Shahrukh Khan को गद्दार कह कर बुरा फंसी BJP, अब Modi के देशद्रोही होने पर उठे सवाल

भाजपा नेता के एक बयान से भारी बवाल मच गया है...जिससे न सिर्फ पूरी भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलें बढ़ गई हैं

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भाजपा नेता के एक बयान से भारी बवाल मच गया है…जिससे न सिर्फ पूरी भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलें बढ़ गई हैं…बल्कि, अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशद्रोही होने पर भी सवाल उठने लगे हैं….तो बीजेपी नेता ने ऐसा क्या दिया बयान जिससे अचानक पीएम मोदी को लेकर देशद्रोह के सवाल….

बीजेपी नेता और पूर्व विधायक संगीत सोम एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं…इस बार उनके निशाने पर हैं बॉलीवुड के किंग खान, यानी शाहरुख खान…दरअसल, मेरठ के दौराला क्षेत्र में आयोजित अटल स्मृति सम्मेलन और मतदाता गहन पुनरीक्षण कार्यशाला के दौरान संगीत सोम ने शाहरुख खान को देश का गद्दार तक कह डाला…उन्होंने आरोप लगाया कि शाहरुख ने IPL में बांग्लादेशी क्रिकेटर को करोड़ों रुपये देकर खरीदा…जिसे उन्होंने देशविरोधी गतिविधि बताया…इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही बवाल मच गया.

तो जैसा कि आपने सुना कि संगीत सोम का कहना था कि शाहरुख़ ख़ान ने IPL में बांग्लादेश के खिलाड़ी को करीब साढ़े नौ करोड़ रुपये में खरीदा और ऐसे लोग देश में रहने के हकदार नहीं हैं…साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि बॉलीवुड और क्रिकेट के जरिए राष्ट्रविरोधी ताकतों को बढ़ावा दिया जा रहा है…लेकिन, सवाल ये है कि क्या किसी विदेशी खिलाड़ी को IPL में खरीदना देशद्रोह है?…अगर ऐसा है, तो फिर IPL में खेल रहे दर्जनों विदेशी खिलाड़ियों पर भी यही आरोप क्यों नहीं?…यहां सबसे बड़ा और बुनियादी सवाल उठता है कि…..IPL आखिर है किसका?

IPL भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI के तहत चलता है…..जिसे भारत सरकार की मंज़ूरी प्राप्त है….IPL में खिलाड़ियों की नीलामी होती है….नियम तय होते हैं और हर फ्रेंचाइज़ी उन्हीं नियमों के दायरे में खिलाड़ियों को खरीदती है….शाहरुख ख़ान की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) भी इसी सिस्टम के तहत काम करती है…अगर किसी बांग्लादेशी या किसी भी विदेशी खिलाड़ी को खरीदना गलत था…तो BCCI ने इसकी अनुमति क्यों दी?….

यही नहीं संगीत सोम के बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक और सवाल गूंजने लगा कि ICC का चेयरमैन कौन है?…..ICC के वर्तमान अध्यक्ष तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह हैं….ICC यानी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के मौजूदा चेयरमैन भारत से हैं और भारत का क्रिकेट प्रशासन वैश्विक क्रिकेट में सबसे ताकतवर माना जाता है….अगर विदेशी खिलाड़ियों की मौजूदगी देश के खिलाफ है…तो ICC के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट रिश्तों को कौन चला रहा है?…क्या ये भी देशद्रोह की श्रेणी में आएगा?….और सबसे बड़ा सवाल ये की क्या जय शाह भी देशद्रोही कहलाए जाएंगे?

यही वो सवाल है जिसने बीजेपी को बैकफुट पर ला दिया…..क्योकि, सरकार केंद्र में बीजेपी की है…..अगर बांग्लादेशी या किसी भी विदेशी खिलाड़ी को IPL में शामिल करना देशविरोधी है…..तो सरकार इसे रोक क्यों नहीं देती?….कानून बनाइए, नियम बदलिए, IPL बंद कराइए या विदेशी खिलाड़ियों की एंट्री पर पाबंदी लगाइए….लेकिन दोस्तों, ऐसा नहीं होगा…..क्योंकि तब भाजपाईयों की ये कथित नफरत की राजनीति कैसे चलेगी?…….

हालांकि, ये कोई पहली बार नहीं है जब किसी फिल्म स्टार या खिलाड़ी को देशद्रोही कहकर निशाना बनाया गया हो…जब भी चुनाव नजदीक आते हैं या किसी मुद्दे से ध्यान भटकाना होता है….तब ऐसे बयान सामने आते हैं….शाहरुख़ ख़ान पहले भी असहिष्णुता पर बयान देने के बाद ट्रोलिंग और धमकियों का सामना कर चुके हैं…..ऐसे में सवाल ये है कि क्या देशभक्ति का सर्टिफिकेट अब कुछ नेता बांटेंगे?

