आसाराम के आश्रम पर चलेगा बुलडोजर, 500 करोड़ की सरकारी जमीन पर निर्माण का आरोप

अहमदाबाद में आसाराम के आश्रम पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी है..... आरोप है कि यह निर्माण करीब 500 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः अहमदाबाद नगर निगम मोटेरा आसाराम आश्रम के अवैध निर्माणों को गिराने की तैयारी में है.. बता दें यह फैसला अवैध कब्जे और निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का हिस्सा है.. अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने इंपैक्ट फीस के जरिए 32 अनधिकृत ढांचों को नियमित करने की याचिका को खारिज कर दिया है.. यह कदम सरदार पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव की योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए उठाया गया है.. जो नरेंद्र मोदी स्टेडियम के आसपास बड़े खेल बुनियादी ढांचे का विकास करेगा.. वहीं मामला अब अपीलीय अथॉरिटी में लंबित है.. भूमि की कीमत लगभग 500 करोड़ रुपये आंकी गई है..

मोटेरा में संत श्री आसारामजी बापू का आश्रम कई दशकों पुराना है.. लगभग 40 साल पहले राज्य सरकार ने आश्रम को करीब 33,980 वर्ग मीटर जमीन आवंटित की थी.. यह जमीन साबरमती नदी किनारे, नरेंद्र मोदी स्टेडियम के पास है.. आश्रम शुरू में छोटा था.. इसमें ध्यान, योग, शिक्षा और सामाजिक सेवा के काम होते थे.. स्कूल, चिकित्सा शिविर और गरीबों की मदद के कार्यक्रम चलते थे..

वहीं समय के साथ आश्रम का विस्तार हुआ.. सर्वे के मुताबिक अब आश्रम 49,758 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है.. इसमें 15,778 वर्ग मीटर अतिरिक्त कब्जा है.. यह अतिरिक्त जमीन तीन हिस्सों में बंटी है.. सर्वे नंबर 282-A.. 6,489 वर्ग मीटर.. गांव तालाब की जमीन.. 3,185 वर्ग मीटर और साबरमती नदी की जमीन.. 6,104 वर्ग मीटर.. जानकारी के मुताबिक ये अतिरिक्त हिस्से सरकारी या सार्वजनिक जमीन पर हैं.. आश्रम ने इन पर भवन, कमरे या अन्य संरचनाएं बना ली.. AMC के वेस्ट जोन अधिकारी कहते हैं कि मूल आवंटन की शर्तों का उल्लंघन हुआ है.. और निर्माण गैरकानूनी तरीके से किए गए..

2018 में आसाराम बापू को बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया गया.. वे जेल में हैं.. इस फैसले के बाद आश्रमों पर कानूनी दबाव बढ़ा.. मोटेरा आश्रम सहित कई जगहों पर अवैध निर्माणों के खिलाफ नोटिस जारी हुए.. 2021 में आश्रम के कब्जे से 55 करोड़ रुपये की एक जमीन मुक्त कराई गई.. 2023 से AMC नियमित रूप से नोटिस दे रहा है.. 2024 में गुजरात हाईकोर्ट ने आश्रम ट्रस्ट की एक अपील खारिज की थी.. जिसको लेकर आश्रम पक्ष कहता है कि वे सामाजिक काम कर रहे हैं.. हजारों लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक मार्गदर्शन मिलता है.. लेकिन अधिकारियों का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है.. सरकारी जमीन पर बिना अनुमति निर्माण नहीं चल सकता है..

आपको बता दें कि AMC ने अक्टूबर 2025 में 32 अवैध संरचनाओं को इंपैक्ट फीस देकर नियमित करने की याचिका ठुकरा दी.. इंपैक्ट फीस एक प्रावधान है जिसमें शहर के विकास पर पड़ने वाले बोझ के लिए अतिरिक्त फीस देकर कुछ अनधिकृत निर्माणों को मंजूरी मिल सकती है.. लेकिन इस जमीन पर लागू नहीं होता क्योंकि यह सरकारी आवंटित है.. नियम कहते हैं कि ऐसी जमीन पर अवैध ढांचों को नियमित नहीं किया जा सकता..

आश्रम ने अपीलीय अथॉरिटी में अपील की.. मामला अभी वहीं लंबित है.. 21-22 जनवरी 2026 के आसपास AMC की लीगल कमेटी की बैठक हुई.. चेयरमैन प्रकाश गुर्जर ने बताया कि एस्टेट विभाग ने 32 संरचनाओं को गिराने के नोटिस जारी किए हैं.. कमेटी ने एक वकील नियुक्त किया.. और निर्देश दिया कि अपील का जल्द निपटारा हो.. जिसको लेकर गुर्जर ने कहा कि हमने वकील नियुक्त कर दिया है.. और मामले को बिना देरी के निपटाने के लिए तेजी से काम करने को कहा है..

