पणी उनके व्यक्तिगत आदर की तीव्रता दिखाती है। विचारों के मतभेद के बीच भी किसी कलाकार के प्रति सम्मान बनाए रखने का यह बयान बातचीत को एक और आयाम देता है। पीयूष मिश्रा और नसीरुद्दीन शाह के विचारों को लेकर चल रही बहस के बीच मनोज बाजपेयी का यह बयान विशेष महत्व रखता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी राय रखने और असहमति जाहिर करने का अधिकार है। किसी कलाकार का अपनी बात खुलकर कहना उसके खिलाफ नहीं जाना चाहिए। समाज में अलग-अलग विचारों के लिए जगह होना जरूरी है।
सेंसर की जंग भी आप जीतेगें संजय शर्मा जी
कार्यक्रम का दूसरा बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा तब सामने आया जब संजय शर्मा ने अपनी फिल्म ‘सहिया’ को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणपत्र देने से इनकार किए जाने और इसके खिलाफ चल रही कानूनी लड़ाई का जिक्र किया। संजय शर्मा ने बताया कि उनकी फिल्म ‘सहिया’ मूल रूप से एक प्रेम कहानी है लेकिन सेंसर बोर्ड ने इस पर नक्सलवाद और आदिवासियों के शोषण जैसे आरोप लगाते हुए इसके प्रमाणन पर रोक लगा दी है। उन्होंने मनोज बाजपेयी से पूछा कि आखिर फिल्मकारों को अपनी बात कहने की कितनी आजादी मिलनी चाहिए और क्या इस तरह की सेंसरशिप रचनात्मक स्वतंत्रता के लिए खतरा नहीं है? इस सवाल पर मनोज बाजपेयी ने सेंसरशिप के प्रति अपना विरोध जताते हुए संजय शर्मा के संघर्ष का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि संजय शर्मा इस लड़ाई में भी जीतेंगे। मनोज बाजपेयी ने 4PM के अब तक के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि आपने इतने बड़े-बड़े संघर्ष किए हैं हर मोर्चे पर लड़ाई लड़ी है और इतना बड़ा मीडिया नेटवर्क खड़ा किया है। उन्हें विश्वास है कि जिस तरह अब तक आपने चुनौतियों का सामना किया है उसी तरह सेंसर बोर्ड के खिलाफ भी अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और जीतेंगे