इस पूरे विवाद में कांग्रेस की ओर से कांग्रेस नेता और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा….विदेशी खिलाड़ी आईपीएल टूर्नामेंट में इसलिए भाग लेते हैं क्योंकि BCCI या IPL उन्हें अनुमति देता है….खड़गे ने आगे लिखा कि….भाजपा और उनका विचार परिवार RSS IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ी को शामिल किए जाने पर भड़क रहा है….अगर कोई विदेशी खिलाड़ी IPL में है, तो यह BCCI या IPL के नियमों के कारण ही है….फ्रेंचाइजी को दोष देने के बजाय, भाजपा नेताओं को ये पूछना चाहिए कि BCCI बांग्लादेशी खिलाड़ियों को IPL में भाग लेने की अनुमति क्यों दे रहा है…जबकि उन्हें इस पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए?….

वहीं आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह की एंट्री ने सियासी तापमान और भी ज्यादा बढ़ा दिया….संजय सिंह ने सीधा सवाल किया कि…..अगर बांग्लादेशी खिलाड़ी रखने पर शाहरुख़ ख़ान देशद्रोही हैं…..तो फिर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से करीबी रिश्ते रखने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्या कहा जाएगा?…….दोस्तों, भारत और बांग्लादेश के रिश्ते किसी से छुपे नहीं हैं…..दोनों देशों के बीच व्यापार, बिजली सप्लाई, इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा को लेकर कई समझौते हैं……भारत बांग्लादेश को बिजली सप्लाई करता है…..भारतीय कंपनियां वहां निवेश कर रही हैं….खुद प्रधानमंत्री मोदी और शेख़ हसीना के रिश्तों को सरकार मजबूत और रणनीतिक बताती रही है…..तो क्या ये रिश्ते भी देशद्रोह की कैटेगरी में आएंगे?….

अब इस पूरे विवाद ने बीजेपी को इसलिए मुश्किल में डाल दिया…क्योंकि जिस देशद्रोह के आरोप से वो विपक्ष और आलोचकों को घेरती रही है….वही आरोप अब पलटकर सरकार और प्रधानमंत्री पर सवाल खड़े कर रहा है….अगर एक बांग्लादेशी खिलाड़ी देशविरोधी है….तो फिर बांग्लादेश के साथ कूटनीतिक, आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों को क्या कहा जाए?……..देखिए, देशद्रोह कोई हल्का शब्द नहीं है…..भारतीय कानून में देशद्रोह की परिभाषा बहुत गंभीर है……किसी व्यक्ति को सिर्फ विदेशी खिलाड़ी खरीदने, फिल्म करने या बयान देने पर देशद्रोही या गद्दार नहीं कहा जा सकता….सुप्रीम कोर्ट भी कई बार कह चुका है कि असहमति और आलोचना देशद्रोह नहीं है…..फिर राजनीतिक मंचों से इस शब्द का इतना हल्का इस्तेमाल क्यों?…….

वहीं अभी तक शाहरुख खान ने इस पूरे विवाद पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है….हालांकि, अक्सर ऐसा देखा गया है कि वो ऐसे बयानों पर चुप रहना ही बेहतर समझते हैं….लेकिन उनकी चुप्पी को कमजोरी समझना भी बड़ी भूल हो सकती है….क्योंकि जनता अब सवाल पूछ रही है कि देशद्रोही कौन है और क्यों?……इसे लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान अक्सर चुनावी माहौल में दिए जाते हैं…ताकि भावनात्मक मुद्दों के जरिए ध्रुवीकरण किया जा सके……रोजगार, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे असली मुद्दों से ध्यान हटाकर देशभक्ति के नाम पर बहस खड़ी की जाती है…..

वहीं इस पूरे मामले ने बीजेपी को सवालों के घेरे में ला दिया है…अब असली सवाल ये नहीं है कि शाहरुख ख़ान ने किस खिलाड़ी को खरीदा…असली सवाल ये है कि क्या देशभक्ति का मतलब सिर्फ नफरत करना रह गया है?…क्या सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वाला या किसी वैश्विक मंच पर काम करने वाला हर शख़्स देशद्रोही है?….

शाहरुख ख़ान को गद्दार कहकर बीजेपी इस बार खुद सवालों के घेरे में आ गई है….संगीत सोम का बयान अब पार्टी और सरकार दोनों के लिए सिरदर्द बन चुका है…क्योंकि जिस तर्क से शाहरुख को घेरा गया…उसी तर्क से अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सरकार की विदेश नीति और बड़े उद्योगपतियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं…..क्योंकि, देशभक्ति किसी एक पार्टी, नेता या विचारधारा की नहीं है…देशद्रोह जैसे गंभीर शब्दों का इस्तेमाल सोच-समझकर होना चाहिए…वरना आज निशाने पर शाहरुख ख़ान हैं….कल कोई और होगा…

ऐसे में सवाल यही है कि…क्या देश इस तरह की राजनीति से मजबूत होगा या कमजोर?……और अगर बांग्लादेशी क्रिकेटर को करोड़ों रुपये देकर खरीदने से शाहरुख खान गद्दार कहलाए जाएंगे…तो ICC के चेयरमैन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह को क्या कहा जाएगा?…..और शेख हसीना से करीबी रिश्ते रखने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्या कहा जाएगा?

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