आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, डासना जेल भेजे जाएंगे सपा नेता
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रामपुर जेल से बाहर आते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रामपुर जेल से बाहर आते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में की गई है। गिरफ्तारी के बाद ईडी की टीम आजम खान को गाजियाबाद लेकर पहुंची, जहां उन्हें अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। आजम खान की गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। वहीं, रामपुर जेल के बाहर मौजूद उनके समर्थकों ने ईडी की कार्रवाई का विरोध भी किया।
सरकारी धन के दुरुपयोग का है मामला
यह पूरा मामला सरकारी धन के दुरुपयोग का है. इसमें ईडी ने सार्वजनिक मूलभूत ढांचे और आम जनता से जुड़े कार्यों के लिए रखे गए सरकारी धन को निजी शिक्षण संस्थान यानी जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में इस्तेमाल किये जाने का आरोप लगाते हुए गत 28 अक्टूबर को विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतों को कुर्क कर लिया था.
29 अक्टूबर को मिली थी जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को जमानत दे दी थी. 31 अक्टूबर की शाम को दोनों को जेल से रिहा होना था. लेकिन ईडी अधिकारियों ने जेल से ही आजम को गिरफ्तार कर लिया था. आजम खान ने इस मौके पर कहा कि उन्हें मुसलमान होने की सजा मिल रही है. उनका गुनाह यूनिवर्सिटी बनाना है.
समाजवादी पार्टी ने भी इसे जानबूझकर आजम खान के खिलाफ साजिश बताया है. फिलहाल अब ईडी की कार्रवाई शुरू हो गयी है. जिसमें आजम खान को 14 दिन के लिए डासना जेल भेज दिया गया है.
अब्दुल्ला आजम ने भी अपने बयान में यही बात दोहराई थी कि उन्हें मुसलमान होने की सजा मिल रही है. फिलहाल जिस तरह से आजम खान की जमानत के बाद रिहाई और फिर ईडी की कार्रवाई हुई, उसने यूपी की सियासत तेज कर दी है. सपा के बड़े नेता पूरे मामले पर निगाह रखे हैं.



