उपचुनाव में AAP की ऐतिहासिक जीत, BJP को मिली करारी हार 

गुजरात के भदथर में आम आदमी पार्टी ने एक बड़ी और ऐतिहासिक जीत दर्ज की है... इस चुनाव में AAP उम्मीदवार ने भारतीय जनता पार्टी... 

4पीएम न्यूज नेटवर्कः देवभूमि द्वारका जिले की खंभालिया तालुका में स्थित भादथर जिला पंचायत सीट के उपचुनाव में आम आदमी पार्टी ने एक ऐतिहासिक और यादगार जीत दर्ज की है.. पार्टी के उम्मीदवार वीरूभाई कंडोरिया ने भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार.. मालतीबेन परबत कंडोरिया को तीन हजार छह सौ इक्यावन वोटों के भारी अंतर से पराजित किया.. इस जीत ने न केवल स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरण बदल दिए.. बल्कि पूरे सौराष्ट्र क्षेत्र में किसानों और आम लोगों की आवाज को मजबूत किया.. सातों राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद वीरूभाई कंडोरिया को सात हजार एक सौ छियालीस वोट मिले जबकि भाजपा उम्मीदवार को तीन हजार चार सौ पंचानवे वोट हासिल हुए.. कांग्रेस उम्मीदवार आला पिंडारिया को केवल पांच सौ इक्कीस वोट मिले.. और नोटा पर निन्यानबे मत पड़े.. यह परिणाम त्रिकोणीय मुकाबले में आम आदमी पार्टी की स्पष्ट बढ़त को दर्शाता है..

भदथर सीट डॉ. पी. वी. कंडोरिया के निधन के बाद खाली हुई थी.. स्वर्गीय डॉ. कंडोरिया लंबे समय तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे थे.. उनके जाने के बाद हुए उपचुनाव में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली.. मतदान रविवार को संपन्न हुआ.. और मतगणना के दौरान शुरुआत से ही वीरूभाई कंडोरिया की बढ़त बनी रही.. हर राउंड में उनकी लीड बढ़ती गई.. और अंत में तीन हजार छह सौ इक्यावन वोटों का बड़ा अंतर सामने आया.. वहीं यह जीत खंभालिया तालुका के चौदह गांवों के मतदाताओं की सामूहिक इच्छा का परिणाम मानी जा रही है.. किसानों ने सूखा, सिंचाई की कमी, फसल बीमा.. और आर्थिक सहायता जैसे मुद्दों पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए आम आदमी पार्टी को समर्थन दिया..

जीत की घोषणा होते ही वीरूभाई कंडोरिया ने स्वर्गीय डॉ. पी. वी. कंडोरिया को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.. और उन्होंने अपनी विजय को किसानों, गरीबों और समाज के वंचित वर्गों को समर्पित करते हुए कहा कि यह जीत केवल उनकी नहीं बल्कि पूरे भदथर क्षेत्र की जनता की है.. उन्होंने सभी गांवों के निवासियों का आभार व्यक्त किया.. और वादा किया कि जिला पंचायत के माध्यम से विकास कार्यों को प्राथमिकता देंगे.. पानी, सिंचाई, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर वे गांव-गांव पहुंचकर लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे.. उनकी यह प्रतिबद्धता क्षेत्र के लोगों में नई आशा जगा रही है..

आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने इस जीत को किसानों.. और मजदूरों की ऐतिहासिक विजय बताया.. उन्होंने स्पष्ट कहा कि वीरूभाई कंडोरिया, पार्टी कार्यकर्ता.. और आम आदमी पार्टी तो मात्र माध्यम थे.. असली जीत उन किसानों की है.. जिन्होंने हर गांव में वोटों की बढ़त दिलाई.. गढ़वी ने कहा कि सूखा घोषित न करने, खेतों में जबरन खंभे लगाने.. और पुलिस की मदद से उत्पीड़न करने जैसी घटनाओं ने किसानों को एकजुट किया.. उन्होंने भाजपा सरकार से अपील की कि वह किसानों की पीड़ा को समझे अन्यथा दो हजार सत्ताईस के विधानसभा चुनाव में भादथर जैसी स्थिति पूरे गुजरात में दोहराई जा सकती है..

राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गुजरात के किसानों का भरोसा अब आम आदमी पार्टी के साथ मजबूती से जुड़ रहा है.. उन्होंने वीरूभाई कंडोरिया और पूरे गुजरात के किसानों को बधाई दी.. पार्टी के विधायक गोपाल इटालिया ने इसे भाजपा के अहंकार के खिलाफ किसानों की एकता का जवाब बताया.. उन्होंने कहा कि अगर सरकार अभी भी नहीं जागी.. और सूखा घोषित नहीं किया तो आगामी चुनावों में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे.. इन प्रतिक्रियाओं से साफ है कि आम आदमी पार्टी इस जीत को केवल एक सीट का परिणाम नहीं बल्कि व्यापक किसान आंदोलन का प्रतीक मान रही है..

नामांकन के समय वीरूभाई कंडोरिया बैलगाड़ी पर सवार होकर जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे थे.. उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी, विधायक हेमंत खावा और बड़ी संख्या में किसान व कार्यकर्ता मौजूद थे.. बैलगाड़ी से नामांकन दाखिल करना किसानों के संघर्ष का प्रतीक बन गया.. उस समय आयोजित सभा में गढ़वी ने कहा कि यह चुनाव केवल एक उम्मीदवार का नहीं बल्कि पूरे गुजरात के साढ़े चार करोड़ किसानों का चुनाव है.. पानी, सिंचाई, सूखा राहत, फसल बीमा और बीज सहायता जैसे मुद्दों को लेकर पार्टी ने प्रचार किया.. किसानों ने रात-दिन वीरूभाई के साथ खड़े रहने की बात कही.. और समर्थन का आश्वासन दिया..

भदथर क्षेत्र में किसानों की समस्याएं लंबे समय से चली आ रही हैं.. कम वर्षा के कारण सूखे जैसी स्थिति बनी हुई थी.. सरकार द्वारा सूखा घोषित न करने से किसानों को राहत नहीं मिल पाई.. खेतों में बिजली के खंभे लगाने के दौरान पुलिस की मदद ली गई.. जिससे कई किसान प्रभावित हुए.. इन सब मुद्दों ने मतदाताओं को एकजुट किया.. वीरूभाई कंडोरिया स्वयं किसान नेता के रूप में जाने जाते हैं.. और उन्होंने वर्षों से क्षेत्र की समस्याओं के लिए आवाज उठाई है.. उनकी इस छवि ने मतदाताओं को आकर्षित किया.. और हर गांव में उनकी बढ़त बनी रही..

 

Related Articles

Back to top button