वेस्ट जोन अधिकारी ने पुष्टि की कि मूल जमीन सरकारी है.. अतिरिक्त कब्जा गैरकानूनी है.. नोटिस पहले 2023 में भी दिए गए थे.. अब फेज II के काम के लिए सख्ती बढ़ाई गई है.. नरेंद्र मोदी स्टेडियम दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है.. यह मोटेरा में साबरमती नदी के किनारे है.. AMC और गुजरात सरकार यहां बड़े खेल केंद्र बनाने की योजना बना रही है.. जिसका नाम सरदार पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव है..

यह एन्क्लेव कई खेल सुविधाएं लाएगा.. जिसमें इनडोर-आउटडोर स्टेडियम, ट्रेनिंग सेंटर, स्विमिंग पूल, एथलेटिक्स ट्रैक, खिलाड़ियों के लिए आवास शामिल है.. जिसका कुल क्षेत्रफल करीब 650 एकड़ है.. इसमें स्टेडियम के आसपास 280 एकड़ स्पोर्ट्स एन्क्लेव.. साबरमती रिवरफ्रंट पर 50 एकड़.. भाट और सुघड़ इलाकों में 240 एकड़ ओलंपिक विलेज.. सहित अन्य खेल सुविधाएं शामिल है..

जानकारी के अनुसार मास्टर प्लान तैयार हो रहा है.. अंतरराष्ट्रीय कंपनी पॉपुलस इसे डिजाइन कर रही है.. वेस्ट जोन ने अवैध निर्माण हटाने के नोटिस दिए हैं.. फेज II में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का विस्तार होगा.. वहीं इस योजना का मकसद अहमदाबाद को खेल हब बनाना है.. इससे रोजगार बढ़ेगा, पर्यटन आएगा और शहर की छवि सुधरेगी.. स्टेडियम पहले से ही अंतरराष्ट्रीय मैच होस्ट करता है.. एन्क्लेव इसे और मजबूत करेगा..

भारत 2036 समर ओलंपिक्स होस्ट करने की बोली लगा रहा है.. अहमदाबाद-गांधीनगर क्षेत्र मजबूत दावेदार हैं.. नरेंद्र मोदी स्टेडियम पहले से तैयार है.. आसपास की जमीन विकसित करने से ओलंपिक विलेज, मीडिया सेंटर, खिलाड़ी आवास.. और अन्य सुविधाएं बनाई जा सकेंगी.. मार्च 2025 की रिपोर्ट्स में बताया गया कि तीन आश्रमों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी.. जिसमें संत श्री आसाराम आश्रम (मोटेरा).. भारतीय सेवा समाज.. सदाशिव प्रज्ञा मंडल.. शामिल है..

जानकारी के मुताबिक एक तीन सदस्यीय कमेटी (AMC कमिश्नर, अहमदाबाद कलेक्टर, AUDA CEO) इस पर काम कर रही है.. सीएम भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में 20 फरवरी 2025 को बैठक हुई.. जिसमें फैसला हुआ कि AMC विस्थापन करेगा.. जिसके बदले वैकल्पिक जमीन या मुआवजा दिया जाएगा.. कुछ ट्रस्टों ने मौजूदा जगह पर कुछ संरचनाएं रखने की मांग की है.. मास्टर प्लान में अगर वे सहयोग करें तो समायोजन हो सकता है.. कुल 650 एकड़ में से आश्रमों की जमीन महत्वपूर्ण हिस्सा है.. मोटेरा की जमीन स्टेडियम से सटी है.. अधिग्रहण से खेल गांव और एन्क्लेव बनेंगे.. कुछ रिपोर्ट्स में कॉमनवेल्थ गेम्स का भी जिक्र है.. जो ओलंपिक्स से पहले ट्रायल के रूप में काम कर सकता है..

AUDA ने कहा कि राज्य द्वारा लीज पर दी गई जमीन वापस ली जाएगी.. निजी प्लॉट TP स्कीम से अधिग्रहित होंगे.. प्रारंभिक मास्टर प्लान तैयार है.. वहीं इसमें केवल आश्रम नहीं, आसपास के इलाके भी प्रभावित होंगे.. जिसमें शिवनगर, वंजारा वास (रिहायशी बस्तियां) शामिल है.. AMC इनके निवासियों को स्थानांतरित करेगा.. जिसमें कुल 150 से ज्यादा संपत्तियां प्रभावित हो सकती हैं.. वहीं आश्रमों को वैकल्पिक जगह मिलने की उम्मीद है.. सदाशिव प्रज्ञा मंडल ने कुछ संरचनाएं रखने की अपील की है..

 

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