पुरानी किताबों से पूरा होगा बच्चों का सपना! बरेली में शुरू हुई ‘ज्ञान सेतु’ की अनूठी पहल
Bareilly News: जगमोहन मंदिर में डॉ. विकास वर्मा की ‘ज्ञान सेतु’ पहल के तहत जरूरतमंद बच्चों को स्कूल, NEET और IIT-JEE की किताबें मुफ्त दी गईं। उद्देश्य शिक्षा को सबके लिए सुलभ बनाना है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: किसी बच्चे के लिए पुरानी किताब किसी दूसरे बच्चे के सपनों की नई शुरुआत बन सकती है। बरेली के जगमोहन मंदिर में इसी सोच के साथ ‘ज्ञान सेतु—पुस्तक दान महादान’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक और जैविक कृषक डॉ. विकास वर्मा के नेतृत्व में हुई इस पहल के तहत जरूरतमंद विद्यार्थियों को स्कूल की पाठ्यपुस्तकों से लेकर NEET और IIT-JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।
प्री-प्राइमरी से 12वीं तक की किताबें मिलीं मुफ्त
कार्यक्रम में दानदाताओं ने प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक की पाठ्यपुस्तकें और प्रतियोगी परीक्षाओं की उपयोगी व महंगी किताबें दान कीं। जरूरतमंद बच्चों ने अपनी पढ़ाई के मुताबिक पुस्तकें प्राप्त कीं।
इस पहल की खास बात यह है कि जिन विद्यार्थियों के पास दान करने के लिए कोई किताब नहीं है, वे भी यहां से निःशुल्क पुस्तकें ले सकते हैं। इसका उद्देश्य आर्थिक परेशानी के कारण बच्चों की पढ़ाई में बाधा न आने देना और शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना है।
25 वर्षों से समाजसेवा में जुटे हैं डॉ. विकास वर्मा
डॉ. विकास वर्मा ने कहा कि पुस्तक दान के जरिए समाज में शिक्षा को सबके लिए समान और सुलभ बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके मुताबिक, किताबें दान करना केवल सामग्री देना नहीं, बल्कि किसी विद्यार्थी की पढ़ाई में सहयोग करना है।
कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए ORM स्कूल के प्रिंसिपल शील कुमार, शिक्षक दीपक दुबे, नीरज शर्मा, राणा जी और अनमोल सक्सेना को सम्मानित किया गया। आयोजन में लाभार्थी बच्चों की भागीदारी भी रही।
चिकित्सा शिविर से वृक्षारोपण तक, कई सेवा कार्य
आयोजकों के अनुसार, डॉ. विकास वर्मा पिछले 25 वर्षों से जरूरतमंदों के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर, ऊनी वस्त्र और स्टेशनरी वितरण, कन्या विवाह में सहयोग तथा वृक्षारोपण जैसे कार्यों से जुड़े हैं। वे जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषक गोष्ठियां भी आयोजित करते हैं।
डॉ. वर्मा की जैविक खेती से जुड़ी उपलब्धियां भी चर्चा में रही हैं। उन्होंने बरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 1.5 किलोग्राम का अमरूद भेंट किया था। ‘ज्ञान सेतु’ जैसी पहल के जरिए उनका प्रयास शिक्षा और सामाजिक सहयोग को एक साथ आगे बढ़ाना है।
रिपोर्ट: सुनील सक्सेना, बरेली
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