चैतर वसावा की पहल लाई रंग, मजदूरों के आगे झुकी नाइट्रेक्स कंपनी,13 में 11 मांगें मानी
झगड़िया GIDC स्थित नाइट्रेक्स केमिकल इंडिया लिमिटेड में मजदूरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का सुखद समाधान हो गया है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात के भरूच जिले में स्थित झगड़िया गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन इलाके में नाइट्रेक्स केमिकल्स इंडिया लिमिटेड कंपनी के मजदूरों ने.. अपनी मांगों को लेकर पिछले 24 घंटों से अनिश्चितकालीन धरना दिया था.. यह धरना कंपनी के गेट के पास शुरू हुआ था.. और मजदूरों की 13 प्रमुख मांगें थी.. इन मांगों में वेतन वृद्धि, स्थायी रोजगार, पीएफ, ग्रेच्युटी.. और अन्य कानूनी लाभ शामिल थे.. लेकिन अच्छी खबर यह है कि कंपनी प्रबंधन के साथ हुई मीटिंग में 13 में से 11 मांगें मान ली गई हैं.. कंपनी के एचआर हेड, सीईओ और यूनिट मैनेजरों ने मजदूरों को आश्वासन दिया है कि.. इन मांगों पर तुरंत अमल किया जाएगा..
वहीं इस घटना ने मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई में एक नई मिसाल कायम की है.. यह पूरी घटना मजदूरों के हक की जीत है.. चैतर वसावा ने मजदूरों के साथ कंपनी गेट पर धरना दिया.. और उनकी मांगों को कंपनी के सामने रखा.. मीटिंग में कंपनी के सीईओ, एचआर हेड और यूनिट मैनेजरों ने भाग लिया.. मजदूरों को आश्वासन दिया गया कि हड़ताल करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी.. और भविष्य में ऐसी स्थिति न आए.. इस सफलता पर मजदूरों, समर्थकों और चैतर वसावा ने सभी का आभार जताया..
आपको बता दें कि नाइट्रेक्स केमिकल्स इंडिया लिमिटेड एक रासायनिक उत्पादन कंपनी है.. जो गुजरात के झगड़िया जीआईडीसी में स्थित है.. यह कंपनी विभिन्न प्रकार के केमिकल्स बनाती है.. जिसमें नाइट्रोजन आधारित उत्पाद, उर्वरक और अन्य औद्योगिक रसायन शामिल है.. जीआईडीसी गुजरात का एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है.. जहां सैकड़ों कंपनियां काम करती हैं.. और हजारों मजदूर रोजगार पाते हैं.. झगड़िया जीआईडीसी भरूच जिले में है.. जो गुजरात के दक्षिणी हिस्से में स्थित है.. यहां की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से उद्योगों पर निर्भर है..
कंपनी की स्थापना कुछ साल पहले हुई थी और यह तेजी से बढ़ रही है.. लेकिन हाल के वर्षों में यहां मजदूरों की शिकायतें बढ़ी हैं.. जानकारी के अनुसार दिसंबर 2025 में इसी इलाके में एक अन्य केमिकल कंपनी नाइट्रैक्स में विस्फोट हुआ था.. जिसमें एक मजदूर की मौत हो गई थी.. और दूसरा घायल हुआ था.. इससे इलाके में सुरक्षा और मजदूर अधिकारों पर सवाल उठे थे.. नाइट्रेक्स केमिकल्स भी इसी तरह के उद्योग में है.. इसलिए मजदूरों की मांगें सुरक्षा, वेतन और स्थायी रोजगार से जुड़ी हुई हैं..
कंपनी के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है.. लेकिन उपलब्ध स्रोतों से पता चलता है कि यह कंपनी स्थानीय स्तर पर कई मजदूरों को रोजगार देती है.. जिसमें मजदूर ज्यादातर स्थानीय हैं.. और लंबे समय से कंपनी में काम कर रहे हैं.. उनकी मुख्य समस्या अनुबंध आधारित रोजगार है.. जिसमें स्थायी नौकरी की गारंटी नहीं होती… भारत में ऐसे कई उद्योग हैं.. जहां मजदूरों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखा जाता है.. जिससे उनके अधिकार सीमित हो जाते हैं..
आपको बता दें कि मजदूरों का धरना 5 जनवरी 2026 को शुरू हुआ.. वे कंपनी के गेट के पास बैठे थे.. और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे.. उनकी 13 मांगें कंपनी प्रबंधन के सामने रखी गई थीं.. जिसमें वेतन वृद्धि.. सीनियरिटी के आधार पर वेतन बढ़ाना, यानी जितने साल काम किया, उतनी ज्यादा बढ़ोतरी.. स्थायी रोजगार.. वर्षों से काम कर रहे मजदूरों को कंपनी का स्थायी कर्मचारी बनाना.. पीएफ और ग्रेच्युटी.. भविष्य निधि और ग्रेच्युटी के लाभ देना, जो कानूनी रूप से जरूरी हैं.. सुरक्षा उपकरण.. काम के दौरान बेहतर सुरक्षा गियर और बीमा कवर.. काम के घंटे.. ज्यादा काम के दबाव को कम करना और ओवरटाइम का उचित भुगतान मिलना.. छुट्टियां और अवकाश.. बीमारी और अन्य छुट्टियों का अधिकार.. साफ-सफाई और सुविधाएं.. फैक्ट्री में बेहतर सफाई और पानी-शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं शामिल हो…
प्रताड़ना रोकना.. हड़ताल करने वालों को कोई सजा न देना.. यूनियन अधिकार.. मजदूर यूनियन को मान्यता देना.. मेडिकल सुविधाएं.. स्वास्थ्य जांच और इलाज की व्यवस्था.. बोनस और भत्ते.. सालाना बोनस और अन्य भत्ते दिए जाने की मांग.. ट्रेनिंग.. काम की ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट किया जाए.. जिससे मजदूरों का विकास हो.. अन्य कानूनी लाभ.. जिसमें न्यूनतम वेतन कानून और अन्य श्रम कानूनों का पालन किया जाना चाहिए.. सामिल था..
वहीं ये मांगें मजदूरों की रोजमर्रा की समस्याओं से जुड़ी हैं.. भारत में श्रम कानूनों के अनुसार, कंपनियों को ये लाभ देने होते हैं.. लेकिन कई जगहों पर इन्हें नजरअंदाज किया जाता है.. एक्स पर पोस्ट्स से पता चलता है कि मजदूरों ने इन मांगों को लेकर धरना शुरू किया था.. आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वासवा ने मजदूरों का समर्थन किया.. और खुद धरने पर बैठे.. उनके पोस्ट में लिखा है कि झगड़िया GIDC की नाइट्रेक्स कंपनी के वर्करो के साथ उनकी अलग-अलग मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं.. धरना तब तक चलेगा जब तक वर्करों की सैलरी समेत सभी मांगें और मुद्दे हल नहीं हो जाते..
चैतर वासवा देडियापाड़ा विधानसभा से एएपी विधायक हैं.. और वे सामाजिक कार्यकर्ता हैं.. और उन्होंने रात भर धरने पर रहने का वादा किया था.. अन्य पोस्ट्स में भी एएपी गुजरात ने इस धरने का समर्थन किया है.. इससे पता चलता है कि यह धरना राजनीतिक समर्थन भी पा रहा था.. धरना 5 जनवरी 2026 की सुबह शुरू हुआ.. मजदूर कंपनी के गेट पर इकट्ठा हुए और नारे लगाने लगे.. वे शांतिपूर्ण तरीके से बैठे थे.. पुलिस भी मौके पर थी, लेकिन कोई हिंसा नहीं हुई..


