हॉरर फिल्म से भी भयानक हैं हिंदुओं पर हमले’, बांग्लादेश के पूर्व मंत्री ने खोली मोहम्मद यूनुस की पोल

नई दिल्ली। बांग्लादेश में पिछले कुछ महीनों से चल रही राजनीतिक उथल-पुथल, विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के बीच अगले महीने फरवरी में आम चुनाव होने जा रहे हैं। इस चुनाव में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
ऐसे में बांग्लादेश के पूर्व विदेश मंत्री और शेख हसीना के करीबी सहयोगी हसन महमूद ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार केवल एक मुखौटा है, जिसे पाकिस्तान समर्थित तत्व चला रहे हैं।
चुनाव की विश्वसनीयता संदेह के घेरे में
दरअसल, एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में शेख हसीना की अवामी लीग के वरिष्ठ नेता हसन महमूद ने कहा कि 12 फरवरी के चुनाव की विश्वसनीयता ही संदेह के घेरे में है। क्योंकि, न केवल मौजूदा अस्थिरता के कारण, बल्कि इसलिए भी कि देश की सबसे लोकप्रिय राजनीतिक ताकत को इसमें भाग लेने से रोक दिया गया है।
बांग्लादेश को आजादी दिलाने वाली पार्टी सत्ता से बाहर
महमूद ने कहा, ‘आज चुनाव प्रचार कर रहे लोगों को भी यकीन नहीं है कि चुनाव होंगे भी या नहीं। अगर चुनाव हुए भी तो ये फिक्स चुनाव होंगे। बांग्लादेश को आजादी दिलाने वाली और कई बार सत्ता में रह चुकी पार्टी- अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया है। हमारे सहयोगी दलों को भी रोक दिया गया है। जिसके कारण 60 प्रतिशत से अधिक मतदाता अपनी मर्जी से चुनाव नहीं कर पाएंगे।’
महमूद ने रॉयटर्स सहित कई सर्वेक्षणों का हवाला देते दावा किया कि बांग्लादेशियों में से 50 से लेकर लगभग 60 प्रतिशत लोग अभी भी अवामी लीग और उसके सहयोगी दलों का समर्थन करते हैं। महमूद ने आरोप लगाया कि अंतरिम प्रशासन ने उन्हें जानबूझकर दरकिनार कर दिया है क्योंकि आर्थिक कुप्रबंधन, महंगाई और कानून-व्यवस्था के चरमराने के कारण पिछले डेढ़ साल में सरकार की लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है।
अवामी लीग के नेता हसन महमूद ने आरोप लगाया कि आज बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था नहीं है। महंगाई, असुरक्षा और नैतिक संकट व्याप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश अब प्रभावी रूप से कट्टरपंथी ताकतों द्वारा शासित है और हिंसा को अभूतपूर्व क्रूरतापूर्ण बताया।
महमूद ने ईशनिंदा के झूठे आरोप में मारे गए दीपू चंद्र दास की लिंचिंग का जिक्र करते हुए कहा, ‘क्या आपने कभी किसी देश में ऐसा देखा है कि किसी व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डाला जाए, फिर उसके शरीर को बिजली के खंभे या पेड़ से लटकाकर जला दिया जाए, जबकि सैकड़ों लोग वीडियो बनाते रहें? यह किसी हॉरर फिल्म से भी ज्यादा भयानक है।’
जब महमूद से पूछा गया कि भारत को कितनी चिंता करनी चाहिए, तो उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में कट्टरता और उग्रवाद में किसी भी तरह की वृद्धि का असर उसके पड़ोसी देशों पर अवश्य पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘यह सिर्फ बांग्लादेश की समस्या नहीं, क्षेत्रीय सुरक्षा का मुद्दा है।’



