‘ब्लू ड्रम’ के बाद ‘सांप कांड’ की बारी, अमित कश्यप हत्याकांड में आज अहम फैसला

उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित ‘नीले ड्रम कांड’ यानी सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद अब एक अन्य बहुचर्चित हत्याकांड पर लोगों की नजरें टिकी हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित ‘नीले ड्रम कांड’ यानी सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद अब एक अन्य बहुचर्चित हत्याकांड पर लोगों की नजरें टिकी हैं।

मेरठ के ‘सांप कांड’ यानी अमित कश्यप हत्याकांड में दोषी करार दी जा चुकी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप की सजा को लेकर 16 अक्टूबर को फैसला आने की बात कही जा रही है। इस मामले में अदालत का फैसला क्या होगा, इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है।

दोनों मामले अपनी गंभीरता और चर्चा के कारण सुर्खियों में रहे हैं। हालांकि, ‘नीले ड्रम कांड’ में सुनाई गई सजा और ‘सांप कांड’ में होने वाली न्यायिक कार्यवाही अलग-अलग मामले हैं। ऐसे में अमित कश्यप हत्याकांड में सजा का निर्धारण अदालत संबंधित तथ्यों, साक्ष्यों और कानून के आधार पर करेगी।

क्या है मेरठ का ‘सांप कांड’?

अमित कश्यप हत्याकांड को मीडिया में ‘सांप कांड’ के नाम से जाना जाता है। इस मामले में अमित कश्यप की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को दोषी करार दिए जाने की बात सामने आई है। अब मामले में दोनों को दी जाने वाली सजा पर निगाहें टिकी हैं।

इस मामले ने इसलिए भी व्यापक चर्चा बटोरी, क्योंकि इसके घटनाक्रम को लेकर कई गंभीर आरोप सामने आए थे। हालांकि, मामले से जुड़े प्रत्येक आरोप, अदालत में साबित हुए तथ्यों और अंतिम आदेश के बीच अंतर करना जरूरी है। सजा को लेकर अदालत का आधिकारिक आदेश ही इस सवाल का अंतिम आधार होगा कि दोषियों को कौन-सी सजा दी गई है।

इस दिल दहला देने वाली वारदात की पटकथा बहसूमा के अकबरपुर सादात गांव में लिखी गई थी. 12 अप्रैल 2025 की रात अकबरपुर सादात गांव में रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर पति अमित कश्यप की घर के अंदर ही बेरहमी से हत्या कर दी थी. कत्ल को स्वाभाविक मौत का रूप देने के लिए आरोपियों ने पूरी साजिश रची थी. हत्या के बाद अमित के शव के नीचे और बेड पर एक जहरीला सांप छोड़ दिया गया था ताकि सबको लगे कि उसकी मौत सर्पदंश से हुई है.

हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि अमित की मौत सांप के काटने से नहीं बल्कि गला दबाने से हुई थी. इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को गिरफ्तार किया था.

रात भर में 50 से ज्यादा कॉल और चश्मदीद गवाह: पुख्ता साक्ष्यों ने फंसाया

अदालत में पुलिस और अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ मजबूत डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्य पेश किए. हत्या की रात रविता और अमरदीप के बीच लगातार बातचीत हो रही थी. सीडीआर (CDR) जांच में सामने आया कि उस रात दोनों के बीच 50 से अधिक बार फोन पर बात हुई थी. वारदात की रात ग्रामीणों और गवाहों ने अमरदीप को अमित के घर से बाहर निकलते हुए देखा था. इन पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर एडीजे-12 (ADJ-12) की कोर्ट ने 7 अक्टूबर को ही दोनों को दोषी करार दे दिया था.

‘ब्लू ड्रम’ केस में फांसी के बाद जेल में उड़ी नींद, बढ़ी बेचैनी

14 अक्टूबर को मेरठ जिला जज कोर्ट द्वारा ‘नीले ड्रम कांड’ में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद से जेल का माहौल बदला हुआ है. वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के मुताबिक मुस्कान और साहिल की फांसी की खबर सुनकर रविता और अमरदीप गहरे तनाव में हैं. हालांकि उनकी मानसिक स्थिति सामान्य है, लेकिन उन्हें अनहोनी से बचाने के लिए सुरक्षा और काउंसलिंग बढ़ा दी गई है. मेरठ जेल में पति और बेटे की हत्या के आरोप में बंद पांच अन्य महिला कैदियों की सांसें भी कोर्ट के कड़े रवैये को देखकर अटकी हुई हैं.

‘पति, पत्नी और वो’: क्राइम के अनोखे पैटर्न ने देश को चौंकाया

मेरठ में एक के बाद एक सामने आए इन दो हत्याकांडों ने पूरे देश को सन्न कर दिया था. ‘ब्लू ड्रम कांड’ और ‘सांप कांड’ दोनों में ही मुख्य आरोपी सामान्य परिवारों से थे और उनका कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं था. दोनों ही मामलों में ‘पति, पत्नी और वो’ का एंगल था, जहाँ अवैध संबंधों के रास्ते से पति को हटाने के लिए बेहद खौफनाक और अनोखे तरीके अपनाए गए थे. आज एडीजे-12 कोर्ट द्वारा दोनों दोषियों को सजा सुनाए जाने के साथ ही इस चर्चित मामले का पटाक्षेप हो जाएगा.

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