BJP के नए जिला प्रभारी बनते ही क्यों उठे सवाल? शिक्षक की नौकरी और राजनीति के दोहरे दायित्व पर बहस
भाजपा के सुल्तानपुर जिला प्रभारी बनाए गए बृजभूषण सिंह को लेकर मिर्जापुर में सवाल उठ रहे हैं। शिक्षक पद और राजनीतिक जिम्मेदारी साथ निभाने को लेकर बहस तेज है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने संगठन में जिला प्रभारियों की नई जिम्मेदारियां तय की हैं। सुल्तानपुर की जिम्मेदारी मिर्जापुर के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष बृजभूषण सिंह को दी गई है। नियुक्ति के बाद मिर्जापुर में उनके कथित शिक्षण कार्य और राजनीतिक दायित्व को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
सुल्तानपुर प्रभारी बनाए जाने के बाद चर्चा तेज
भाजपा की ओर से जारी संगठनात्मक बदलाव में बृजभूषण सिंह को सुल्तानपुर का जिला प्रभारी बनाया गया है। पार्टी के सुल्तानपुर जिलाध्यक्ष सुशील कुमार त्रिपाठी के मुताबिक, मिर्जापुर में उनके पूर्व संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए यह जिम्मेदारी दी गई है।
इसके बाद स्थानीय स्तर पर उनके शिक्षक पद के साथ राजनीतिक जिम्मेदारी निभाने को लेकर चर्चा शुरू हुई है। सवाल उठाया जा रहा है कि दोनों दायित्वों के बीच समय और जिम्मेदारी का संतुलन किस तरह बनाया जाएगा।
पुराने राजनीतिक कार्यकाल को लेकर भी सवाल
बृजभूषण सिंह पहले मिर्जापुर भाजपा जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। वर्ष 2023 में उन्हें लगातार तीसरी बार जिलाध्यक्ष बनाए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई थी।
अब कुछ स्थानीय लोगों और पार्टी से जुड़े पुराने कार्यकर्ताओं के हवाले से यह सवाल उठाया जा रहा है कि शिक्षण और संगठनात्मक जिम्मेदारियों का निर्वहन एक साथ किस तरह होगा। हालांकि, इन आपत्तियों और आरोपों पर बृजभूषण सिंह का पक्ष इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं है।
राजनीतिक जिम्मेदारी बनाम शिक्षण कार्य की बहस
मामला अब केवल संगठनात्मक नियुक्ति तक सीमित नहीं रह गया है। स्थानीय स्तर पर यह बहस भी है कि यदि कोई व्यक्ति नियमित शिक्षण कार्य से जुड़ा है और साथ ही दूसरे जिले में पार्टी का महत्वपूर्ण दायित्व संभालता है, तो दोनों जिम्मेदारियों के लिए समय और संस्थागत अनुमति की स्थिति क्या है।
फिलहाल भाजपा ने नियुक्ति का आधार उनके संगठनात्मक अनुभव को बताया है। शिक्षण पद और राजनीतिक जिम्मेदारी से जुड़े नियमों तथा उनकी वास्तविक कार्यस्थिति पर संबंधित विभाग या स्वयं बृजभूषण सिंह की स्पष्ट जानकारी सामने आने के बाद तस्वीर और साफ हो सकती है।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरी, मिर्ज़ापुर
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