किसानों के मुद्दों पर AAP का BJP पर हमला, बिजली, पानी,फसल के दाम को लेकर उठाए सवाल
किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर आम आदमी पार्टी ने BJP पर सवाल उठाए हैं... AAP ने खेतों में बिजली के खंभे लगाने, सूखे के दौरान पानी...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः अब समय आ गया है कि.. किसानों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा की जाए.. और संबंधित सरकार तथा जनप्रतिनिधियों से जवाबदेही तय करने की मांग की जाए.. ये कहना है AAP नेता इसुदान गढ़वी का.. आपको बता दें कि गुजरात में आने वाले दिनों में निकाय और उपचुनाव होने वाले हैं.. जिसको लेकर सभी दल तैयारियों में जुटे हुए हैं.. इसी कड़ी में इसुदान गढ़वी ने बीजेपी सरकार पर तगड़ा हमला बोला है.. और जनता से अपील करते हुए कहा कि वोट डालने से पहले.. जमीनी हकीकत और सरकार को वादों की तुलना करते हुए मतदान करना.. आपको बता दें कि किसान परेशान हैं.. उनको फसलों की सही कीमत नहीं मिल रही है.. ग्रामीण क्षेत्रों में बेसिक सुविधाओं का अभाव हैं..
आपको बता दें कि बीजेपी की सरकार गुजरात में करीब 30 साल से सत्ता में हैं लेकिन वहां कि ग्रामीण जनता आज भी बुनियादी जरूरतों के अभाव में जी रही है.. ग्रामीण क्षेत्रों में पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी जरूरी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही है.. मोदी जी गुजरात मॉडल की बात तो करते हैं लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है.. गरीबों और आदिवासियों को जरूरी सुविधाए नहीं मिल पा रही है.. लेकिन सरकारी दावों में सारी व्यवस्था चाक चौबंद ही बताई जा रही है.. जिसको लेकर आप ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.. और जनता से सरकार के वादों और जमीनी हकीकत को ध्यान में रखते हुए वोट करने की अपील की है..
बता दें कि किसानों के सामने इस समय कई महत्वपूर्ण समस्याएं हैं.. इनमें खेतों में बिजली के खंभे लगाए जाने का मुद्दा, सूखे के दौरान पानी.. और चारे की उपलब्धता, फसलों के उचित दाम तथा ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े अन्य बुनियादी सवाल शामिल हैं.. इन मुद्दों को लेकर किसानों और ग्रामीण आबादी के बीच लगातार चिंता बनी हुई है.. किसानों का कहना है कि यदि उनकी जमीन या खेतों में बिजली के खंभे लगाए जा रहे हैं.. तो इसके लिए उचित प्रक्रिया, उनकी सहमति और उनके हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए.. खेतों में बिजली के बुनियादी ढांचे की आवश्यकता अपनी जगह है.. लेकिन इसके साथ किसानों की समस्याओं.. और उनकी आपत्तियों को भी गंभीरता से सुना जाना जरूरी है..
दूसरी ओर, सूखे की स्थिति में पानी और चारे की उपलब्धता भी एक बड़ी चुनौती बन जाती है.. ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन करने वाले परिवारों के लिए चारे की व्यवस्था सीधे तौर पर उनकी आजीविका से जुड़ी हुई है.. ऐसे समय में प्रशासन और सरकार की जिम्मेदारी होती है.. कि प्रभावित क्षेत्रों में पानी, चारा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं.. इसी तरह फसलों के उचित दाम का सवाल भी किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.. किसान अपनी फसल तैयार करने में समय, मेहनत और संसाधन लगाता है.. इसलिए फसल की लागत और बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उसे उचित मूल्य मिलना जरूरी है.. किसानों से जुड़े संगठनों और प्रतिनिधियों की ओर से समय-समय पर इस विषय को उठाया जाता रहा है..



